UP Encounter: उत्तर प्रदेश के बरेली में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां डेढ़ साल के मासूम बच्चे को किडनैप कर बेचने जा रहे दो बदमाशों को पुलिस ने एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी, जबकि बच्चे को सुरक्षित परिवार को सौंप दिया गया।
3 दिन पहले घर के बाहर से हुआ था बच्चा लापता
पूरा मामला 24 मई का है, जब बच्चा अपने घर के बाहर खेलते हुए अचानक लापता हो गया। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन बच्चा नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
CCTV से खुला किडनैपिंग का राज
जांच के दौरान CCTV फुटेज खंगाले गए, जिसमें दो लोग बच्चे को उठाकर ले जाते हुए दिखाई दिए। इसके बाद एसपी (साउथ) Anshika Verma ने कई टीमों का गठन कर सर्च ऑपरेशन शुरू कराया।
रात 2 बजे पुलिस और बदमाशों की मुठभेड़
26 मई की रात पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी बच्चे को बेचने की कोशिश में हैं। फुलासी तिराहे के पास पुलिस ने घेराबंदी की। देर रात करीब 2 बजे दो संदिग्ध बाइक पर दिखे। रुकने का इशारा करने पर वे भागने लगे, तभी एनकाउंटर शुरू हो गया।
फायरिंग और बच्चा झाड़ियों में गिरा
भागने के दौरान बदमाशों की बाइक फिसल गई और बच्चा झाड़ियों में गिर गया। इसी दौरान बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई। इस मुठभेड़ में एक हेड कॉन्स्टेबल भी घायल हो गया।
जान पर खेलकर दरोगा ने बचाई मासूम की जान
एनकाउंटर के बीच दरोगा सोमपाल सिंह तुरंत बच्चे की ओर दौड़े और उसे अपनी गोद में उठाकर सुरक्षित स्थान पर ले गए, जिससे बच्चा किसी भी गोलीबारी की चपेट में नहीं आया।
मां का दर्द और भावुक पल
पुलिस जब बच्चे को लेकर परिवार के पास पहुंची, तो मां दौड़कर अपने बच्चे को गले लगा लिया और फूट-फूटकर रोने लगी। उसने पुलिसकर्मियों को हाथ जोड़कर धन्यवाद दिया।
आरोपियों की पहचान और क्रिमिनल कनेक्शन
पुलिस ने दो आरोपियों की पहचान योगेश कन्नौजिया (28, शाहजहांपुर) और पवन सिंह (25, बदायूं) के रूप में की है। दोनों के पास से तमंचे, कारतूस और बिना नंबर की बाइक बरामद हुई है।
चौंकाने वाला खुलासा: नवजात बेचने का नेटवर्क
पूछताछ में आरोपी योगेश ने बताया कि वह नर्सिंग की पढ़ाई कर रहा था और एक शख्स के संपर्क में आकर बच्चों को बेचने के नेटवर्क में शामिल हुआ। मासूम बच्चों को निसंतान दंपतियों को बेचने की योजना थी।
पुलिस का बयान और आगे की जांच
एसपी साउथ Anshika Verma ने बताया कि 48 घंटे के अंदर बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया गया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।