Brave UP Police Officer: गोंडा रेलवे स्टेशन पर एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर दिया। चोर को पकड़ने के दौरान GRP के सिपाही आकाश सिंह ने अपनी जान की परवाह किए बिना बहादुरी दिखाई, लेकिन इस दौरान वे ट्रेन की चपेट में आ गए और उनके दोनों पैर कट गए। इसके बावजूद उन्होंने आरोपी को नहीं छोड़ा।
कैसे हुआ दर्दनाक हादसा
घटना मंगलवार रात करीब 12 बजे प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर हुई।
डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस (15903) प्लेटफॉर्म पर आ चुकी थी, तभी पुलिस हिरासत में मौजूद आरोपी सुनील कुमार ने अचानक सिपाही का हाथ छुड़ाया और चलती ट्रेन में चढ़कर भागने लगा।
सिपाही आकाश सिंह भी तुरंत उसके पीछे दौड़े और उसे पकड़ लिया। इसी दौरान दोनों के बीच धक्का-मुक्की हुई और आकाश सिंह ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच गैप में गिर गए।
दोनों पैर कटे, फिर भी आरोपी को नहीं छोड़ा
इस हादसे में सिपाही के दोनों पैर बुरी तरह कट गए।
एक पैर पूरी तरह अलग हो गया, जबकि दूसरा खाल के सहारे लटक गया।
इतनी गंभीर हालत के बावजूद आकाश सिंह ने आरोपी को पकड़कर नहीं छोड़ा। उनकी इस बहादुरी की हर तरफ चर्चा हो रही है।
स्टेशन पर मची अफरा-तफरी
घटना के बाद प्लेटफॉर्म पर चीख-पुकार मच गई।
पास में ही मौजूद GRP थाने से पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे, ट्रेन को रुकवाया और घायल सिपाही को बाहर निकाला।
आरोपी सुनील कुमार को भी पकड़ लिया गया, वह भी इस दौरान घायल हो गया था।
पहले गोंडा, फिर KGMU लखनऊ रेफर
घायल सिपाही को पहले गोंडा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
इसके बाद हालत गंभीर होने पर उन्हें KGMU Trauma Center रेफर किया गया।
डॉक्टरों के मुताबिक, दोनों पैरों को बचाया नहीं जा सका है। फिलहाल सिपाही ICU में हैं और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
क्या था पूरा मामला
GRP के अनुसार, रात करीब 11:30 बजे प्लेटफॉर्म पर दो युवकों के बीच मारपीट हो रही थी।
एक युवक ने दूसरे पर चोरी का आरोप लगाया।
सिपाही आकाश सिंह मौके पर पहुंचे और दोनों को पकड़कर GRP थाने ले आए। पूछताछ के बाद एक को छोड़ दिया गया, जबकि दूसरे आरोपी सुनील कुमार को हिरासत में रखा गया था।
एसपी ने बताया क्या हुआ
GRP एसपी के मुताबिक, आरोपी पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश कर रहा था।
सिपाही आकाश सिंह ने जान पर खेलकर उसे पकड़ लिया, लेकिन इसी दौरान हादसा हो गया।
आरोपी के खिलाफ चोरी, मारपीट और पुलिस हिरासत से भागने का केस दर्ज किया गया है।
डॉक्टरों का बयान
डॉक्टरों ने बताया कि सिपाही के पैर बुरी तरह कट चुके हैं और अब उन्हें जोड़ना संभव नहीं है।
भविष्य में उन्हें कृत्रिम पैर (artificial limb) लगाना पड़ेगा।
कौन हैं सिपाही आकाश सिंह
आकाश सिंह (29) मऊ जिले के रहने वाले हैं और 2018 बैच के सिपाही हैं।
कई सालों से गोंडा GRP में तैनात हैं। उनकी शादी हो चुकी है और परिवार लखनऊ पहुंच गया है।
यह घटना एक तरफ जहां रेलवे सुरक्षा और सतर्कता पर सवाल खड़े करती है, वहीं दूसरी ओर सिपाही आकाश सिंह की बहादुरी की मिसाल भी पेश करती है।
उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर आरोपी को पकड़ लिया, जो कर्तव्य के प्रति उनकी निष्ठा को दर्शाता है।