BJP Neta Murder: लखनऊ में एक मामूली सिगरेट विवाद ने खौफनाक मोड़ ले लिया। बीजेपी युवा मोर्चा के सदस्य शिवम सिंह की बेरहमी से पिटाई और पथराव कर हत्या कर दी गई। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया है और पुलिस जांच में जुटी हुई है।
कहां और कैसे हुआ विवाद
यह घटना विभूतिखंड थाना क्षेत्र के जलवा क्लब के बाहर की है। जानकारी के मुताबिक, अयोध्या निवासी शिवम सिंह अपने दोस्तों निलेश और जीशान के साथ पार्टी करने लखनऊ आए थे।
देर रात क्लब के बाहर सिगरेट पीने को लेकर कुछ युवकों से कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई।
बेरहमी से पिटाई और पथराव
आरोप है कि विवाद बढ़ने पर हमलावरों ने शिवम सिंह पर हमला कर दिया। उन्हें बेरहमी से पीटा गया और ईंट-पत्थरों से भी वार किए गए।
हमले में शिवम गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही गिर पड़े और बेहोश हो गए। घटना के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई।
अस्पताल में इलाज के दौरान मौत
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। शिवम को पहले राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बेड खाली न होने के कारण उन्हें गोमतीनगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वहीं इलाज के दौरान शिवम सिंह ने दम तोड़ दिया।
परिजनों का साजिश का आरोप
मृतक के भाई सौरभ सिंह ने आरोप लगाया है कि शिवम के साथ मौजूद दोस्तों ने उनकी कोई मदद नहीं की और यह पूरी घटना साजिश का हिस्सा हो सकती है।
सौरभ के मुताबिक, घटना की जानकारी उन्हें सुबह करीब 4 बजे मिली और 6:30–7 बजे के बीच वे अस्पताल पहुंचे।
दोस्तों और पुलिस पर भी उठे सवाल
परिजनों का कहना है कि घटना के बाद शिवम के दोस्तों ने न तो हालचाल लिया और न ही सही जानकारी दी।
उन्होंने पुलिस पर भी गुमराह करने और उचित कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। सौरभ ने बताया कि एक अनजान व्यक्ति ने उन्हें फोन कर सूचना दी थी और 112 पर भी कॉल किया गया था।
पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच जारी
पुलिस ने पीड़ित के भाई की तहरीर पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
कौन थे शिवम सिंह
शिवम सिंह अयोध्या के रहने वाले थे और बीजेपी कार्यसमिति के सदस्य बताए जा रहे हैं।
घटना के समय वह अपने दोस्तों निलेश मौर्य और अन्य साथियों के साथ मौजूद थे।
निलेश के अनुसार, सिगरेट को लेकर विवाद के बाद कुछ लोगों ने गाड़ी पर पथराव किया, जिसके बाद वे कठौता झील के पास रुक गए थे।