Hindi News Today: प्रयागराज से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक स्कूल प्रिंसिपल ने संस्था के शीर्ष पदाधिकारियों पर गैंगरेप और मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कहां और कैसे सामने आया मामला?
यह मामला प्रयागराज के कर्नलगंज थाना क्षेत्र का है।
पीड़िता के अनुसार वह एक स्कूल में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत हैं, जो “डायसिस ऑफ लखनऊ” संस्था के अंतर्गत चलता है।
महिला का आरोप है कि संस्था के चेयरमैन, उनके बेटे और सेक्रेटरी ने नौकरी से निकालने की धमकी देकर उनके साथ कई बार गलत काम किया।
नौकरी की धमकी देकर शोषण का आरोप
पीड़िता ने बताया कि:
- उसे लगातार नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती थी
- विरोध करने पर गालियां और जान से मारने की धमकी मिली
- उसे “ऊपर के अधिकारियों को संतुष्ट करने” के लिए मजबूर किया गया
डर और दबाव के कारण वह लंबे समय तक चुप रही।
पूर्व पति पर भी मदद करने का आरोप
महिला ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में:
- उसके पूर्व पति का भी सहयोग रहा
- सभी आरोपी मिलकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते रहे
FIR कब और किन पर दर्ज हुई?
पीड़िता ने 23 मई को कर्नलगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई।
FIR इन लोगों के खिलाफ दर्ज की गई है:
- बिशप मॉरिस एडगर दान
- उनका बेटा एलन दान
- सेक्रेटरी राकेश चत्री
- एक अन्य आरोपी
पीड़िता कौन है?
- मूल रूप से बिहार की रहने वाली
- लगभग 15 साल से प्रयागराज में रह रही
- कटरा क्षेत्र के स्कूल में प्रिंसिपल
- दो साल पहले तलाक हो चुका है
संस्था और चर्च से जुड़ा मामला
यह स्कूल चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया के अंतर्गत डायसिस ऑफ लखनऊ द्वारा संचालित बताया गया है।
इस संस्था का संचालन धार्मिक और शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ है, जिसमें स्कूल-कॉलेज और सामाजिक कार्य शामिल हैं।
पीड़िता का आरोप: “एक साल से प्रताड़ित किया जा रहा था”
महिला ने बताया कि:
- पिछले एक साल से लगातार उत्पीड़न हो रहा था
- ऑफिस बुलाकर गलत तरीके से छूने और शोषण का आरोप
- विरोध करने पर नौकरी छीनने की धमकी
पुलिस जांच शुरू, बयान और मेडिकल होगा
एसीपी कर्नलगंज विमल किशोर मिश्र के अनुसार:
- FIR दर्ज कर ली गई है
- पीड़िता के बयान और मेडिकल जांच की प्रक्रिया जारी है
- सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है
बड़ा सवाल: संस्थागत पदों का दुरुपयोग?
इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि:
- क्या संस्थानों में पद का दुरुपयोग हो रहा है?
- क्या नौकरी की धमकी देकर शोषण के मामले बढ़ रहे हैं?
पुलिस जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।