Hindi News: महाराष्ट्र के नागपुर से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक बुजुर्ग दंपती अपने बंद घर में मृत पाए गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पहले पति की मौत हुई और उसके बाद बिस्तर पर पड़ी पत्नी ने कई दिनों तक भूख-प्यास और भीषण गर्मी में तड़पते हुए दम तोड़ दिया।
घर से बदबू आने पर हुआ खुलासा
यह घटना वाड़ी थाना क्षेत्र के दावलामेठी स्थित म्हाडा कॉलोनी की है। कई दिनों तक घर बंद रहने और अंदर से दुर्गंध आने पर पड़ोसियों को शक हुआ।
इसके बाद कौशल्या भोंगाडे की बेटी के पति मोहम्मद गौस मौके पर पहुंचे और पड़ोसियों की मदद से घर का दरवाजा तोड़ा गया।
अलग-अलग कमरों में मिले दोनों के शव
दरवाजा तोड़ने के बाद जो दृश्य सामने आया, वह बेहद भयावह था।
77 वर्षीय गंगाधर भोंगाडे का शव रसोई में पड़ा मिला, जबकि उनकी 75 वर्षीय पत्नी कौशल्या भोंगाडे का शव दूसरे कमरे में बिस्तर पर मिला।
रसोई में गिरने से हुई पति की मौत
पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में अंदेशा है कि गंगाधर रसोई में फिसलकर गिर गए थे। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
वह उठ नहीं सके और उनका मोबाइल फोन भी बंद पड़ा था, जिससे किसी को सूचना नहीं मिल सकी।
पत्नी ने भूख-प्यास और गर्मी से तोड़ा दम
कौशल्या लंबे समय से बिस्तर पर थीं और पूरी तरह पति पर निर्भर थीं।
पति की मौत के बाद वह न तो मदद मांग सकीं और न ही खुद के लिए खाना-पानी का इंतजाम कर सकीं।
पुलिस को आशंका है कि उन्होंने कई दिनों तक जीवित रहने की कोशिश की, लेकिन अंततः डिहाइड्रेशन, भूख और भीषण गर्मी के कारण उनकी मौत हो गई।
कोई संतान नहीं, एक-दूसरे का सहारा थे दोनों
दंपती की अपनी कोई संतान नहीं थी। गंगाधर ने कौशल्या की पहली शादी से हुए चार बच्चों को अपनाया था।
परिवार के लोगों के अनुसार, दोनों एक-दूसरे के सहारे जीवन बिता रहे थे और साधारण जीवन में खुश थे।
रेडियो बजता रहा, किसी को नहीं हुआ शक
पड़ोसियों ने बताया कि दंपती को संगीत सुनने का शौक था और उनके घर में अक्सर रेडियो बजता रहता था।
इसी वजह से किसी को भी अंदाजा नहीं हुआ कि घर के अंदर इतनी बड़ी घटना हो चुकी है।
26 मई के आसपास हुई घटना का अनुमान
पुलिस को घर के बाहर 27, 28 और 29 मई के अखबार पड़े मिले हैं।
इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि यह घटना 26 मई की रात के आसपास हुई होगी।
गंगाधर का शव ज्यादा सड़ चुका था, जबकि कौशल्या का शव अपेक्षाकृत कम क्षतिग्रस्त था, जिससे साफ है कि वह कुछ दिन और जीवित रहीं।
आखिरी कॉल में मदद मांगी थी
जानकारी के मुताबिक, गंगाधर ने अपनी बड़ी बेटी को फोन कर तबीयत खराब होने की बात बताई थी।
उन्होंने अस्पताल जाने और पत्नी की देखभाल के लिए किसी को भेजने की गुजारिश भी की थी।
बेटी ने जून के पहले सप्ताह में आने का भरोसा दिया था, लेकिन इससे पहले ही यह हादसा हो गया।
पुलिस जांच में नहीं मिले आपराधिक साक्ष्य
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाया।
जांच में चोरी, लूटपाट या किसी साजिश के कोई संकेत नहीं मिले हैं।
पुलिस के अनुसार यह एक प्राकृतिक लेकिन बेहद दर्दनाक और अकेली मौत का मामला प्रतीत होता है।