BJP Office Blast: चंडीगढ़ में मंगलवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पंजाब बीजेपी दफ्तर के बाहर अचानक ब्लास्ट हो गया। धमाका एक स्कूटी में हुआ, जिसके बाद पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर जांच शुरू कर दी है। राहत की बात यह है कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
स्कूटी में हुआ धमाका
पुलिस के अनुसार, शाम करीब 5 बजे बीजेपी दफ्तर के बाहर खड़ी एक एक्टिवा स्कूटी में धमाका हुआ।
धमाके के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोग डर गए।
कर्मचारी की स्कूटी में ब्लास्ट
ऑफिस में काम करने वाले हर्ष नाम के कर्मचारी ने बताया कि जिस स्कूटी में ब्लास्ट हुआ, वह उसी की है।
उसने सुबह करीब 9 बजे स्कूटी दफ्तर के बाहर खड़ी की थी।
हर्ष के मुताबिक,
“मैं जब शाम को वापस आया तो स्कूटी में ब्लास्ट हो चुका था। मुझे नहीं पता ये कैसे हुआ।”
दीवारों पर छर्रों जैसे निशान
चंडीगढ़ की SSP कंवरदीप कौर ने बताया कि धमाके के बाद दफ्तर की दीवारों पर 70-80 छर्रों जैसे निशान पाए गए हैं।
पास में खड़ी एक गाड़ी का शीशा भी टूट गया, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि धमाका लो-इंटेंसिटी का था, लेकिन असरदार था।
पुलिस ने इलाके को किया सील
घटना के तुरंत बाद पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंचीं और पूरे इलाके को घेर लिया गया।
BJP दफ्तर को भी खाली करा दिया गया है।
फॉरेंसिक टीम और बम स्क्वॉड को भी जांच के लिए बुलाया गया है।
स्पेशल चेकिंग के बीच हुआ धमाका
हैरानी की बात यह है कि जिस समय यह ब्लास्ट हुआ, उस वक्त पूरे शहर में पुलिस की तरफ से स्पेशल नाके और चेकिंग चल रही थी।
ऐसे में इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राइम लोकेशन पर हुई घटना
यह ब्लास्ट चंडीगढ़ की एक बेहद अहम और व्यस्त लोकेशन पर हुआ है।
आसपास कई महत्वपूर्ण इमारतें मौजूद हैं, जैसे—
- डॉ. अंबेडकर भवन
- पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल ऑफिस
- लॉ भवन
- बत्रा थिएटर
ऐसे इलाके में धमाका होना सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है।
बीजेपी नेता का बयान
बीजेपी प्रवक्ता विनीत जोशी ने कहा कि धमाका जोरदार था और दीवारों पर छर्रों जैसे निशान दिख रहे हैं।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह लो मैग्नीच्यूट का ब्लास्ट था और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
जांच जारी, कारण अभी साफ नहीं
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि स्कूटी में ब्लास्ट कैसे हुआ—क्या यह तकनीकी खराबी थी या फिर कोई साजिश?