1500 बम धमकी ईमेल: देशभर के हाई कोर्ट्स को बार-बार बम से उड़ाने की धमकी देने वाले मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस ने मैसूरु के रहने वाले आरोपी श्रीनिवास लुइस को गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी 1500 से ज्यादा फर्जी धमकी भरे ईमेल भेज चुका था, जिससे अदालतों में अफरा-तफरी मच जाती थी और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर आना पड़ता था।
कौन है आरोपी और क्या है उसका बैकग्राउंड
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी श्रीनिवास लुइस पहले लॉ की पढ़ाई कर रहा था, लेकिन उसने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी। इसके बाद वह लगातार कोर्ट्स को निशाना बनाकर फर्जी बम धमकी ईमेल भेजने लगा।
पुलिस के मुताबिक, उसे कोर्ट की कार्यवाही रुकवाने और अफरा-तफरी मचाने में अजीब तरह का “संतोष” मिलता था।
1500 से ज्यादा ईमेल, दिल्ली हाई कोर्ट को 50 बार निशाना
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने देशभर के कई हाई कोर्ट्स को टारगेट किया, जिनमें
- दिल्ली हाई कोर्ट
- मुंबई हाई कोर्ट
- चंडीगढ़ हाई कोर्ट
शामिल हैं।
सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि उसने अकेले दिल्ली हाई कोर्ट को ही 50 से ज्यादा धमकी भरे ईमेल भेजे।
इन ईमेल्स की वजह से कई बार कोर्ट परिसर खाली कराए गए और घंटों तक तलाशी अभियान चलाना पड़ा।
कैसे करता था काम: फर्जी ईमेल और VPN का इस्तेमाल
आरोपी काफी शातिर तरीके से काम करता था।
- उसने एक फर्जी Yahoo ईमेल आईडी बनाई थी
- अपनी पहचान छुपाने के लिए VPN का इस्तेमाल करता था
- हर ईमेल में बम ब्लास्ट, आतंकी हमला और इमारत उड़ाने जैसी बातें लिखता था
इस वजह से हर बार पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को इसे गंभीर खतरा मानकर कार्रवाई करनी पड़ती थी।
एक दिन में कई ईमेल, पुलिस अधिकारियों को भी भेजता था
पुलिस के अनुसार, आरोपी एक दिन में कई-कई ईमेल भेजता था।
इतना ही नहीं, वह इन धमकी भरे ईमेल्स को संबंधित राज्यों के पुलिस अधिकारियों को भी फॉरवर्ड करता था, ताकि ज्यादा दहशत फैले और मामला गंभीर लगे।
आरोपी का अजीब तर्क: “सुरक्षा बढ़ाने के लिए किया”
पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह ऐसा कोर्ट की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कर रहा था।
हालांकि, पुलिस ने इस तर्क को पूरी तरह खारिज कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की हरकतें:
- कानूनन अपराध हैं
- जनता में डर फैलाती हैं
- सुरक्षा एजेंसियों का समय और संसाधन बर्बाद करती हैं
पुलिस ने क्या बरामद किया
दिल्ली पुलिस ने आरोपी के पास से:
- एक लैपटॉप
- तीन मोबाइल फोन
बरामद किए हैं।
इन सभी डिवाइस की फॉरेंसिक जांच की जा रही है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि उसने किन-किन जगहों से ईमेल भेजे और क्या कोई और इसमें शामिल था।
आगे क्या? जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद
फिलहाल आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि:
- क्या वह अकेला काम कर रहा था
- या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी है
इस मामले में आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).