Amazing Wedding: शादियों में अक्सर घोड़ी, बग्घी, लग्जरी कार और जोरदार बैंड-बाजे का इस्तेमाल देखने को मिलता है। लेकिन उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में एक दूल्हे ने अपनी शादी को बिल्कुल अलग अंदाज में खास बना दिया। यहां एक युवक 20 ई-रिक्शों की अनोखी बरात लेकर दुल्हन के गांव पहुंचा। यह बरात सिर्फ शादी तक सीमित नहीं रही, बल्कि लोगों को पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचाने का संदेश भी दे गई।
बिजुआ इलाके की अनोखी बरात बनी चर्चा का विषय
लखीमपुर खीरी के बिजुआ ब्लॉक स्थित ग्राम इटकुटी के मजरा सरदार टांडा निवासी किसान बहादुर सिंह के बेटे राजेश सिंह शुक्रवार को अपनी दुल्हन ममता को लेने अनोखे अंदाज में निकले। उन्होंने पारंपरिक वाहनों की जगह रंग-बिरंगे फूलों से सजे 20 ई-रिक्शों का इस्तेमाल किया।
करीब 150 बराती इस अनोखी बरात का हिस्सा बने और पूरे इलाके में यह शादी चर्चा का विषय बन गई।
जहां-जहां पहुंची बरात, देखने उमड़ पड़े लोग
करीब 10 किलोमीटर का सफर तय करती यह अनोखी बरात जहां से भी गुजरी, लोग उसे देखने के लिए रुक गए। गांवों में लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और कई लोगों ने इस अनोखे नजारे को अपने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड कर लिया।
सोशल मीडिया पर भी इस बरात की तस्वीरें और वीडियो तेजी से शेयर किए जा रहे हैं।
ई-रिक्शों की लंबी कतार ने खींचा लोगों का ध्यान
बरात में सबसे आगे दूल्हा राजेश सिंह ई-रिक्शा पर बैठे नजर आए, जबकि उनके पीछे बरातियों से भरे ई-रिक्शों की लंबी लाइन चल रही थी।
बिना धुएं और बिना ज्यादा शोर-शराबे वाली इस बरात ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कई लोगों ने इसे बदलते दौर की नई सोच और समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बताया।
अस्पताल में मेल नर्स हैं राजेश सिंह
राजेश सिंह बेंगलुरु के एक अस्पताल में मेल नर्स के पद पर काम करते हैं। साधारण किसान परिवार से आने वाले राजेश का कहना है कि स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े होने की वजह से वे प्रदूषण के नुकसान को करीब से समझते हैं।
उनका कहना है कि लगातार बढ़ता प्रदूषण लोगों की सेहत पर सीधा असर डालता है और इसी सोच के साथ उन्होंने अपनी शादी में कुछ अलग करने का फैसला लिया।
प्रधानमंत्री मोदी से मिली प्रेरणा
राजेश ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वच्छ ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की बातों से उन्हें प्रेरणा मिली। इसी कारण उन्होंने अपनी शादी में ई-रिक्शों के इस्तेमाल का फैसला किया।
उन्होंने कहा कि अगर खास मौकों पर लोग ऐसे छोटे कदम उठाएं तो समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
कम खर्च में यादगार बन गई शादी
राजेश का कहना है, “प्रदूषण का असर सीधे लोगों की सेहत पर पड़ता है। मैंने सोचा कि शादी जैसे खास मौके पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जाए। इससे खर्च भी कम हुआ और शादी भी यादगार बन गई।”
उनकी इस सोच को लोगों ने खूब सराहा।
बेटे की सोच पर गर्व महसूस कर रहे पिता
राजेश के पिता बहादुर सिंह अपने बेटे की इस पहल पर गर्व महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण के दौर में ऐसे प्रयास समय की जरूरत हैं।
उनके मुताबिक पूरे परिवार ने राजेश के सुझाव को स्वीकार किया और उन्हें खुशी है कि शादी के जरिए समाज को एक सकारात्मक संदेश देने का मौका मिला।
दुल्हन पक्ष ने भी की पहल की सराहना
दुल्हन ममता और उनके परिवार ने भी इस अनोखी पहल की जमकर तारीफ की। ममता के पिता ओमप्रकाश ने कहा कि यह सिर्फ शादी नहीं बल्कि समाज को नई दिशा देने वाला संदेश है।
वहीं दुल्हन ममता ने खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें अच्छा लग रहा है कि उनकी शादी पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के संदेश के साथ संपन्न हुई।