UP News: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में बाढ़ राहत तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे एसडीएम पर हमला होने का मामला सामने आया है। शाहाबाद तहसील के परियल गांव में निरीक्षण के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा पर कथित तौर पर महिलाओं और ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। इस हमले में एसडीएम के सिर में गंभीर चोट आई और उन्हें पांच टांके लगाने पड़े। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
बाढ़ राहत तैयारियों का निरीक्षण करने पहुंचे थे SDM
जानकारी के अनुसार, शाहाबाद के एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा सोमवार शाम करीब 4:30 बजे परियल गांव पहुंचे थे। 11 जून को प्रस्तावित बाढ़ राहत मॉकड्रिल की तैयारियों का जायजा लेने के लिए वह गांव में स्थित अन्नपूर्णा भवन और आरआरसी (राहत केंद्र) का निरीक्षण कर रहे थे।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने कई व्यवस्थाओं की जांच की और भवनों की स्थिति का अवलोकन किया।
आरआरसी के दरवाजों को लेकर शुरू हुआ विवाद
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने देखा कि आरआरसी भवन में दो दरवाजे नहीं लगे हुए हैं। इसी संबंध में उन्होंने जानकारी मांगी तो मौके पर मौजूद ग्राम प्रधान के पुत्र उदयवीर राजपूत से बातचीत हुई।
आरोप है कि सवाल पूछे जाने पर उदयवीर आक्रामक हो गया। स्थिति बिगड़ती देख एसडीएम ने उसे अपने पास बैठा लिया और मामले को शांत करने का प्रयास किया।
फोन कॉल के बाद जुटी ग्रामीणों की भीड़
बताया जा रहा है कि उदयवीर ने अपने परिचितों और ग्रामीणों को फोन कर मौके पर बुला लिया। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां पहुंच गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
एसडीएम ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और कहा कि किसी को सजा देने के लिए नहीं रोका गया है, बल्कि बाढ़ राहत की तैयारियों से जुड़ी जानकारी लेने के लिए बातचीत की जा रही है।
जाते समय हुआ हमला और पथराव
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, मामला शांत होने के बाद जब एसडीएम वापस लौटने लगे, तभी कुछ ग्रामीणों और महिलाओं ने कथित तौर पर पथराव शुरू कर दिया।
इस दौरान एक पत्थर एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा के सिर में जा लगा, जिससे वह घायल हो गए। मौके पर मौजूद कर्मचारियों और सहयोगियों ने उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
सिर में लगे पांच टांके, अस्पताल में कराया गया भर्ती
हमले में घायल हुए एसडीएम को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) शाहाबाद ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
डॉक्टरों ने उनके सिर में पांच टांके लगाए। घटना की सूचना मिलते ही एडीएम प्रफुल्ल त्रिपाठी भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
मेडिकल कॉलेज पहुंचे डीएम और एसपी
घटना की गंभीरता को देखते हुए हरदोई के डीएम अनुनय झा और एसपी अशोक कुमार मीणा भी मेडिकल कॉलेज पहुंचे।
दोनों अधिकारियों ने एसडीएम का हालचाल जाना और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। प्रशासनिक अधिकारियों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।
प्रधान पुत्र को सवाल पूछना पड़ा भारी?
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, विवाद की मुख्य वजह निरीक्षण के दौरान उठाए गए सवाल बने। बताया जा रहा है कि एसडीएम ने आरआरसी में दरवाजे न होने और अन्नपूर्णा भवन की स्थिति को लेकर आपत्ति जताई थी।
यही बात प्रधान के बेटे उदयवीर राजपूत को नागवार गुजरी और इसके बाद विवाद बढ़ता चला गया।
बीडीओ ने दी थीं निर्माण कार्यों से जुड़ी जानकारियां
सूत्रों के अनुसार, एसडीएम ने आरआरसी और अन्नपूर्णा भवन की तस्वीरें लेकर बीडीओ शाहाबाद को भेजी थीं।
बीडीओ ने बताया कि आरआरसी भवन ग्राम पंचायत को हैंडओवर किया जा चुका है और उसका पूरा भुगतान भी हो चुका है। वहीं अन्नपूर्णा भवन अभी तक हैंडओवर नहीं हुआ है।
जब एसडीएम ने भुगतान पूरा होने के बावजूद दरवाजे न लगे होने पर नाराजगी जताई, तब माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया।
भाजपा से जुड़े हैं प्रधान के पति
परियल गांव की ग्राम प्रधान शिवरानी हैं। उनके पति लालाराम राजपूत जिला पंचायत सदस्य हैं और क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय माने जाते हैं।
जानकारी के मुताबिक लालाराम राजपूत पहले बसपा और समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे हैं, जबकि वर्तमान में भाजपा की राजनीति में सक्रिय हैं। वह लगातार तीसरी बार जिला पंचायत सदस्य बने हैं।
हालांकि घटना के बाद उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन उनका और उनके परिजनों का मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिला।
डीएम ने दिया सख्त कार्रवाई का संकेत
घटना के बाद हरदोई के डीएम अनुनय झा ने स्पष्ट कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।
डीएम ने कहा कि घटना में शामिल लोग चाहे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत दोषियों से सख्ती से निपटा जाएगा।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।