मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नई सौगात: कलाकारों को पेंशन, सीता जन्मभूमि को अयोध्या जैसा रूप, युवाओं को इंटर्नशिप भत्ता
“संस्कृति, सम्मान और रोजगार – अब बदलेगा बिहार!”
पटना | रॉकेट पोस्ट लाइव डेस्क
बिहार सरकार ने मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में एक के बाद एक बड़े और जनहितकारी फैसले लिए। कला, संस्कृति, युवाओं और पर्यटन के क्षेत्र में ऐतिहासिक योजनाओं को मंजूरी दी गई है, जो एक ओर जहाँ राज्य की पहचान को मजबूती देंगी, वहीं दूसरी ओर युवाओं और कलाकारों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी को भी राहत देंगी।
“मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना” – बुजुर्ग कलाकारों को मिलेगा मान-सम्मान
बिहार की धरोहर को जीवन भर अपने हुनर से संवारने वाले वरिष्ठ और आर्थिक संकट से जूझ रहे कलाकारों को अब सरकार हर महीने ₹3000 पेंशन देगी।
सरकार का उद्देश्य है कि ऐसे उत्कृष्ट कलाकार, जिनका योगदान आज भी संस्कृति को जीवित रखे हुए है, भूलाए न जाएं, बल्कि उन्हें समाज में यथोचित सम्मान मिले।
🎨 “यह सिर्फ पेंशन नहीं, संस्कृति के सच्चे सिपाहियों को सैल्यूट है!”
“बिहार गुरु-शिष्य परंपरा योजना” – विलुप्त होती कलाओं को मिलेगा नया जीवन
बिहार की विलुप्त होती लोककलाएं – चाहे वह मधुबनी, लौकिया, नटुआ नाच, भिखारी ठाकुर की लोककला हो या लोक वादन-गायन, अब लुप्त नहीं होंगी।
सरकार ने “मुख्यमंत्री बिहार गुरु-शिष्य परंपरा योजना” को मंजूरी देते हुए 1.11 करोड़ रुपये का बजट तय किया है।
इस योजना के अंतर्गत वरिष्ठ कलाकार अपने शिष्यों को प्रशिक्षण देंगे, जिससे न केवल कला बचेगी, बल्कि रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे।
“पुनौरा धाम बनेगा नया अयोध्या” – मां सीता के जन्मस्थल का होगा भव्य विकास
सभी धार्मिक आस्थाओं के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए सरकार ने मां सीता के जन्मस्थान पुनौरा धाम (सीतामढ़ी) को श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या की तर्ज पर विकसित करने के लिए 882 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
यह निर्णय बिहार के धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक गरिमा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत करेगा।
“मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना” – युवाओं को इंटर्नशिप और करियर में मिलेगा बूस्ट
बिहार सरकार अब युवाओं के भविष्य को लेकर भी सक्रिय हुई है। नई योजना मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना के अंतर्गत युवाओं को न केवल प्रशिक्षण, कौशल और नेतृत्व से जोड़ा जाएगा, बल्कि उन्हें इंटर्नशिप भत्ता भी दिया जाएगा।
भत्ते की राशि:
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12वीं पास – ₹4000 प्रति माह
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ITI/डिप्लोमा – ₹5000 प्रति माह
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स्नातक – ₹6000 प्रति माह
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अजीविका मिशन से जुड़े छात्रों को:
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गृह जिले में – ₹2000
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राज्य से बाहर – ₹5000 (तीन महीने तक)
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💬 “अब बिहार का युवा सिर्फ पढ़ेगा नहीं, कमाएगा भी!”
फैसलों की कुल संख्या – 24 एजेंडा पर लगी मुहर
राज्य सरकार ने इस बैठक में कुल 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण उपरोक्त चार योजनाएं रहीं। इसके अलावा सरकार अन्य विकास, प्रशासनिक और संरचनात्मक मुद्दों पर भी गंभीर रही।
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