Jamtara Mastermind Arrested: हाथरस जिले की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने सस्ते सीमेंट और सरिया बेचने का झांसा देकर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय साइबर अपराध गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह का मास्टरमाइंड झारखंड के कुख्यात जामताड़ा क्षेत्र का निवासी है, जो साइबर अपराधों के लिए जाना जाता है। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 15 स्मार्टफोन, 26 सिम कार्ड, 14 पैन कार्ड, 24 आधार कार्ड, 13 एटीएम कार्ड और ठगी से अर्जित 1 लाख रुपये बरामद किए।
जामताड़ा: साइबर अपराध की राजधानी
झारखंड के जामताड़ा क्षेत्र को देश की साइबर क्राइम कैपिटल कहा जाता है। 2004-05 में यहां ऑनलाइन ठगी के अपराध शुरू हुए। यहां के अपराधी सस्ते स्मार्टफोन और तकनीक का इस्तेमाल कर फर्जी कॉल्स और विज्ञापन के जरिए लोगों को ठगते हैं। जामताड़ा के कर्माटांड़ इलाके में अपराधी बड़ी संख्या में सक्रिय हैं और देशभर में ठगी का नेटवर्क फैलाए हुए हैं

गिरोह का तरीका और खुलासा
गिरोह सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर सस्ते सामान के फर्जी विज्ञापन डालता था। जैसे ही कोई ग्राहक संपर्क करता, उन्हें सस्ते दामों पर सामान देने का झांसा देकर एडवांस में पैसे जमा कराए जाते थे। ठगी का यह मामला हाथरस निवासी बनवारीलाल की शिकायत से उजागर हुआ, जिन्होंने गूगल पर सस्ते सीमेंट और सरिया का डिस्ट्रीब्यूटर खोजते समय ठगी का शिकार होने की जानकारी दी।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक निपुण अग्रवाल के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर गिरोह को ट्रैक किया। गिरोह पिछले छह महीने से हरियाणा के कुंडली क्षेत्र में सक्रिय था। पुलिस ने चार आरोपियों को हाथरस के हतीसा पुल के पास से गिरफ्तार किया। पूछताछ में मास्टरमाइंड प्रिंस ने खुलासा किया कि वह जामताड़ा में साइबर ठगी के गुर सीखकर अपराध कर रहा था
अधिकारियों का बयान
पुलिस अधीक्षक निपुण अग्रवाल ने टीम की सराहना करते हुए उन्हें 25,000 रुपये का इनाम दिया। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि ऑनलाइन लेनदेन के दौरान सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी साइबर क्राइम पोर्टल पर दें
यह कार्रवाई न केवल साइबर अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में मील का पत्थर है, बल्कि जामताड़ा जैसे कुख्यात क्षेत्रों के खिलाफ संगठित प्रयासों की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।
Report -: Sunil Kumar