पीलीभीत में तड़के 4 बजे दो नाबालिग छात्र सहित एक छात्रा एक साथ लापता, मोबाइल–पेटीएम सुराग से हड़कंप
पीलीभीत जिले के सुनगढ़ी थाना क्षेत्र में सोमवार तड़के ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके की नींद उड़ा दी। एक साथ दो नाबालिग छात्र और एक नाबालिग छात्रा का रहस्यमय ढंग से गायब हो जाना सिर्फ एक गुमशुदगी नहीं, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से घर छोड़ने की सनसनीखेज कहानी बनकर उभरा है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि तीनों किशोर अलग-अलग कॉलोनियों में रहते थे, लेकिन एक ही समय — सुबह करीब 4 बजे — अपने-अपने घरों से निकले और उसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिला। जैसे ही यह खबर फैली, पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और अभिभावकों में दहशत और डर का माहौल बन गया।
राजीव कॉलोनी से शुरू हुआ रहस्य मामला — बाइक और मोबाइल भी गायब
यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब राजीव कॉलोनी निवासी रामगोपाल शर्मा की नींद तड़के खुली और उन्होंने देखा कि उनका 17 वर्षीय बेटा घर में नहीं है। पहले तो परिजनों को लगा कि वह बाहर गया होगा, लेकिन कुछ ही देर में सच्चाई सामने आई — छात्र घर से बिना बताए निकल चुका था।
हैरानी की बात यह थी कि छात्र अपनी बाइक के साथ-साथ अपनी मां का मोबाइल फोन भी घर से ले गया था। परिवार के हाथ-पांव फूल गए। तुरंत घर और आसपास तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिजनों ने सुनगढ़ी पुलिस को सूचना दी।
दूसरा दोस्त भी उसी वक्त गायब — शक और गहराया
जांच आगे बढ़ी तो एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। रामवाटिका कॉलोनी निवासी 16 वर्षीय छात्र, जो दूसरे छात्र का करीबी दोस्त बताया जा रहा है, वह भी उसी समय — सुबह 4 बजे — अपने घर से निकला था और वापस नहीं लौटा।
दो अलग-अलग कॉलोनियों से एक ही समय पर दो नाबालिगों का गायब होना अब पुलिस के लिए भी साधारण मामला नहीं रहा। साफ संकेत मिलने लगे कि यह कोई संयोग नहीं, बल्कि पूर्व नियोजित योजना हो सकती है।
मोबाइल और पेटीएम ट्रांजैक्शन ने खोला तीसरा राज
मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब पुलिस ने वैभव द्वारा ले जाए गए मोबाइल फोन की तकनीकी जांच की। जांच में सामने आया कि उस मोबाइल से एक नंबर पर पेटीएम (Paytm) के जरिए लेनदेन किया गया है।
जब पुलिस ने उस नंबर को ट्रेस किया, तो वह क्षेत्र की ही एक नाबालिग किशोरी का निकला। पुलिस तुरंत किशोरी के घर पहुंची, लेकिन वहां पहुंचकर जो जानकारी मिली, उसने पूरे मामले को और भी सनसनीखेज बना दिया।
पुलिस को बताया गया कि वह किशोरी भी सोमवार तड़के करीब 4 बजे से घर से लापता है। यानी अब मामला दो नहीं, बल्कि तीन नाबालिगों के एक साथ गायब होने का बन चुका था।
पुराना स्कूल, पुरानी दोस्ती और लगातार संपर्क
जांच में यह भी सामने आया कि तीनों पिछले वर्ष तक कक्षा नौ में एक ही स्कूल में पढ़ते थे। इसी दौरान उनके बीच गहरी दोस्ती हुई थी।
हालांकि इस वर्ष किशोरी के पिता ने उसका दाखिला किसी दूसरे स्कूल में करा दिया था, लेकिन इसके बावजूद तीनों के बीच संपर्क बना हुआ था। पुलिस का मानना है कि यही संपर्क धीरे-धीरे एक साझा योजना में बदल गया, जिसके तहत तीनों ने एक साथ घर छोड़ने का फैसला मानने से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।
पुलिस का दावा — योजनाबद्ध तरीके से साथ गए हैं तीनों
सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी ने बताया कि शुरुआती जांच में तीनों नाबालिगों के एक साथ जाने की संभावना सामने आई है। हालंकि एक छात्र की घर में परिजनों द्वारा डाँट देने से नाराज होने की भी बात सामने आ रही है
उनके अनुसार तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और पेटीएम ट्रांजैक्शन के आधार पर पुलिस ने कई टीमें गठित कर दी हैं। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, तीनों की तलाश जारी है और पुलिस को पूरा भरोसा है कि तीनों को जल्द ही सकुशल बरामद कर लिया जाएगा।
CCTV खंगाल रही पुलिस, संभावित ठिकानों पर दबिश
फिलहाल पुलिस इलाके के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, हाईवे और अन्य संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि तीनों आखिरी बार किस दिशा में जाते हुए देखे गए थे और उनके पास कितनी नकदी या संसाधन साथ ले गए हैं।
इलाके में डर और बेचैनी — अभिभावक सहमे
एक साथ तीन नाबालिगों के लापता होने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में चिंता और बेचैनी फैल गई है। अभिभावक अपने बच्चों को लेकर असहज और डरे हुए हैं। कई माता-पिता ने बच्चों को अकेले बाहर न निकलने की हिदायत दे दी है।
यह मामला सिर्फ तीन परिवारों की चिंता नहीं रह गया, बल्कि पूरे क्षेत्र की सामूहिक चिंता बन चुका है।
रहस्य अभी बाकी, जवाब तलाश रही पुलिस
पीलीभीत का यह मामला अब एक बड़े रहस्य का रूप ले चुका है। तीन नाबालिग, एक ही समय पर घर से निकलना, मोबाइल-पेटीएम का सुराग और पुरानी दोस्ती — हर कड़ी किसी बड़े फैसले की ओर इशारा कर रही है।
अब सबकी नजरें पुलिस की जांच और आने वाले घंटों पर टिकी हैं। सवाल सिर्फ यह नहीं कि तीनों कहां हैं, बल्कि यह भी कि उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया।
जब तक जवाब नहीं मिलते, तब तक पीलीभीत की यह सुबह एक डरावनी याद बनकर इलाके में गूंजती रहेगी।