कान्हा की नगरी में न्यू ईयर पर बवाल, सनी लियोनी के कार्यक्रम से साधु-संतों में उबाल
राधा-कृष्ण की पावन भूमि मथुरा में नए साल की पूर्व संध्या पर ऐसा विवाद खड़ा हो गया है, जिसने पूरे ब्रजमंडल को झकझोर कर रख दिया है। जिस नगरी को योग, साधना, भजन, कीर्तन और तपस्या की धरती कहा जाता है, वहां एक पोर्न फिल्मों से जुड़ी अभिनेत्री के कार्यक्रम की सूचना ने साधु-संत समाज को आक्रोश से भर दिया है। सवाल सिर्फ एक कार्यक्रम का नहीं, बल्कि धर्म नगरी की गरिमा, संस्कार और पहचान का बताया जा रहा है।
31 दिसंबर की रात तय कार्यक्रम, ब्रजभूमि की मर्यादा पर सवाल
जानकारी के अनुसार 31 दिसंबर की रात्रि को नए साल के जश्न के नाम पर मथुरा में पोर्न स्टार सनी लियोनी का कार्यक्रम प्रस्तावित है। यह आयोजन होटल ललिता ग्रांड और होटल दा ट्रक में होना बताया जा रहा है। जैसे ही यह सूचना बाहर आई, वैसे ही साधु-संतों, धर्माचार्यों और ब्रजवासियों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। संतों का कहना है कि नववर्ष की आड़ में फूहड़ता और अश्लीलता परोसने की तैयारी की जा रही है, जो कान्हा की नगरी को किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।
‘धर्म नगरी को कलंकित नहीं होने देंगे’— डीएम को पत्र
इस पूरे मामले में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर केस के मुख्य याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर इस कार्यक्रम को तत्काल निरस्त कराने की मांग की है। अपने पत्र में उन्होंने साफ शब्दों में लिखा है कि मथुरा केवल एक शहर नहीं बल्कि दिव्य गोलोक की धरती है, जहां हर कण-कण में श्रीकृष्ण का वास माना जाता है। ऐसे में यहां इस प्रकार के कार्यक्रम कराना धार्मिक भावनाओं पर सीधा प्रहार है।
‘फूहड़ता और अश्लीलता के ज़रिये बदनाम करने की साजिश’
फलाहारी महाराज का आरोप है कि कुछ लोग साजिश के तहत कृष्ण नगरी को बदनाम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पोर्न फिल्मों में काम कर चुकी अभिनेत्री को बुलाकर कार्यक्रम कराना, न केवल ब्रज संस्कृति का अपमान है, बल्कि इससे देश-दुनिया में मथुरा की छवि को भी नुकसान पहुंचेगा। संतों का मानना है कि यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि संस्कारों के विरुद्ध सुनियोजित हमला है।
‘यह भोग-विलास की नहीं, भक्ति-साधना की भूमि है’
साधु-संतों का कहना है कि ब्रजभूमि वह स्थान है जहां साधना, तप, भजन और योग का मार्ग प्रशस्त होता है। यहां हर दिन राधा-कृष्ण के नाम का स्मरण होता है। संत समाज का स्पष्ट कहना है कि पोर्न फिल्मों से जुड़ी पहचान रखने वाली अभिनेत्री का यहां कार्यक्रम होना, धार्मिक मर्यादाओं के विरुद्ध है। संतों ने दो टूक कहा कि ऐसी गतिविधियों से नई पीढ़ी पर गलत संदेश जाएगा और संस्कारी समाज को गहरी चोट पहुंचेगी।
साधु-संतों की चेतावनी— कार्यक्रम रद्द नहीं हुआ तो आंदोलन
इस मुद्दे पर वृंदावन और मथुरा के कई प्रमुख संतों ने भी आवाज बुलंद की है। संतों का कहना है कि यदि इस कार्यक्रम को तुरंत निरस्त नहीं किया गया, तो वे सांकेतिक ही नहीं, व्यापक विरोध के लिए बाध्य होंगे। संतों का आरोप है कि आयोजक नए साल के नाम पर धार्मिक भावनाएं भड़काने का काम कर रहे हैं और प्रशासन को चाहिए कि वह समय रहते सख्त कदम उठाए।
‘ब्रजभूमि को अपवित्र करने की इजाज़त नहीं’— संत समाज का साफ संदेश
इस पूरे विवाद में छोटे पुंडरीक महाराज और मधुसूदन दास महाराज सहित कई संतों ने कहा है कि मथुरा-वृंदावन कोई मनोरंजन नगरी नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की धरोहर है। संतों ने दोहराया कि कान्हा की नगरी को अपवित्र करने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। उनका कहना है कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में नैतिक पतन को बढ़ावा देते हैं और संस्कारों को कमजोर करते हैं।
धार्मिक भावनाएं बनाम नए साल का जश्न— प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
अब यह पूरा मामला प्रशासन के लिए एक बड़ी परीक्षा बन गया है। एक ओर नए साल के जश्न की तैयारियां हैं, तो दूसरी ओर साधु-संतों की धार्मिक भावनाएं और ब्रजभूमि की मर्यादा। संत समाज की मांग है कि कार्यक्रम को रद्द कर आयोजकों पर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी धर्म नगरी को प्रयोगशाला बनाने की हिम्मत न कर सके।