महोबा में दर्दनाक सड़क हादसा: तेज रफ्तार डीसीएम बरगद के पेड़ से टकराई, 20 खच्चरों की मौत, एक ही परिवार के 12 लोग घायल
ईंट भट्टे से काम कर घर लौट रहे मजदूर, पांच गंभीर घायलों को झांसी रेफर किया गया
महोबा। उत्तर प्रदेश के महोबा जनपद में शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसे ने एक मजदूर परिवार की खुशियों को पल भर में मातम में बदल दिया। श्रीनगर थाना क्षेत्र के पिपरामाफ गांव के पास तेज रफ्तार डीसीएम वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े एक बरगद के पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बरगद का पेड़ जड़ समेत उखड़कर गिर पड़ा। हादसे में एक ही परिवार के 12 लोग घायल हो गए, जिनमें चार बच्चे भी शामिल हैं। वहीं वाहन में लदे 35 खच्चरों में से 20 की मौके पर ही मौत हो गई।
घर लौटते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार प्रयागराज जिले के मंझनपुर क्षेत्र स्थित समदा के एक ईंट भट्टे पर मजदूरी करने वाले तीन सगे भाइयों का परिवार काम खत्म होने के बाद अपने गांव लौट रहा था। परिवार के सदस्य लालू बेलदार, विमलेश और इमराज अपने परिजनों, बच्चों और 35 खच्चरों के साथ मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले स्थित अपने गांव जा रहे थे।
बताया जा रहा है कि जैसे ही वाहन महोबा के पिपरामाफ गांव के पास पहुंचा, चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया और डीसीएम सीधे सड़क किनारे खड़े बरगद के पेड़ से जा भिड़ी।
हादसे के बाद मची चीख-पुकार
टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और बरगद का विशाल पेड़ भी जड़ से उखड़ गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सूचना मिलने पर पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को बाहर निकालकर जिला अस्पताल भेजा गया।
पांच की हालत गंभीर
जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए 12 घायलों में से पांच की हालत गंभीर बताई गई। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। गंभीर घायलों में लालू, उसका आठ वर्षीय पुत्र चंदू, रानी, दो वर्षीय प्रिंस और वाहन का क्लीनर बॉबी शामिल हैं।
अन्य घायलों का उपचार जिला अस्पताल में जारी है। चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।
परिवार की आजीविका पर संकट
इस हादसे ने मजदूर परिवार को दोहरी मार दी है। एक ओर परिवार के सदस्य गंभीर रूप से घायल हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी रोजी-रोटी का प्रमुख साधन भी उनसे छिन गया। वाहन में लदे 35 खच्चरों में से 20 की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए।
परिवार के सदस्यों का कहना है कि खच्चरों के सहारे ही उनका जीवनयापन चलता था। इन पशुओं का उपयोग वे मजदूरी और सामान ढोने के काम में करते थे। ऐसे में खच्चरों की मौत से परिवार आर्थिक संकट में आ गया है।
हादसे के बाद चालक फरार
घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया। परिजनों का आरोप है कि चालक या तो वाहन चलाते समय झपकी ले बैठा था या फिर नशे की हालत में था। हालांकि पुलिस अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रशासन से लगाई मदद की गुहार
घायल परिवार और उनके परिजनों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है। उनका कहना है कि परिवार के कई सदस्य अस्पताल में भर्ती हैं और इलाज का खर्च उठाना उनके लिए बेहद मुश्किल है। साथ ही खच्चरों की मौत से उनकी आजीविका भी प्रभावित हुई है। पीड़ितों ने उपचार की समुचित व्यवस्था और मृत खच्चरों के लिए मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। फरार चालक की तलाश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।