Mahoba News: यूट्यूब पर मशाल बनाने का वीडियो देख मासूम ने दोहराया खतरनाक प्रयोग, आग की लपटों में झुलसा 9
मोबाइल स्क्रीन पर दिखा वीडियो, घर में शुरू हुआ प्रयोग और कुछ ही सेकंड में हादसा
महोबा शहर के भटीपुरा मोहल्ले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने डिजिटल दुनिया में बच्चों की बढ़ती निर्भरता और अभिभावकों की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यूट्यूब पर मशाल बनाने का वीडियो देखने के बाद एक 9 वर्षीय मासूम ने घर में वैसा ही प्रयोग करने की कोशिश की, लेकिन यह प्रयोग कुछ ही क्षणों में हादसे में बदल गया । मशाल जलाने के दौरान भड़की आग की लपटों ने बच्चे को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे उसका चेहरा और शरीर का हिस्सा झुलस गया।
घटना के बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई। बच्चे की चीख सुनकर दौड़े परिजनों ने किसी तरह आग पर काबू पाया और उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार किया गया।
यूट्यूब पर देखा वीडियो, फिर घर में शुरू कर दिया प्रयोग
जानकारी के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के भटीपुरा मोहल्ले में रहने वाले अरविंद का 9 वर्षीय पुत्र दिव्यांश घर में मोबाइल चला रहा था। इसी दौरान उसकी नजर यूट्यूब पर एक ऐसे वीडियो पर पड़ी जिसमें मशाल बनाने का तरीका दिखाया जा रहा था।
वीडियो देखने के बाद बच्चे के मन में भी वैसी ही मशाल बनाने की इच्छा जागी। उसने घर में रखी लकड़ी और एक पुराना बोरा इकट्ठा किया और वीडियो में दिखाए गए तरीके की नकल करते हुए मशाल तैयार कर ली। लेकिन उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह प्रयोग उसके लिए कितना खतरनाक साबित हो सकता है।
तारपीन का तेल डालते ही भड़क गई आग
बताया जा रहा है कि मशाल तैयार करने के बाद दिव्यांश ने उसमें घर में रखा तारपीन का तेल डाल दिया। इसके बाद उसने माचिस की तीली से मशाल जलाने की कोशिश की। जैसे ही आग लगाई गई, अचानक तेज लपटें उठीं और कुछ ही सेकंड में आग बच्चे के कपड़ों में लग गयी।
आग की लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि मासूम संभल भी नहीं पाया। उसका चेहरा और शरीर का हिस्सा झुलस गया। दर्द से तड़पते बच्चे की आवाज सुनकर परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत आग बुझाने का प्रयास किया।
अस्पताल में चल रहा उपचार
घटना के बाद परिजन बच्चे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां इमरजेंसी वार्ड में उसका इलाज किया गया। अस्पताल के चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे को निगरानी में रखा।
डॉक्टर अमित राजपूत के अनुसार बच्चा आग से झुलस गया था, लेकिन समय रहते अस्पताल पहुंच जाने के कारण उसका उपचार कर दिया गया है। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस, जांच में सामने आई पूरी कहानी
घटना की जानकारी मिलने के बाद भटीपुरा चौकी प्रभारी रोशन गुप्ता अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिजनों से पूछताछ की।
जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि बच्चे ने मोबाइल पर वीडियो देखकर मशाल बनाई थी और उसी दौरान हुई लापरवाही के कारण वह आग की चपेट में आ गया। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई ।
सोशल मीडिया की दुनिया में बढ़ता खतरा
यह घटना केवल एक हादसा नहीं है, बल्कि आधुनिक दौर के उस खतरे की भी चेतावनी है जिसमें बच्चे बिना परिणाम समझे इंटरनेट पर देखी गई चीजों की नकल करने लगते हैं। सोशल मीडिया और वीडियो प्लेटफॉर्म पर मौजूद हजारों प्रयोगात्मक वीडियो बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र बनते जा रहे हैं, लेकिन उनमें से कई गतिविधियां बेहद जोखिम भरी होती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कम उम्र के बच्चे वीडियो में दिखाई जाने वाली गतिविधियों और वास्तविक खतरे के बीच अंतर नहीं समझ पाते। यही कारण है कि कई बार जिज्ञासा उन्हें सीधे जोखिम की ओर धकेल देती है।
अभिभावकों के लिए बड़ा सबक
महोबा की यह घटना हर अभिभावक के लिए एक चेतावनी है। बच्चों के हाथ में मोबाइल देना जितना आसान है, उतना ही जरूरी यह भी है कि वे क्या देख रहे हैं और उससे क्या सीख रहे हैं, इस पर लगातार नजर रखी जाए।
कई बार मनोरंजन या जानकारी के उद्देश्य से देखी गई सामग्री बच्चों के मन में प्रयोग करने की इच्छा पैदा कर देती है। यदि समय रहते उन्हें सही मार्गदर्शन न मिले तोऐसे प्रयोग गंभीर हादसों का कारण बन जाते है।
एक वीडियो, एक प्रयोग और पूरे परिवार की आफत
दिव्यांश की जान तो बच गई, लेकिन यह घटना उसके परिवार के लिए ऐसा सबक बन गई जिसे वे लंबे समय तक नहीं भूल पाएंगे। कुछ मिनटों का एक प्रयोग पूरे परिवार की चिंता का कारण बन गया।