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Pilibhit: आधी रात से मूसलाधार बारिश ने पीलीभीत को डुबोया, सड़कें बनीं तालाब और घरों में घुसा पानी

Pilibhit: आधी रात से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पीलीभीत शहर को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर की वो सड़कें और चौराहे, जहां कभी पानी का भराव देखने को नहीं मिलता था, इस बार ढाई फीट तक पानी में डूब गए। पूरा शहर मानो नदी में तब्दील हो गया। लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं, बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे और मजदूरों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

सड़कें बनीं तालाब, गाड़ियां बंद

बीती आधी रात से शुरू हुई बारिश ने सुबह तक शहर को जलमग्न कर दिया। पीलीभीत–ठनकपुर स्टेट हाईवे पूरी तरह से पानी में डूब गया। कई जगह बड़ी गाड़ियां पानी में फंसकर बंद हो गईं। स्टेशन रोड के हालात इतने गंभीर हो गए कि लोगों का निकलना लगभग असंभव हो गया। जहाँ कभी रफ्तार से गुजरती गाड़ियां दिखती थीं, वहां अब पानी का सैलाब बहता नजर आ रहा है।

कॉलोनियों और घरों में घुसा पानी

शहर और आसपास की कॉलोनियों में स्थिति सबसे ज्यादा भयावह है। निचले इलाकों के घरों के अंदर तक पानी घुस गया है। रसोईघर, कमरे और आंगन तक पानी में डूब गए। लोगों का घरेलू सामान खराब हो गया है और घरों में घुटनों तक पानी भर जाने से लोग मानो बाढ़ पीड़ितों जैसी जिंदगी जीने को मजबूर हो गए हैं।

बच्चों और मजदूरों पर सबसे बड़ी मार

बारिश की इस तबाही का सबसे बड़ा असर स्कूली बच्चों और दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ा। जलभराव की वजह से बच्चे स्कूल नहीं जा पाए। वहीं, मजदूरी करने जाने वालों की रोज़ी-रोटी पर गहरा संकट खड़ा हो गया। बारिश और जलभराव से जूझते हुए मजदूरी पर जाना लगभग नामुमकिन हो गया, जिससे उनके परिवारों की रोटी तक प्रभावित हो रही है।

प्रशासन की तैयारी और राहत कार्य

लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए जिला प्रशासन हरकत में आया। जलनिकासी की व्यवस्था शुरू कराई गई और निचले इलाकों से पानी बाहर निकालने का काम जारी है। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शहर के साथ जमीन क्षेत्रों के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया।

जिलाधिकारी का बयान

पीलीभीत के जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने हालात पर चिंता जताते हुए कहा— “शहर में लगातार हो रही भारी बारिश से स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई है। प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। जलनिकासी की व्यवस्था लगातार की जा रही है और राहत कार्य तेजी से जारी हैं। आम जनता को भरोसा दिलाना चाहता हूँ कि बहुत जल्द उन्हें राहत मिलेगी। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग को अवकाश घोषित करने के निर्देश दिए गए हैं।

चुनौती बनी मूसलाधार बारिश

फिलहाल मूसलाधार बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही है। आसमान से गिरती लगातार आफत ने शहर की व्यवस्था को पूरी तरह चरमा दिया है। लोग घरों में दहशत और बेबसी के बीच कैद हैं। सवाल यह है कि यदि बारिश का यह रौद्र रूप जारी रहा, तो प्रशासन किस प्रकार इस संकट से निपटेगा और आम जनता को राहत देगा।