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पीलीभीत, पूरनपुर तराई क्षेत्र के लिए बड़ी खुशखबरी। 26 जुलाई से कासगंज–ऐशबाग एक्सप्रेस शुरू होगी, यात्रियों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी सुविधा।

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Lucknow: मकबरा या राजा कंस का शिव मंदिर? क्या है पूरा विवाद? हनुमान चालीसा पढ़ने की कोशिश, भारी पुलिस बल तैनात..

Lucknow: मकबरा या राजा कंस का शिव मंदिर? क्या है पूरा विवाद? हनुमान चालीसा पढ़ने की कोशिश, भारी पुलिस बल तैनात..

Lucknow: Malihabad के कसमंडी कलां गांव में बड़े मंगल से पहले प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। गांव में मौजूद विवादित ढांचे को लेकर तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि किसी भी तरह की गतिविधि से माहौल बिगड़ने नहीं दिया जाएगा।

विवादित ढांचे पर सुरक्षा बढ़ाई गई

कसमंडी कलां गांव में स्थित विवादित ढांचों के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। बागों और आसपास के इलाकों में भी पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।

प्रशासन ने ढांचे के पास जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

हनुमान चालीसा पढ़ने की घोषणा के बाद तनाव

बीते शनिवार को सुहेलदेव आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेश पासी ने विवादित ढांचे के पास पहुंचकर हनुमान चालीसा पढ़ने की कोशिश की थी। उन्होंने मंगलवार को फिर से आने और हनुमान चालीसा पढ़ने की घोषणा की थी।

इसके बाद से ही प्रशासन सतर्क हो गया और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई।

पुरातत्व टीम के पहुंचने की संभावना

सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को पुरातत्व विभाग की टीम मौके पर पहुंच सकती है। इसी को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने पूरे इलाके में निगरानी और सख्त कर दी है।

इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि सभी रास्तों पर पुलिस तैनात है और बागों में भी लगातार गश्त की जा रही है।

विभिन्न संगठनों ने तेज किया समर्थन अभियान

इस मामले को लेकर कई संगठनों ने अपना समर्थन अभियान भी तेज कर दिया है। स्थानीय स्तर पर लोगों के बीच बैठकें और चर्चा भी हो रही हैं।

प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की भीड़ या उकसावे वाली गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

नुक्कड़ सभाओं से समर्थन जुटाने की कोशिश

लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी ने हाल ही में कई सांसदों से अपील करते हुए कसमंडी में स्थित “किला बचाने” के लिए समर्थन मांगा है।

उन्होंने RK Chaudhary, Awdhesh Prasad, Priya Saroj और Pushpendra Saroj से भी इस मुद्दे पर समर्थन की अपील की।

इसके अलावा उन्होंने हरदोई और सीतापुर जिलों में ग्रामीणों के साथ नुक्कड़ सभाएं कर समर्थन जुटाने की कोशिश की।

क्या है पूरा विवाद?

यह विवाद 21 मई से जुड़ा बताया जा रहा है। सूरज पासी का दावा है कि कसमंडी में बना मकबरा और मस्जिद असल में प्राचीन समय (980 से 1031 ईस्वी) में राजपासी राजा कंस का शिव मंदिर और किला था।

उनका कहना है कि आज भी वहां दीवारों पर हिंदू परंपरागत आकृतियां दिखाई देती हैं, जिन्हें लेकर यह विवाद और गहरा गया है।

प्रशासन का सख्त रुख—माहौल बिगड़ने नहीं देंगे

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी प्रकार की धार्मिक या विवादित गतिविधि से माहौल खराब नहीं होने दिया जाएगा।

पुलिस लगातार निगरानी में है और पूरे क्षेत्र को संवेदनशील मानते हुए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।