यूपी में अपराधियों की उलटी गिनती शुरू, योगी राज में कानून बना काल — सड़कों से लेकर खेतों तक बदमाशों पर पुलिस का कहर
उत्तर प्रदेश में अब अपराध करना शौक नहीं, सबसे बड़ी भूल बनता जा रहा है। योगी आदित्यनाथ सरकार की सख्त नीति और पुलिस के आक्रामक एक्शन मोड ने अपराधियों के भीतर ऐसा खौफ भर दिया है कि जो कल तक सड़क पर दहशत फैलाते थे, आज वही हाथ जोड़कर, कान पकड़कर माफी मांगते नजर आ रहे हैं। अमरोहा, रायबरेली, हापुड़, बदायूं, शाहजहांपुर और बागपत—हर ज़िले से आ रही खबरें एक ही बात चीख-चीखकर कह रही हैं कि यूपी में अब अपराध नहीं, सिर्फ कानून चलेगा।
अमरोहा में फिल्मी स्टाइल बदमाशी, योगी पुलिस ने उतार दी हेकड़ी
अमरोहा जिले में शनिवार देर रात दिल्ली से सीतापुर जा रही एक प्राइवेट बस को गजरौला थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे-9 पर चार बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में रोक लिया। बोलेरो गाड़ी से आए शाहनवाज, वकील, अजीम और शहाबुद्दीन ने बस के आगे वाहन खड़ा कर रास्ता रोका और फिर बस में जमकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। यही नहीं, बदमाशों ने लाठी-डंडों से यात्रियों के साथ मारपीट भी की, जिससे बस में बैठे लोग दहशत में आ गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही योगी पुलिस हरकत में आई, और वह तेजी दिखाई कि बदमाशों को भागने का मौका तक नहीं मिला। चारों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की सख्ती का असर यह रहा कि जो बदमाश कुछ देर पहले कानून को चुनौती दे रहे थे, वही हाथ जोड़कर, कान पकड़कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस से माफी मांगते नजर आए। यह दृश्य खुद बताता है कि अब यूपी में अपराधी नहीं, कानून ताकतवर है।
रायबरेली में मुठभेड़ से फरार बदमाश गिरफ्तार, तमंचा और कारतूस बरामद
रायबरेली में मुठभेड़ के बाद फरार चल रहा बदमाश अबरार आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया। कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले इस अभियुक्त के पास से एक तमंचा और जिंदा कारतूस बरामद किया गया। आरोपी के खिलाफ पहले से दो आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। यह गिरफ्तारी साफ संदेश है कि अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, बच नहीं सकता।
हापुड़ में ऑपरेशन लंगड़ा, गोकशी करते बदमाशों से मुठभेड़
हापुड़ जिले में ऑपरेशन लंगड़ा के तहत पुलिस ने गन्ने के खेत में गोकशी की वारदात को अंजाम दे रहे बदमाशों को घेर लिया। पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लगी। घायल बदमाश और उसके तीन साथी मौके से गिरफ्तार किए गए। पुलिस ने उनके पास से गोकशी के उपकरण, मोटरसाइकिल और अवैध तमंचा बरामद किया। मुठभेड़ के बाद घायल बदमाश पुलिस के सामने हाथ जोड़ता हुआ नजर आया—जो इस बात का प्रमाण है कि कानून का डर अब बदमाशों की रग-रग में उतर चुका है।
बदायूं में 25 हजार का इनामी बदमाश मुठभेड़ में लंगड़ा
थाना फैजगंज बेहटा क्षेत्र में पुलिस ने 25,000 रुपये के इनामी अपराधी नाशिद को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया। आसफपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास चेकिंग के दौरान संदिग्ध को रोकने पर उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली नाशिद के दाहिने पैर में लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया। उसके पास से सोने-चांदी के आभूषण, तमंचा, खोखे और जिंदा कारतूस बरामद हुए। नाशिद के खिलाफ अमरोहा और बदायूं में कुल 9 संगीन मुकदमे दर्ज हैं। घायल बदमाश को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शाहजहांपुर में 68 मुकदमों वाला शातिर बदमाश ढेर होते-होते बचा
शाहजहांपुर के चौक कोतवाली क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई। 68 आपराधिक मुकदमों में वांछित सईद बंजारा ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी। गंभीर हालत में उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। मौके से पिस्टल, कारतूस के खोखे और बाइक बरामद की गई। एसपी ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया। यह मुठभेड़ साबित करती है कि अब अपराधियों का इतिहास नहीं, उनका हश्र देखा जाएगा।
बागपत में बावरिया गिरोह पर पुलिस का कहर
बागपत में थाना बिनौली पुलिस ने बावरिया गिरोह के दो कुख्यात बदमाशों प्रदीप बावरिया और मोंटू बावरिया को मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार किया। दोनों बदमाश लूट, हत्या और रंगदारी के 21 मामलों में वांछित थे। जवाबी फायरिंग में दोनों के पैरों में गोली लगी। यह कार्रवाई दिखाती है कि गिरोह, गैंग या नेटवर्क—अब कोई ढाल नहीं बची।
योगी राज में अपराधियों का भविष्य सिर्फ जेल या अस्पताल
इन तमाम घटनाओं का सार साफ है—योगी सरकार की ज़ीरो टॉलरेंस नीति सिर्फ नारा नहीं, जमीन पर लागू सच्चाई है। बस रोककर तोड़फोड़ करने वाले हों, गोकशी करने वाले, इनामी बदमाश हों या 68 मुकदमों वाले शातिर—सबके लिए कानून एक जैसा है। यूपी की जनता अब देख रही है कि पुलिस सिर्फ कार्रवाई नहीं कर रही, भरोसा भी जगा रही है।
आज यूपी में अपराधी नहीं पूछ रहे कि कब वारदात करें, बल्कि यह सोच रहे हैं कि कब पुलिस आ जाएगी।
और यही है योगी राज की सबसे बड़ी जीत।