मणिपुर में फिर भड़की हिंसा: मणिपुर एक बार फिर हिंसा की आग में झुलस गया है। मणिपुर के मोइरांग इलाके में हुए रॉकेट हमले में दो मासूम बच्चों की मौत के बाद हालात तेजी से बिगड़ गए। इस दर्दनाक घटना ने पूरे राज्य में तनाव बढ़ा दिया है, जिसके चलते प्रशासन को कड़े कदम उठाने पड़े हैं।
रॉकेट हमले में 2 बच्चों की मौत, मां गंभीर घायल
यह हमला मोइरांग पुलिस स्टेशन के तहत ट्रोंगलाओबी अवांग लेइकाई इलाके में देर रात करीब 1 बजे हुआ।
बताया जा रहा है कि कुकी उग्रवादियों द्वारा दागा गया रॉकेट एक घर पर आ गिरा।
इस भीषण विस्फोट में:
- एक 5 साल के लड़के
- और एक 5 महीने की बच्ची
की मौके पर ही मौत हो गई।
वहीं, बच्चों की मां गंभीर रूप से घायल हो गईं।
घटना के बाद घाटी में भड़की हिंसा
इस घटना के बाद पूरे इलाके में गुस्सा फैल गया। खासकर बिष्णुपुर जिला और आसपास के घाटी क्षेत्रों में लोग सड़कों पर उतर आए।
प्रदर्शनकारियों ने:
- दो बिटुमेन टैंकर
- और लोहे की छड़ों से भरा एक ट्रक
को आग के हवाले कर दिया। बताया जा रहा है कि ये वाहन चुराचांदपुर की ओर जा रहे थे।
CRPF कैंप पर हमला, हालात और बिगड़े
स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने:
- मोइरांग पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया
- और बाद में CRPF के कैंप पर भी धावा बोल दिया
यह कैंप बिष्णुपुर और चुराचांदपुर की सीमा के पास स्थित है।
गोलीबारी में 19 घायल, एक की मौत की खबर
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाबलों को:
- गोलीबारी
- और स्मोक बम का इस्तेमाल करना पड़ा
इस दौरान:
- कम से कम 19 लोग घायल हो गए
- और एक व्यक्ति की मौत की भी खबर सामने आई है
हालात इतने खराब हो गए कि मौके पर कवरेज कर रहे पत्रकारों को भी अपनी जान बचाने के लिए छिपना पड़ा।
कर्फ्यू और इंटरनेट बंद, सुरक्षा कड़ी
बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं:
- बिष्णुपुर जिला में कर्फ्यू लागू
- पांच घाटी जिलों में 3 दिन के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद
- पूरे इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात
अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
जांच जारी, हालात पर नजर
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है।
रॉकेट हमले और उसके बाद भड़की हिंसा को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।