Lucknow University Case: लखनऊ यूनिवर्सिटी से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
आरोप है कि उन्होंने बीएससी फाइनल ईयर की छात्रा को फोन कर पेपर लीक कराने का लालच दिया और मिलने के लिए दबाव बनाया। छात्रा ने बातचीत रिकॉर्ड कर ली, जो अब इस पूरे मामले का सबसे बड़ा सबूत बन गई है।
फोन कॉल में ‘पेपर आउट’ और मिलने का दबाव
छात्रा के मुताबिक, प्रोफेसर ने 14 और 15 मई की रात उसे फोन किया और कहा—
“डार्लिंग, तुम्हारे लिए पेपर आउट करा दिया है, एग्जाम से पहले घर से आ जाओ।”
ऑडियो में प्रोफेसर बार-बार छात्रा को मिलने के लिए दबाव बनाते सुनाई देते हैं, जबकि छात्रा लगातार मना करती रही।
छात्रा का आरोप: फिर से उत्पीड़न की कोशिश
फोन कटने के बाद छात्रा ने साफ कहा कि वह मिलने नहीं जाएगी और उसे पेपर नहीं चाहिए।
उसने आरोप लगाया कि प्रोफेसर उसे दोबारा मोलेस्ट (उत्पीड़न) करना चाहते थे।
इसी डर और सबूत के लिए उसने पूरी बातचीत रिकॉर्ड कर ली और बाद में वायरल कर दी।
दो ऑडियो क्लिप में खुली पूरी कहानी
पहले ऑडियो में प्रोफेसर छात्रा को “डार्लिंग” कहकर बात करते हैं और पेपर लीक करने का दावा करते हैं।
वह कहते हैं कि कोर और इलेक्टिव दोनों पेपर “आउट” कर लिए हैं और मिलने के लिए कहते हैं।
दूसरे ऑडियो में वह छात्रा से कहते हैं—
“मुझे डिच मत करना… मैं आपके लिए MSC, PHD और स्टैनफोर्ड तक का रास्ता तैयार कर दूंगा।”
साथ ही, वह अपनी “फीलिंग” और “इमोशनल अटैचमेंट” की बात भी करते हैं, जिससे मामला और गंभीर हो जाता है।
यूनिवर्सिटी ने तुरंत लिया एक्शन
ऑडियो सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन हरकत में आया।
प्रवक्ता प्रो. मुकुल श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
जूलॉजी विभाग की हेड प्रो. अमिता कनौजिया ने भी कहा कि ऑडियो में आवाज आरोपी प्रोफेसर की ही लग रही है।
एफआईआर दर्ज, आरोपी गिरफ्तार
यूनिवर्सिटी के चीफ प्रॉक्टर प्रो. राकेश द्विवेदी की जानकारी के मुताबिक,
परीक्षा नियंत्रक की शिकायत पर हसनगंज थाने में FIR दर्ज कराई गई।
पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर को शुक्रवार रात यूनिवर्सिटी कैंपस से गिरफ्तार कर लिया।
किन धाराओं में दर्ज हुआ केस?
थाना प्रभारी चितवन कुमार के अनुसार,
मामले में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अध्यादेश 2024 की धारा 11 और 13(5) के साथ BNS की धारा 74 के तहत केस दर्ज किया गया है।
आरोपी को शनिवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा जाएगा।
4 साल से यूनिवर्सिटी में तैनात था आरोपी
डॉ. परमजीत सिंह पिछले 4 साल से लखनऊ यूनिवर्सिटी के जूलॉजी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं।
उन्होंने 2007 में रोहिलखंड यूनिवर्सिटी, बरेली से MSc किया था।
इसके बाद वह IITR लखनऊ (2019-2021) में रिसर्च एसोसिएट रहे और फिर IMTECH चंडीगढ़ (2021-2022) में काम किया।
7 जून 2022 से वह लखनऊ यूनिवर्सिटी में कार्यरत थे।
पारिवारिक पृष्ठभूमि भी आई सामने
आरोपी मूल रूप से बिजनौर के रहने वाले हैं।
उनके पिता अमर पाल किसान हैं। परिवार में पत्नी और दो बेटियां हैं।
उनका एक भाई और एक बहन भी हैं, जिनकी शादी हो चुकी है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).