ब्रजभूमि में ओवैसी पर बरस पड़े कुमार विश्वास। राम मंदिर, भोजशाला और भारत की सांस्कृतिक विरासत को लेकर प्रख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास ने बेबाक बयान दिए।
धर्मनगरी Vrindavan में आयोजित वृंदावन संविद गुरुकुलम बालिका सैनिक स्कूल के कार्यक्रम में पहुंचे प्रख्यात कवि Dr. Kumar Vishwas ने जहां छात्राओं को भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभावना का संदेश दिया, वहीं मीडिया से बातचीत में कई समसामयिक और राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी।
कार्यक्रम में संस्थापिका Sadhvi Ritambhara ने उनका भव्य स्वागत किया। लेकिन कार्यक्रम की सबसे ज्यादा चर्चा उस वक्त हुई, जब कुमार विश्वास ने राम मंदिर, धार की भोजशाला और AIMIM प्रमुख Asaduddin Owaisi के बयानों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी।
राम मंदिर पर बोले— “यह सिर्फ मंदिर नहीं, आस्था की जीत है”
मीडिया से बातचीत में कुमार विश्वास ने कहा कि राम जन्मभूमि संघर्ष कोई आज का आंदोलन नहीं, बल्कि सदियों से चली आ रही सांस्कृतिक चेतना का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भगवान रामलला का भव्य मंदिर में विराजमान होना करोड़ों लोगों की आस्था और धैर्य की जीत है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में बना राम मंदिर केवल पत्थरों से बना ढांचा नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रतीक है।
भोजशाला फैसले को बताया ऐतिहासिक
कुमार विश्वास ने मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला मामले में आए अदालती फैसले का भी खुलकर स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि भारत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को लेकर वर्षों से जो संघर्ष चल रहे हैं, उनमें न्यायपालिका द्वारा तथ्यों और इतिहास को महत्व देना सुखद संकेत है।
उन्होंने कहा कि भोजशाला केवल एक इमारत नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा है, जिसे समझने के लिए इतिहास को ईमानदारी से पढ़ना जरूरी है।
ओवैसी को दी इतिहास पढ़ने की नसीहत
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कुमार विश्वास ने तीखे अंदाज में कहा कि ओवैसी को भारत के सांस्कृतिक इतिहास का गंभीरता से अध्ययन करना चाहिए।
उन्होंने कहा,
“चार पीढ़ी पहले उनके पूर्वज भी इसी भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा थे।”
कुमार विश्वास ने कहा कि भारत की संस्कृति किसी एक धर्म या समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हजारों वर्षों से सभी को साथ लेकर चलने वाली परंपरा रही है।
ब्रजभूमि से दिया संस्कृति और राष्ट्रभावना का संदेश
कार्यक्रम के दौरान कुमार विश्वास ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को आधुनिक शिक्षा के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों को भी समझना होगा।
उन्होंने कहा कि भारत की शक्ति उसकी विविधता, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा में छिपी है। अगर युवा पीढ़ी अपनी विरासत को समझेगी, तभी देश मजबूत बनेगा।
साध्वी ऋतंभरा ने कहा— “संस्कारों से मजबूत होगा राष्ट्र”
कार्यक्रम में साध्वी ऋतंभरा ने भी भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा पर अपने विचार रखे।
उन्होंने कहा कि देश की बेटियों को केवल शिक्षित ही नहीं, बल्कि संस्कारित और राष्ट्रनिष्ठ भी बनना होगा। उन्होंने कहा कि भारत की सभ्यता दुनिया को मानवता और सहअस्तित्व का संदेश देती रही है।
वृंदावन में दिए गए कुमार विश्वास के बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। खासकर ओवैसी, राम मंदिर और भोजशाला को लेकर दिए गए उनके बयान राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गए।
समर्थकों ने जहां उनके बयानों को भारतीय संस्कृति की आवाज बताया, वहीं विरोधी विचारधारा के लोगों ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया।
संस्कृति बनाम राजनीति की बहस
ब्रजभूमि में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि यहां से संस्कृति, इतिहास, आस्था और राजनीति को लेकर नई बहस भी छिड़ गई।
राम मंदिर से लेकर भोजशाला तक और ओवैसी से लेकर भारतीय सांस्कृतिक विरासत तक… कुमार विश्वास ने अपने बेबाक अंदाज में कई मुद्दों को एक साथ जोड़ दिया।