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पीलीभीत: किसानों के लिए गेम चेंजर है यह योजना, जल्दी उठाइये लाभ वरना छूट जाएगा मौका

पीलीभीत में किसानों के लिए शुरू हुई खेत तालाब योजना, सरकार दे रही 52,500 रुपये तक अनुदान। जल्दी आवेदन करें वरना मौका छूट जाएगा।

खेत तालाब योजना बनी किसानों के लिए गेम चेंजर!

किसान भाइयों खुलकर उठाइये लाभ, सरकार दे रही हजारों की मदद — खेत में बनाइये तालाब, आमदनी होगी दोगुनी

पीलीभीत में खेत तालाब योजना की शुरुआत, बारिश का पानी अब बनेगा कमाई का जरिया

पीलीभीत।
खेती में लगातार बढ़ती लागत, घटता भूगर्भ जल स्तर और मौसम की मार से परेशान किसानों के लिए अब राहत की बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी “खेत तालाब योजना” किसानों के लिए किसी गेम चेंजर से कम साबित नहीं हो रही। यह योजना सिर्फ पानी बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने का मजबूत जरिया बनकर तेजी से सामने आ रही है। खेत में तालाब बनाकर किसान अब मछली पालन, मखाना, सिंघाड़ा, कमलगट्टा और मोती की खेती जैसे कई अतिरिक्त व्यवसाय शुरू कर सकते हैं और अपनी कमाई को कई गुना तक बढ़ा सकते हैं।

भूमि संरक्षण अधिकारी कौशल किशोर ने जानकारी देते हुए बताया कि कृषि विभाग के भूमि संरक्षण अनुभाग द्वारा भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजना राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत “पर ड्रॉप मोर ड्रॉप” योजना संचालित की जा रही है। इसके उपघटक “अदर इंटरवेंशन” के तहत खेत तालाब योजना लागू की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और जल संरक्षण को मजबूत करना है।

खेत में तालाब बनाइये, सरकार से पाइये 52,500 रुपये तक का अनुदान

योजना के तहत खेत में मानक आकार का तालाब तैयार कराया जाएगा। प्रत्येक तालाब की लंबाई 22 मीटर, चौड़ाई 20 मीटर और गहराई 3 मीटर निर्धारित की गई है। एक तालाब की कुल लागत करीब 1 लाख 5 हजार रुपये तय की गई है।

इसमें किसानों को सरकार की ओर से 50 प्रतिशत यानी 52,500 रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। यह राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में डीबीटी माध्यम से दो किस्तों में भेजी जाएगी।

पहली किस्त

तालाब की खुदाई पूरी होने पर किसानों को 39,375 रुपये मिलेंगे।

दूसरी किस्त

तालाब में पानी आने का रास्ता (इनलेट) और डिस्प्ले बोर्ड लगाने के बाद 13,125 रुपये की दूसरी किस्त जारी की जाएगी।

पम्पसेट पर भी मिलेगी मदद, पानी की समस्या होगी दूर

योजना में सिर्फ तालाब ही नहीं, बल्कि सिंचाई को और मजबूत बनाने के लिए सरकार किसानों को अतिरिक्त सहायता भी दे रही है। यदि किसान वाटर लिफ्टिंग डिवाइस के लिए पम्पसेट खरीदते हैं तो उस पर भी 50 प्रतिशत या अधिकतम 15 हजार रुपये तक का अनुदान मिलेगा।

सरकार का मानना है कि खेत में जल संचयन बढ़ने से किसानों को सूखे जैसी परिस्थितियों से राहत मिलेगी और सिंचाई के लिए बार-बार महंगे साधनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

बारिश का पानी अब नहीं होगा बर्बाद, भूगर्भ जल स्तर में भी होगा सुधार

विशेषज्ञों के अनुसार यह योजना आने वाले समय में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। खेत तालाब बनने से बारिश का पानी खेतों में ही संरक्षित रहेगा। इससे भूगर्भ जल स्तर सुधरेगा और किसानों को सालभर पानी की उपलब्धता बनी रहेगी।

कृषि जानकारों का कहना है कि जिन किसानों के खेतों में तालाब होंगे, उन्हें धान, गेहूं, गन्ना, सब्जी और बागवानी जैसी फसलों में सिंचाई संकट का सामना कम करना पड़ेगा। यही कारण है कि सरकार इस योजना को तेजी से आगे बढ़ा रही है।

“पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर होगा चयन

भूमि संरक्षण अधिकारी ने बताया कि किसानों का चयन “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर किया जाएगा। ऐसे किसानों को प्राथमिकता मिलेगी जिन्होंने पिछले सात वर्षों में कृषि या उद्यान विभाग से सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली लगवाई है और वह वर्तमान में चालू अवस्था में है।

आवेदन से पहले जरूरी है “फार्मर रजिस्ट्री”

योजना का लाभ लेने के लिए किसान की फार्मर रजिस्ट्री होना अनिवार्य है। किसान कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट
www.agriculture.up.gov.in
पर जाकर ऑनलाइन टोकन के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

योजना में आवेदन करते समय किसानों को 1000 रुपये टोकन मनी ऑनलाइन जमा करनी होगी।

आवेदन करते समय ये दस्तावेज होंगे जरूरी

टोकन कन्फर्म होने के बाद किसानों को 10 दिन के भीतर जरूरी अभिलेख पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। इनमें शामिल हैं —

  • खतौनी
  • खेत के साथ फोटो
  • शपथ पत्र
  • खसरा विवरण
  • घोषणा पत्र

यदि निर्धारित समय में दस्तावेज अपलोड नहीं किए गए तो आवेदन स्वतः निरस्त हो जाएगा।

पीलीभीत को मिला 12 तालाबों का लक्ष्य

वर्ष 2026-27 के लिए जनपद पीलीभीत को कुल 12 खेत तालाबों का लक्ष्य मिला है। इनमें —

  • 10 तालाब सामान्य वर्ग के लिए
  • 02 तालाब अनुसूचित जाति वर्ग के लिए निर्धारित किए गए हैं।

किसान भाइयों के लिए सुनहरा मौका, आय बढ़ाने का शानदार अवसर

ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में खेत तालाब योजना किसानों के लिए बड़ा अवसर बनकर सामने आई है। एक तरफ खेत में पानी का स्थायी इंतजाम होगा, दूसरी तरफ मछली पालन और अन्य जल आधारित खेती से अतिरिक्त कमाई का रास्ता खुलेगा।

कृषि विभाग का कहना है कि किसान जितनी जल्दी आवेदन करेंगे, उन्हें योजना का लाभ मिलने की संभावना उतनी अधिक रहेगी क्योंकि चयन सीमित संख्या में किया जाना है।

अधिक जानकारी के लिए यहां करें संपर्क

खेत तालाब योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए किसान भूमि संरक्षण अधिकारी इं. कौशल किशोर के मोबाइल नंबर
7839882620
या कार्यालय भूमि संरक्षण अधिकारी, पीलीभीत में संपर्क कर सकते हैं।

अब इंतजार नहीं, खेत में तालाब बनाइये…

पानी बचाइये, खेती मजबूत कीजिये और कमाई बढ़ाइये!