कानपुर। विकास खंड बिधनू के कई गांवों में पिछले कुछ दिनों से वायरल फीवर के मरीज लगातार सामने आ रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. हरिदत्त नेमी ने भैरमपुर और प्राथमिक विद्यालय ढढिया समेत कई गांवों का निरीक्षण किया।
सीएमओ ने दिए यह दिशा निर्देश
निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने मरीजों का हालचाल जाना और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे वायरल बुखार के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाएं ताकि समय पर इलाज मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि महामारी फैलने जैसी स्थिति उत्पन्न होती है तो प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे।
जांच का दिया आदेश
इसी क्रम में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज सचान ने बताया कि हर गांव और हर घर में डॉक्टर भेज पाना संभव नहीं है। इसलिए आरआरटी टीम को डॉ. गौरव त्रिपाठी की देखरेख में गांवों में स्वास्थ्य जांच करने के निर्देश दिए गए। टीम ने मेडिकल कैंप आयोजित कर 41 मरीजों की जांच की और 75 मरीजों को देखा।
राहत की बात यह रही कि जांच में कोई भी मरीज गंभीर या पॉजिटिव नहीं पाया गया। साथ ही, ग्रामीणों को जागरूक किया गया कि दवा मेडिकल स्टोर से न लेकर रजिस्टर्ड डॉक्टर या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से ही लें।
सुनने को मिली यह समस्या
जलभराव इस बीच घारमपुर गांव में सात लोग वायरल फीवर से पीड़ित पाए गए। हालांकि, उनके परिजनों ने बताया कि अब वे काफी हद तक स्वस्थ महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी जानकारी दी कि स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव नहीं पहुंची। वहीं, लगातार बारिश के कारण गांव में जगह-जगह जलभराव देखने को मिला, जिसे ग्राम प्रधान सीढ़ी विश्राम सिंह ने जल्द साफ कराने का आश्वासन दिया।
निरीक्षण के दौरान सीएमओ जब भैरमपुर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर पहुंचे तो वहां ताला लटका मिला। उस केंद्र पर तैनात सीएचओ प्रतीक्षा सचान छुट्टी पर थीं। जबकि बगल के गांव ढढिया में पूरी स्वास्थ्य टीम सक्रिय रूप से जांच और इलाज करती रही।
ग्रामीणों में बढ़ी जागरूकता
सीएमओ की इस कार्रवाई से ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ी है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि सतर्कता और समय पर इलाज ही वायरल बुखार को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।