UP News: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले के बीच अब बहराइच की गाजी मियां दरगाह को लेकर नया विवाद सामने आया है। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर बासित अली ने दरगाह से जुड़े वित्तीय मामलों में करोड़ों रुपये के कथित गबन का आरोप लगाया है। उन्होंने पूरे मामले की SIT जांच कराने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। इसके बाद प्रशासन भी मामले को लेकर सक्रिय दिखाई दे रहा है।
प्रभारी मंत्री ने डीएम से मांगी रिपोर्ट
बहराइच के प्रभारी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी से रिपोर्ट मांगी है।
उन्होंने कहा कि उन्हें शिकायतें मिली हैं कि दरगाह हजरत सैयद सालार मसूद गाजी से जुड़े चढ़ावे, दुकानों, ठेकों, मेलों और अन्य माध्यमों से आने वाली धनराशि में लंबे समय से कथित अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
कुंवर बासित अली ने लगाए गंभीर आरोप
कुंवर बासित अली ने दावा किया कि दरगाह हजरत सैयद सालार मसूद गाजी उत्तर प्रदेश के बड़े वक्फ संस्थानों में से एक है और इससे जुड़ी काफी संपत्तियां मौजूद हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले लगभग 20 वर्षों से वहां वित्तीय गड़बड़ियां हो रही हैं। साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री वकार शाह के परिवार से जुड़े लोगों के नाम भी लिए और कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और इन दावों की आधिकारिक पुष्टि भी नहीं हुई है।
SIT जांच की उठी मांग
बासित अली ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे मामले की SIT जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि अगर जांच होती है तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है। साथ ही उन्होंने राजनीतिक बयानबाजी करते हुए समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा।
20 साल में हजारों करोड़ के घोटाले का दावा
कुंवर बासित अली ने दावा किया कि दरगाह से जुड़ी संपत्तियों, चढ़ावे, दुकानों, ठेकों और मेलों से बड़ी मात्रा में आय होती है। उनके मुताबिक यह उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े वक्फ संस्थानों में से एक है, जहां करोड़ों रुपये की संपत्ति मौजूद है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले करीब 20 वर्षों से वित्तीय गड़बड़ियां चल रही हैं। उनके अनुसार दरगाह प्रशासन की ओर से एक साल की आय करीब 14 करोड़ रुपये दिखाई गई है, जबकि लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर उन्होंने दावा किया कि पिछले 20 वर्षों के दौरान हजारों करोड़ रुपये के कथित घोटाले की आशंका है।
हालांकि इन दावों की अभी तक किसी सरकारी एजेंसी या जांच रिपोर्ट द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दरगाह परिसर में मौजूद हैं कई संपत्तियां
बासित अली के मुताबिक दरगाह से जुड़े परिसर में स्कूल, कॉलेज और लगभग 50 से 60 बीघा क्षेत्र में फैली संपत्तियां मौजूद हैं। इसके अलावा परिसर में दुकानें, लाइब्रेरी और अन्य व्यवस्थाएं भी शामिल हैं, जहां से आय होने का दावा किया गया है।
इन्हीं वित्तीय गतिविधियों को लेकर अब SIT जांच की मांग उठाई गई है।
पिछले साल प्रशासन ने रोका था गाजी मियां का मेला
बहराइच शहर के बैंकुंठा इलाके में स्थित गाजी मियां दरगाह काफी प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माना जाता है। यहां हर साल जेठ मेला आयोजित किया जाता था, जिसमें देश और नेपाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते थे।
हालांकि पिछले वर्ष प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मेले के आयोजन की अनुमति नहीं दी थी।
दरगाह परिसर में मस्जिद, लाइब्रेरी और कई दुकानें भी मौजूद हैं, जहां सालभर लोगों की आवाजाही बनी रहती है।
कौन थे सैयद सालार मसूद गाजी?
सैयद सालार मसूद गाजी एक ऐतिहासिक और विवादित व्यक्तित्व माने जाते हैं। विभिन्न ऐतिहासिक स्रोतों, धार्मिक मान्यताओं और लोककथाओं में उनके बारे में अलग-अलग विवरण मिलते हैं।
उन्हें आमतौर पर महमूद गजनवी का रिश्तेदार और सैन्य सेनापति बताया जाता है। उनका नाम विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से जुड़ा हुआ है, जहां उनकी दरगाह स्थित है।
महमूद गजनवी और भारत से जुड़ा इतिहास
इतिहास के अनुसार महमूद गजनवी ने 11वीं शताब्दी के दौरान भारतीय उपमहाद्वीप में कई सैन्य अभियान चलाए थे।
उनके अभियानों में 1025 ईस्वी में सोमनाथ मंदिर पर किया गया हमला सबसे अधिक चर्चित घटनाओं में शामिल माना जाता है।
राजा सुहेलदेव से जुड़ी लोककथाएं
लोक परंपराओं और कई ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार सैयद सालार मसूद और राजा सुहेलदेव के बीच बहराइच क्षेत्र में युद्ध हुआ था।
कथाओं के मुताबिक इस युद्ध में राजा सुहेलदेव के नेतृत्व वाली सेना को जीत मिली थी और सैयद सालार मसूद युद्ध में मारे गए थे। हालांकि इस विषय पर इतिहासकारों के बीच अलग-अलग मत मौजूद हैं।
फिलहाल जांच और रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल मामले में प्रशासनिक स्तर पर रिपोर्ट मांगी गई है और SIT जांच की मांग की गई है। अभी तक किसी भी जांच एजेंसी ने आरोपों की पुष्टि नहीं की है।
आने वाले दिनों में जांच और रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।