यमुना नदी नाव हादसे से हमीरपुर दहला, अब तक 3 शव बरामद; NDRF-SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। शादी समारोह से लौट रहे लोगों से भरी नाव अचानक नदी के बीचों-बीच पलट गई, जिसके बाद चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे के बाद से लगातार चलाए जा रहे राहत एवं बचाव अभियान के बीच अब तक तीन शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि अन्य लापता लोगों की तलाश युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन, पुलिस, NDRF, SDRF, फ्लड PAC और स्थानीय गोताखोर लगातार नदी में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।
शादी समारोह से लौटते समय हुआ दर्दनाक हादसा
यह हादसा हमीरपुर जिले के कुरारा थाना क्षेत्र के कुतुबपुर पटिया गांव के पास बुधवार शाम करीब सात बजे हुआ। बताया जा रहा है कि नाव में सवार लोग यमुना नदी के टापू पर आयोजित एक शादी समारोह से लौट रहे थे। कुछ लोग वहां से खरबूजा और खीरा खरीदकर भी वापस आ रहे थे। इसी दौरान नदी के बीच नाव का संतुलन बिगड़ गया और नाव अचानक पलट गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद नदी में लोगों को बचाने के लिए चीख-पुकार मच गई। नाव में सवार कई बच्चे और महिलाएं पानी में बहने लगे। स्थानीय लोगों और नाविक ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया, जिससे कुछ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
महिला समेत तीन शव बरामद
रेस्क्यू अभियान के दौरान सबसे पहले महिला बृजरानी का शव बरामद किया गया। इसके बाद करीब 14 वर्षीय किशोरी का शव भी नदी से निकाला गया। बाद में एक और शव मिलने की पुष्टि हुई, जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई। प्रशासन ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
घटना के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और हर किसी की नजरें अब राहत एवं बचाव कार्य पर टिकी हुई हैं।
कई बच्चे अब भी लापता, लगातार चल रहा सर्च ऑपरेशन
हादसे में कई बच्चे और अन्य लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन के अनुसार नाव में कुल नौ लोग सवार थे, जिनमें से तीन को सुरक्षित बचा लिया गया था, जबकि बाकी लोग नदी में लापता हो गए। लापता लोगों में बच्चों की संख्या अधिक बताई जा रही है।
लापता लोगों की तलाश के लिए SDRF, NDRF, फ्लड PAC और स्थानीय गोताखोरों की कई टीमें लगातार नदी में अभियान चला रही हैं। खराब मौसम और तेज बहाव के बावजूद राहत दल पूरी ताकत के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटा हुआ है।
नाविक ने तीन लोगों की बचाई जान
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक नाविक धीरू ने साहस दिखाते हुए विष्णु, रिंकू और पारुल नाम के तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बताया जा रहा है कि नाव धीरे-धीरे पानी में डूबने लगी थी और जो लोग तैरना जानते थे, वे किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे।
हालांकि नदी का तेज बहाव और अचानक मची अफरा-तफरी कई लोगों के लिए जानलेवा साबित हुई।
मौके पर डटे अधिकारी, लगातार हो रही मॉनिटरिंग
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। जिला प्रशासन लगातार राहत एवं बचाव कार्य की मॉनिटरिंग कर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि लापता लोगों की तलाश के लिए हर संभव संसाधन लगाए गए हैं और अभियान लगातार जारी रहेगा।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी लगातार मौके पर मौजूद हैं और नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने आसपास के ग्रामीणों से भी सहयोग की अपील की है।
गांव में पसरा मातम, हर आंख नम
इस दर्दनाक हादसे के बाद कुतुबपुर पटिया गांव और आसपास के इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई है। जिन परिवारों के सदस्य अब भी लापता हैं, वे नदी किनारे टकटकी लगाए अपने अपनों के मिलने का इंतजार कर रहे हैं। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है और हर किसी की जुबान पर सिर्फ इसी हादसे की चर्चा है।
फिलहाल राहत एवं बचाव टीमों का अभियान लगातार जारी है और प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही बाकी लापता लोगों का पता लगाया जा सकेगा।