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डेंगू जैसी गंभीर बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी और जागरूकता से ही संभव है।…

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डेंगू मुक्त पीलीभीत: शुरू हुआ स्वास्थ्य विभाग का महाअभियान

राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर पीलीभीत स्वास्थ्य विभाग का बड़ा अभियान शुरू, “हर रविवार मच्छर पर वार” से डेंगू मुक्त जनपद बनाने का संकल्प

डेंगू जैसी गंभीर बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी और जागरूकता से ही संभव है। इसी सोच को आधार बनाकर “राष्ट्रीय डेंगू दिवस” के अवसर पर पीलीभीत स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक जनजागरूकता अभियान की शुरुआत करते हुए गोष्ठी एवं शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने डेंगू उन्मूलन के लिए सामूहिक संकल्प लिया और जनमानस को जागरूक करने का संदेश दिया।

Pilibhit में शनिवार को राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा आरोग्य सभागार, मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में एक महत्वपूर्ण गोष्ठी एवं डेंगू शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्साधिकारी Dr. Alok Kumar ने की। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा विभिन्न चिकित्सा इकाइयों से जुड़े कर्मियों ने सहभागिता करते हुए डेंगू नियंत्रण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

इस वर्ष राष्ट्रीय डेंगू दिवस की थीम
“डेंगू नियंत्रण के लिए जन भागीदारीः जांच करें, सफाई करें और ढकें”
रखी गई, जिसके माध्यम से लोगों को स्वच्छता, सतर्कता और समय पर जांच के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया।

गोष्ठी के माध्यम से डेंगू नियंत्रण को लेकर अधिकारियों को किया गया संवेदनशील

कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आलोक कुमार द्वारा किया गया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को डेंगू से बचाव, रोकथाम और नियंत्रण के उपायों के प्रति विस्तार से संवेदनशील किया।

उन्होंने कहा कि डेंगू केवल स्वास्थ्य विभाग की चुनौती नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। यदि आमजन स्वच्छता और सावधानी को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लें, तो डेंगू जैसी बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

मुख्य चिकित्साधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन एवं स्वास्थ्य विभाग की मंशा के अनुरूप डेंगू जागरूकता अभियान को जन-जन तक पहुंचाया जाए, ताकि प्रत्येक नागरिक बीमारी के प्रति सतर्क और जागरूक बन सके।

“हर रविवार मच्छर पर वार, लार्वा पर प्रहार” अभियान को जनआंदोलन बनाने पर जोर

गोष्ठी के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी ने विशेष रूप से
“हर रविवार मच्छर पर वार-लार्वा पर प्रहार”
अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम बनकर सीमित न रहे, बल्कि इसे जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाए। इसके तहत लोगों को अपने घरों और आसपास जमा पानी की नियमित सफाई, कूलर की धुलाई, फ्रिज ट्रे की सफाई और अनुपयोगी पात्रों को हटाने के लिए प्रेरित किया जाए।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों से कहा कि जनसामान्य तक डेंगू से बचाव की हर आवश्यक जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए और प्रचार-प्रसार गतिविधियों को प्राथमिकता के आधार पर संचालित किया जाए।

घर-घर जाकर होगा सोर्स रिडक्शन का कार्य

मुख्य चिकित्साधिकारी ने नगरीय क्षेत्रों में विशेष टीमों का गठन कर घर-घर भ्रमण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टीमें जलभराव वाले स्थानों, टूटे-फूटे बर्तनों, गमलों, कूलरों, टायरों और अन्य स्थानों की जांच कर मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने की कार्यवाही सुनिश्चित करें।

साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के अंतर्गत आने वाले उपकेंद्रों पर आशा कार्यकर्ताओं को भी सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए। आशा कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को डेंगू से बचाव के उपाय बताएंगी तथा सोर्स रिडक्शन की कार्यवाही सुनिश्चित करेंगी।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि गांव और शहर दोनों क्षेत्रों में निरंतर निगरानी और जनसहभागिता ही डेंगू नियंत्रण का सबसे प्रभावी माध्यम है।

स्वास्थ्य इकाइयों में जांच और उपचार की पूरी व्यवस्था

मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि जनमानस को डेंगू जांच एवं उपचार के लिए किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी सरकारी स्वास्थ्य इकाइयों में पर्याप्त दवाइयां और जांच किट उपलब्ध कराई गई हैं।

साथ ही  निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर डेंगू के लक्षणों के आधार पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाए और जांच प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाया जाए।

 बुखार आने पर लोग स्वयं उपचार करने के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच कराएं, ताकि समय रहते बीमारी की पहचान कर उपचार शुरू किया जा सके।

संवेदनशील क्षेत्रों में फॉगिंग और लार्वा नियंत्रण पर विशेष फोकस

इस दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी ने जिला मलेरिया अधिकारी से जनपद के संवेदनशील क्षेत्रों में की जा रही निरोधात्मक कार्यवाहियों की जानकारी भी ली।

बैठक में लार्वासाइडल स्प्रे, फॉगिंग और मच्छर नियंत्रण संबंधी अभियानों की समीक्षा की गई। मुख्य चिकित्साधिकारी ने निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में टीमें लगातार सक्रिय रहें और निरंतर फॉगिंग एवं लार्वा नष्ट करने की कार्यवाही करती रहें।

 डेंगू नियंत्रण में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी विभागीय इकाइयां आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

जनता से विशेष अपील

राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आलोक कुमार ने जनपदवासियों से विशेष अपील करते हुए कहा कि डेंगू की रोकथाम जनसहभागिता से ही संभव है।

उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें। सप्ताह में कम से कम एक दिन कूलर, फ्रिज ट्रे, पानी की टंकियों एवं अन्य पात्रों की सफाई अवश्य करें।

 यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, शरीर दर्द या डेंगू जैसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच कराएं। सभी सरकारी अस्पतालों में डेंगू की जांच एवं उपचार निःशुल्क उपलब्ध है।

स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता से मजबूत होगा डेंगू नियंत्रण अभियान

राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति पीलीभीत स्वास्थ्य विभाग की गंभीरता और प्रतिबद्धता का परिचायक रहा।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनजागरूकता, फॉगिंग, सोर्स रिडक्शन, जांच एवं उपचार जैसी बहुआयामी रणनीतियों के माध्यम से डेंगू नियंत्रण की दिशा में लगातार प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।

अब आवश्यकता इस बात की है कि आमजन भी इस अभियान का हिस्सा बनें और स्वच्छता एवं सतर्कता को अपनाकर डेंगू मुक्त समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।