3

Recent News

Archery World Cup में गोल्ड जीतने वाले दूसरे भारतीय तीरंदाज बने 'धीरज', शूट-ऑफ में परफेक्ट 10 लगाकर मारी बाजी..

Archery World Cup: भारत के युवा रिकर्व तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा ने आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए…

Womens Asia Cup: भारतीय शेरनियों ने रचा इतिहास! पाकिस्तान की किरकिरी; मोहसिन नकवी से नहीं ली ट्रॉफी.. दिए थे 2 विकल्प!

Womens Asia Cup: भारत ने विमेंस एशिया कप के फाइनल में श्रीलंका को 72 रन से हराकर 8वीं बार एशिया…

Pilibhit में गूंजा हनुमान दल का जयघोष, हिंदू एकजुटता का संकल्प! कहा - 'अब संकट में कोई सनातनी अकेला नहीं'

Pilibhit के कलीनगर क्षेत्र में राष्ट्रीय हनुमान दल की महत्वपूर्ण बैठक एवं विचार गोष्ठी का आयोजन ग्राम पंचायत बांसखेड़ा में…

Pilibhit News: दावत के लिए बछड़े की हत्या, फिर पुलिस पर गोली चलाई; 2 महीनों से फरार 'शरीफ' दे रहा था चकमा, गिरफ्तार..

Pilibhit News: दावत के लिए गोवंशीय बछड़े का वध करने और उसके अवशेष गन्ने के खेत में फेंकने के मामले…

Asian Games से पहले भारतीय खिलाड़ी का आत्महत्या की धमकी वाला वीडियो, कहा - 'मां-पापा माफ करना...', लेकिन क्यों?

Asian Games: जापान में 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियन गेम्स से ठीक पहले भारतीय वुशु टीम से जुड़ा…

3

Recent News

Archery World Cup: भारत के युवा रिकर्व तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा ने आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए…

Womens Asia Cup: भारत ने विमेंस एशिया कप के फाइनल में श्रीलंका को 72 रन से हराकर 8वीं बार एशिया…

Pilibhit के कलीनगर क्षेत्र में राष्ट्रीय हनुमान दल की महत्वपूर्ण बैठक एवं विचार गोष्ठी का आयोजन ग्राम पंचायत बांसखेड़ा में…

Pilibhit News: दावत के लिए गोवंशीय बछड़े का वध करने और उसके अवशेष गन्ने के खेत में फेंकने के मामले…

Asian Games: जापान में 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियन गेम्स से ठीक पहले भारतीय वुशु टीम से जुड़ा…

Breaking News

पीलीभीत नगर पंचायत पकरिया नौगवां में ‘14 सुपरवाइजर’की फर्जी नियुक्ति का खेल! अध्यक्ष पर गंभीर आरोप

पीलीभीत की नगर पंचायत पकरिया नौगवां में 14 सुपरवाइजर नियुक्ति विवाद गरमाया, अध्यक्ष पक्ष पर फर्जी नियुक्ति और भुगतान के आरोप।

पीलीभीत की नगर पंचायत में ‘14 सुपरवाइजर’ फर्जी नियुक्ति आरोप, अधिशासी अधिकारी के समर्थन में उतरे शिकायतकर्ता

पीलीभीत जिले की नगर पंचायत पकरिया नौगवां इन दिनों कथित “14 सुपरवाइजर” विवाद को लेकर सुर्खियों में है। नगर पंचायत में सफाई व्यवस्था, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की नियुक्ति, सरकारी धन के उपयोग और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

इस पूरे मामले में राष्ट्रीय वाल्मीकि एकता मंच (भारत) के जिला अध्यक्ष राजकुमार पुत्र मेवाराम ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर नगर पंचायत अध्यक्ष पक्ष और उनके प्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं उन्होंने अधिशासी अधिकारी हरिपाल का बचाव करते हुए उन्हें ईमानदार अधिकारी बताया है।

मामले ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।

 जिलाधिकारी को सौंपा गया शिकायती पत्र

नगर पंचायत पकरिया नौगवां निवासी एवं राष्ट्रीय वाल्मीकि एकता मंच (भारत) के जिला अध्यक्ष राजकुमार ने जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि नगर पंचायत में नियमों के विपरीत 14 सुपरवाइजरों की नियुक्ति की गई है।

उन्होंने कहा कि नगर पंचायत में कुल 14 वार्ड हैं और प्रत्येक वार्ड में पहले से सफाई कर्मचारी तैनात हैं। सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए चार सुपरवाइजर पर्याप्त बताए गए थे, लेकिन इसके बावजूद 14 अतिरिक्त सुपरवाइजरों को कार्य पर रखा गया।

