UP Free Scooty Yojana: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार एक बार फिर बड़ा चुनावी दांव खेलने की तैयारी में है। सरकार 50 हजार से ज्यादा मेधावी छात्राओं को फ्री स्कूटी देने की योजना पर तेजी से काम कर रही है। यह वही वादा है जो 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान किया गया था, जिसे अब 2027 चुनाव से पहले पूरा करने की कोशिश हो रही है। इसके लिए सरकार ने ₹400 करोड़ का बजट भी तय कर लिया है।
क्या है रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना?
इस योजना के तहत मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी दी जाएगी, ताकि उन्हें कॉलेज आने-जाने में आसानी हो सके। सरकार का उद्देश्य है कि बेटियां पढ़ाई के लिए आत्मनिर्भर बनें और उनकी शिक्षा में किसी तरह की बाधा न आए।
सरकार को इससे क्या फायदा होगा?
इस योजना के जरिए सरकार तीन बड़े फायदे देख रही है:
- यूपी में करीब 6.09 करोड़ महिला वोटर हैं, जिन्हें सीधा मैसेज देना
- जिन लड़कियों को स्कूटी मिलेगी, उनमें से कई 2027 में पहली बार वोट देंगी
- विपक्ष के “वादे पूरे नहीं किए” वाले आरोप को खत्म करना
EV या पेट्रोल स्कूटी? क्या चल रहा है प्लान
सरकार के अंदर अभी इस बात पर मंथन चल रहा है कि स्कूटी इलेक्ट्रिक दी जाए या पेट्रोल वाली।
- EV स्कूटी को प्राथमिकता: ताकि बेटियों पर पेट्रोल खर्च का बोझ न पड़े
- चुनौती: गांवों में चार्जिंग की समस्या
- फोकस: मजबूत और टिकाऊ स्कूटी, जो लंबे समय तक चले
किन छात्राओं को मिलेगी स्कूटी?
सरकार अभी पात्रता तय कर रही है। दो बड़े बिंदुओं पर विचार हो रहा है:
1. पढ़ाई के आधार पर चयन
- बोर्ड टॉपर्स (UP, CBSE, ICSE)
- या ग्रेजुएशन/पोस्ट ग्रेजुएशन में 75%+ अंक
2. आय सीमा
- गरीब और मध्यम वर्ग की बेटियों को प्राथमिकता
- एक तय पारिवारिक आय सीमा लागू होगी
पहले क्यों अटक गई थी योजना?
वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी इस योजना के लिए ₹400 करोड़ का बजट रखा गया था, लेकिन नियम तय न होने के कारण यह बजट लैप्स हो गया। अब 2026-27 में फिर से ₹400 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
ऑटो कंपनियों को टेंडर का इंतजार
Hero, TVS, Ola और Bajaj जैसी बड़ी कंपनियां इस योजना के टेंडर का इंतजार कर रही हैं।
एक साथ 50 हजार स्कूटियों का ऑर्डर मिलने से कंपनियों को कम कीमत पर सप्लाई करनी पड़ सकती है।
टैबलेट और स्मार्टफोन योजना भी तेज
सरकार सिर्फ स्कूटी ही नहीं, बल्कि “विवेकानंद छात्र सशक्तिकरण योजना” को भी आगे बढ़ा रही है।
- चुनाव से पहले 25 लाख टैबलेट और स्मार्टफोन बांटे जाएंगे
- अब तक 60 लाख से ज्यादा डिवाइस वितरित किए जा चुके हैं
विपक्ष क्या कह रहा है?
सीनियर जर्नलिस्ट आनंद राय का कहना है कि ऐसी योजनाएं चुनाव से पहले वोट बैंक मजबूत करने का तरीका होती हैं।
उन्होंने 2003 की “कन्या विद्या धन योजना” का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे महिलाओं में अच्छा संदेश गया था और भाजपा भी उसी दिशा में काम कर रही है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).