154 सड़कें, 20 बड़े नाले, 6900 LED लाइटें… पीलीभीत में नगर पालिका ने ऐसे बदली आधारभूत सुविधाएं?
पीलीभीत नगर पालिका परिषद बीते तीन वर्षों में शहर की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम करती दिखाई दी है। सड़क निर्माण, जल निकासी, प्रकाश व्यवस्था और पेयजल जैसी बुनियादी जरूरतों को लेकर जिस स्तर पर कार्य हुए हैं, उनका असर अब शहर की बदलती तस्वीर में दिखाई देने लगा है। नगर पालिका परिषद का दावा है कि विकास कार्यों को केवल कागजों तक सीमित न रखकर उन्हें जमीन पर उतारने का प्रयास किया गया, ताकि आम नागरिकों को सीधे लाभ मिल सके।
154 से अधिक सड़कों के निर्माण और मरम्मत से बदला आवागमन
शहर के अलग-अलग वार्डों और प्रमुख मार्गों पर पिछले तीन वर्षों में 154 से अधिक सड़कों का निर्माण और मरम्मत कराई गई। लंबे समय से टूटी और जर्जर पड़ी सड़कों को दुरुस्त किया गया, जबकि कई इलाकों में नई सड़कें भी बनाई गईं। इसका सीधा लाभ आम नागरिकों, व्यापारियों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को मिला।
कई मोहल्लों में बरसात के समय सड़कें खराब हो जाती थीं और जलभराव के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। नगर पालिका द्वारा योजनाबद्ध तरीके से निर्माण कार्य कराए जाने के बाद कई क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था पहले से बेहतर हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब शहर के कई हिस्सों में पहले की तुलना में आवाजाही आसान हुई है।
जलभराव से राहत के लिए बनाए गए बड़े नाले
मानसून के दौरान जलभराव की समस्या लंबे समय से शहर की बड़ी परेशानियों में शामिल रही है। इसे देखते हुए नगर पालिका परिषद ने लगभग 20 बड़े नालों का निर्माण कराया। इन नालों के निर्माण से जल निकासी व्यवस्था को मजबूती मिली और बारिश के दौरान कई इलाकों में पानी भरने की समस्या में कमी आई।
जल निकासी व्यवस्था बेहतर होने का असर स्वास्थ्य पर भी देखा जा रहा है। गंदा पानी जमा न होने से बीमारियों की आशंका कम हुई है और लोगों को साफ-सुथरा वातावरण मिलने लगा है। नगर पालिका का मानना है कि शहर के विकास के लिए मजबूत ड्रेनेज सिस्टम सबसे जरूरी आधारभूत सुविधाओं में से एक है।
हाईमास्ट और LED लाइटों से जगमगाया शहर
बेहतर प्रकाश व्यवस्था के लिए नगर पालिका परिषद ने शहर में बड़े स्तर पर हाईमास्ट और एलईडी लाइटें लगाईं। शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों और सड़कों पर 173 हाईमास्ट लाइटें स्थापित की गईं। इसके साथ ही 45, 50, 60 और 90 वॉट की लगभग 6900 एलईडी लाइटें एवं बल्ब लगाए गए।
इस पहल का सबसे बड़ा असर रात के समय सुरक्षा और सुविधा पर पड़ा है। पहले जहां कई क्षेत्रों में अंधेरा रहता था, वहीं अब अधिकांश इलाके रोशनी से जगमगाते दिखाई देते हैं। व्यापारिक गतिविधियों को भी इसका लाभ मिला है और रात के समय लोगों की आवाजाही आसान हुई है।
नौगवां ओवरब्रिज पर रोशनी से बढ़ी सुरक्षा
नगर पालिका परिषद द्वारा नौगवां ओवरब्रिज पर 66 पोल लगाए गए, जिससे पूरे क्षेत्र को रोशन किया गया। ओवरब्रिज पर पहले अंधेरे के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी, लेकिन अब रोशनी की बेहतर व्यवस्था होने से लोगों को राहत मिली है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रात में सफर करने वाले लोगों को अब पहले जैसी परेशानी नहीं होती। बेहतर प्रकाश व्यवस्था से सुरक्षा की भावना भी मजबूत हुई है।
पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए नलकूप
जलकल विभाग के माध्यम से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में नए नलकूप स्थापित किए गए। द्रौपदी मंदिर रोड, आवास विकास और वाटर वर्क्स कंपाउंड सहित कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य किए गए।
नगर पालिका ने पेयजल लीकेज की समस्याओं का समाधान कराने पर भी जोर दिया, ताकि पानी की बर्बादी रोकी जा सके। नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पाइपलाइन और जल आपूर्ति तंत्र को मजबूत करने का प्रयास किया गया है।
आरओ वाटर प्लांट और मोबाइल प्याऊ से लोगों को राहत
शहर के प्रमुख स्थानों पर आरओ वाटर कूलर लगाए गए ताकि लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके। रोडवेज बस स्टेशन पर आरओ वाटर प्लांट का जीर्णोद्धार कर उसे दोबारा संचालित कराया गया। गर्मियों के मौसम में यात्रियों और राहगीरों को इसका बड़ा लाभ मिल रहा है।
इसके अलावा नगर पालिका द्वारा मोबाइल प्याऊ भी संचालित किए जा रहे हैं। गर्मी के मौसम में शहर के अलग-अलग हिस्सों में ठंडा पानी उपलब्ध कराने की यह पहल लोगों के बीच सराही जा रही है।
आधारभूत विकास को जनता से जोड़ने की कोशिश
नगर पालिका परिषद का कहना है कि विकास कार्यों की प्राथमिकता हमेशा जनता की जरूरतों के अनुसार तय की गई। सड़क, रोशनी, पानी और जल निकासी जैसी सुविधाएं सीधे आम नागरिकों के जीवन से जुड़ी होती हैं, इसलिए इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया।
स्थानीय लोगों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में शहर की आधारभूत सुविधाओं में सुधार साफ दिखाई देने लगा है। हालांकि कई क्षेत्रों में अभी भी काम की जरूरत बनी हुई है, लेकिन नगर पालिका द्वारा शुरू की गई परियोजनाओं ने विकास की नई दिशा जरूर दी है।
आधुनिक और व्यवस्थित शहर की ओर बढ़ता पीलीभीत
आज पीलीभीत में आधारभूत सुविधाओं को लेकर जिस स्तर पर कार्य हो रहे हैं, उससे यह संकेत मिलता है कि शहर को आधुनिक और व्यवस्थित स्वरूप देने की कोशिश की जा रही है। सड़क निर्माण, जल निकासी, प्रकाश व्यवस्था और पेयजल जैसी योजनाएं केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा नहीं कर रहीं, बल्कि आने वाले समय के लिए भी मजबूत आधार तैयार कर रही हैं।
यदि इसी गति से विकास कार्य आगे बढ़ते रहे तो आने वाले वर्षों में पीलीभीत प्रदेश के उन शहरों में शामिल हो सकता है, जहां नागरिक सुविधाओं को लेकर योजनाबद्ध तरीके से काम हुआ है।