राजकुमार का आरोप है कि इन सुपरवाइजरों को हर महीने लगभग 10 हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है और इसकी निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है।

नगर पंचायत अध्यक्ष पक्ष पर गंभीर आरोप

शिकायतकर्ता राजकुमार ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि नगर पंचायत अध्यक्ष पक्ष और उनके प्रतिनिधि संतोष सिंह द्वारा अधिशासी अधिकारी हरिपाल पर दबाव बनाया गया।

उन्होंने दावा किया कि अधिशासी अधिकारी हरिपाल ने पहले की गई शिकायतों की जांच में स्पष्ट किया था कि कुछ आरोप तथ्यहीन हैं। इसके बाद कथित तौर पर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई और उन पर विकास कार्यों में लापरवाही जैसे आरोप लगाए गए।

राजकुमार ने यह भी कहा कि अधिशासी अधिकारी को हटाने के पीछे मुख्य वजह 14 सुपरवाइजरों के भुगतान और उनसे जुड़े विवाद को बताया जा रहा है।

अधिशासी अधिकारी ने आरोपों का दिया जवाब

मामले में अधिशासी अधिकारी हरिपाल की ओर से जिलाधिकारी कार्यालय को भेजे गए जवाब में कई महत्वपूर्ण बातें सामने आईं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर पंचायत क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बनाए रखने और बढ़ते कार्यभार को संभालने के लिए आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है।

दस्तावेजों के अनुसार नगर पंचायत में कुल 101 आउटसोर्सिंग कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें सफाई कर्मचारियों के साथ पर्यवेक्षण कार्य देखने वाले कर्मचारी भी शामिल हैं।

हरिपाल ने अपने जवाब में कहा कि नगर क्षेत्र का विस्तार, बढ़ती आबादी और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की जरूरत पड़ी।

सड़क निर्माण और विकास कार्यों पर भी उठे सवाल

शिकायत में नगर पंचायत क्षेत्र में अधूरे विकास कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए गए।

राजकुमार ने आरोप लगाया कि कुछ सड़क निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरे पड़े हैं। इसके जवाब में अधिशासी अधिकारी हरिपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के तहत निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं और धनराशि किस्तों में प्राप्त होने के कारण कुछ कार्य शेष हैं।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि बजट मिलते ही बाकी कार्य पूरे करा दिए जाएंगे।

स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था पर विवाद

शिकायत में नगर पंचायत क्षेत्र में खराब स्ट्रीट लाइट व्यवस्था और सफाई तंत्र को लेकर भी सवाल उठाए गए।

हरिपाल की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण में कहा गया कि कई जगह तकनीकी खराबी और भूमिगत केबल क्षतिग्रस्त होने के कारण दिक्कत आई थी। विभागीय स्तर पर मरम्मत कार्य जारी है और खराब लाइटों को ठीक कराया जा रहा है।

जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने में देरी का आरोप

राजकुमार ने अपने पत्र में नगर पंचायत कार्यालय में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रमाण पत्र बनने में जरूरत से ज्यादा समय लिया जा रहा है, जिससे आम नागरिक परेशान हो रहे हैं।

इस पर अधिशासी अधिकारी हरिपाल ने जवाब दिया कि प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया शासन की निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार की जाती है और नागरिकों को सुविधा देने के लिए व्यवस्था को और अधिक सरल बनाया जा रहा है।

राजनीतिक खींचतान या वास्तविक अनियमितता?

पूरा मामला अब केवल प्रशासनिक विवाद नहीं रह गया है, बल्कि इसके पीछे राजनीतिक खींचतान की भी चर्चा शुरू हो गई है।

एक पक्ष नगर पंचायत में वित्तीय अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन का आरोप लगा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीतिक दबाव की रणनीति बता रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो सच्चाई सामने आ सकती है।

निष्पक्ष जांच बताएगी हक़ीक़त क्या है 

शिकायतकर्ता राजकुमार ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाए तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

वहीं अधिशासी अधिकारी हरिपाल का कहना है कि नगर पंचायत के सभी कार्य शासन के नियमों के अनुरूप किए गए हैं और किसी भी प्रकार की जांच में पूरा सहयोग दिया जाएगा।

अब सबकी निगाह प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है। आने वाले दिनों में जांच के बाद यह साफ हो सकेगा कि नगर पंचायत पकरिया नौगवां में चल रहा यह विवाद वास्तव में अनियमितताओं का मामला है या फिर राजनीतिक और प्रशासनिक संघर्ष का परिणाम।