गेहूं खरीद केंद्र से फरार प्रभारी पर गिरी गाज! प्रशासन का कड़ा एक्शन, निलंबन से मचा हड़कंप
लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, किसानों के हक पर डाका डालने वालों पर कड़ी कार्रवाई
पीलीभीत जनपद में गेहूं खरीद के दौरान लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर प्रशासन ने बड़ा और सख्त एक्शन लेते हुए साफ संदेश दे दिया है कि अब किसानों के अधिकारों से खिलवाड़ करने वालों की खैर नहीं। जिला प्रशासन की मंशा बिल्कुल स्पष्ट है—किसानों को समय पर समर्थन मूल्य का लाभ मिले और कोई भी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी से भाग न सके।
निरीक्षण में खुली पोल, केंद्र प्रभारी मौके से गायब
जिलाधिकारी पीलीभीत के निर्देश पर सभी क्रय केंद्रों के औचक निरीक्षण का अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 16 अप्रैल 2026 को अपर जिला सहकारी अधिकारी (तहसील कलीनगर) चंद्रिका प्रसाद ने शिवनगर सहकारी संघ लिमिटेड, पूरनपुर मंडी द्वितीय स्थित गेहूं क्रय केंद्र का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जो सच्चाई सामने आई। केंद्र प्रभारी श्री अचल सिंह सुबह 11:50 बजे तक भी मौके पर उपस्थित नहीं मिले। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी ऑनलाइन उपस्थिति भी दर्ज नहीं की थी, जो उनकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
लगातार गायब रहना बना बड़ी वजह, किसानों को हो रही थी भारी परेशानी
जांच में यह भी सामने आया कि केंद्र प्रभारी पिछले कई दिनों से बिना किसी पूर्व सूचना या उचित कारण के लगातार अनुपस्थित चल रहे थे। उनकी इस गैर-जिम्मेदारी का खामियाजा सीधे तौर पर क्षेत्रीय किसानों को भुगतना पड़ रहा था।
किसानों को अपना गेहूं बेचने में भारी असुविधा हो रही थी
केंद्र पर कार्य ठप होने की स्थिति बन गई थी
प्रभारी का मोबाइल भी अधिकतर समय बंद रहता था
यह पूरा रवैया न केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन था, बल्कि किसानों के हितों के साथ खुला खिलवाड़ भी था।
नियमों की खुली अवहेलना, प्रशासन का सख्त रुख
अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से माना कि केंद्र प्रभारी का यह आचरण कर्मचारी नियमावली के सर्वथा विपरीत है। लगातार अनुपस्थित रहना, आदेशों की अनदेखी करना और केंद्र को निष्क्रिय बनाए रखना—ये सभी गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आते हैं।
तत्काल प्रभाव से सस्पेंड
मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता पीलीभीत ने
अचल सिंह (केंद्र प्रभारी, शिवनगर सहकारी संघ लि., पूरनपुर मंडी द्वितीय) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
निलंबन के पीछे मुख्य कारण रहे—
- बिना सूचना लगातार अनुपस्थिति
- क्रय केंद्र को सक्रिय न रखना
- शासन की महत्वपूर्ण न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) योजना के प्रति उदासीनता
- उच्चाधिकारियों के आदेशों का उल्लंघन
किसानों के हित सर्वोपरि, लापरवाहों पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगर किसी भी किसान को गेहूं बेचने में किसी प्रकार की परेशानी होती है, तो संबंधित क्रय केंद्र प्रभारी के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यह कदम सिर्फ एक कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम को चेतावनी है
प्रशासन की प्राथमिकता स्पष्ट—किसानों को बिना बाधा उनका हक दिलाना
जनजागरूकता का संदेश: अब नहीं चलेगी लापरवाही
यह कार्रवाई उन सभी कर्मचारियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो अपनी जिम्मेदारियों को हल्के में लेते हैं। किसानों की मेहनत, पसीना और अधिकार किसी की लापरवाही की भेंट नहीं चढ़ने दिए जाएंगे।
प्रशासन एक्शन मोड में, अब सिस्टम होगा जवाबदेह
पीलीभीत प्रशासन का यह कदम दिखाता है कि अब सरकारी योजनाओं को जमीन पर सही तरीके से लागू कराने के लिए जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है।
किसानों को राहत देने और व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए ऐसे सख्त फैसले आगे भी जारी रहेंगे।