Mainpuri: एक ही गांव में सैकड़ों लोग बीमार, स्वास्थ्य विभाग ने डाला डेरा
मैनपुरी जनपद के बरनाहल विकासखंड क्षेत्र के पैरार शाहपुर गांव में पिछले कुछ दिनों से बीमारी का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है। अचानक बड़ी संख्या में ग्रामीण बुखार की चपेट में आ गए, जिससे पूरे गांव में दहशत फैल गई। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में करीब ढाई से तीन सौ लोग बीमार पड़े हैं। कई लोग निजी अस्पतालों में भर्ती हैं तो कई घरों पर ही दवाइयाँ खाकर इलाज करा रहे हैं। इस स्थिति ने गांव को एक अस्थायी अस्पताल में बदल दिया है।
Mainpuri:बीमारी फैलने से गांव में दहशत का माहौल
गांव के बुजुर्गों से लेकर युवाओं और महिलाओं तक में बुखार की शिकायत है। कई लोग बुखार से उबर चुके हैं, लेकिन बड़ी संख्या में ग्रामीण अब भी बीमार हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निजी पैथोलॉजी जांच में डेंगू की पुष्टि हो रही है, जबकि स्वास्थ्य विभाग इसे केवल वायरल फीवर बता रहा है। इसी विरोधाभास ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।
गांव के निवासी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि वे स्वयं भी तेज बुखार की चपेट में आए थे। निजी डॉक्टर ने उन्हें डेंगू के साथ शुगर और ब्लड प्रेशर की समस्या बताई थी। इलाज के बाद वे धीरे-धीरे ठीक हुए, लेकिन उन्होंने कहा कि गांव में ऐसी बीमारी पहले कभी नहीं फैली। उनके अनुसार, हाल ही में उनके मोहल्ले की एक महिला की हालत बिगड़ने पर उसे इटावा के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि एक अन्य महिला की बुखार से मृत्यु भी हो चुकी है।
Mainpuri:गंदगी और अव्यवस्था सेबिगड़े हालात
ग्रामीणों ने बीमारी फैलने की बड़ी वजह गांव में फैली गंदगी और जलभराव को बताया है। गलियों में नालियाँ जाम पड़ी हैं और कीचड़ भरा है। कचरा उठाने की उचित व्यवस्था न होने से बीमारी फैलने का खतरा और बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि साफ-सफाई और फॉगिंग जैसे उपाय समय पर नहीं किए गए, जिसकी वजह से यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
Mainpuri:प्रशासनिक प्रतिक्रिया
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में डेरा डाले हुए है। डॉक्टरों की टीमें लगातार कैंप लगाकर मरीजों की जांच और उपचार कर रही हैं। दवाइयों का वितरण किया जा रहा है और लोगों को साफ-सफाई व मच्छरों से बचाव के उपाय बताकर जागरूक किया जा रहा है।
विकासखंड अधिकारी राजेश मिश्रा ने बताया कि गांव में नालियों की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन बाद में ग्रामीणों द्वारा उन्हें बंद कर दिए जाने से जलभराव की समस्या पैदा हुई। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच की है और अब तक डेंगू का कोई सरकारी केस सामने नहीं आया है। सभी मरीजों में सामान्य वायरल फीवर ही पाया गया है।
जिला चिकित्सा अधिकारी ने भी स्पष्ट किया कि गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार कैंप लगाकर मरीजों को देख रही है। दवाइयाँ मुफ्त में दी जा रही हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। जब तक बीमारी पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो जाती, टीम गांव में मौजूद रहेगी।
विश्लेषण
पैरार शाहपुर गांव में फैली यह बीमारी केवल एक स्वास्थ्य संकट नहीं, बल्कि स्थानीय प्रशासनिक और स्वच्छता व्यवस्था की पोल खोलती है। ग्रामीणों का मानना है कि साफ-सफाई के अभाव और नालियों की गंदगी से बीमारी फैली, वहीं स्वास्थ्य विभाग डेंगू की संभावना से इनकार कर रहा है। सच्चाई चाहे जो हो, लेकिन यह स्पष्ट है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों का बीमार होना एक गंभीर चेतावनी है।
गांव में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में लाने के प्रयास जारी हैं। स्वास्थ्य विभाग ने डेरा डालकर इलाज शुरू किया है, लेकिन बीमारी का मूल कारण यानी साफ-सफाई और जलभराव की समस्या तब तक दूर नहीं होगी, जब तक स्थायी समाधान नहीं किया जाता। पैरार शाहपुर की यह स्थिति इस बात का संकेत है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ बुनियादी स्वच्छता की व्यवस्था मजबूत करना बेहद जरूरी है।