Pilibhit News: जिंदगी का सबसे कड़वा सच मौत होती है। लेकिन शायद उससे भी ज्यादा दर्दनाक तब हो जाता है, जब किसी इंसान की अंतिम विदाई तक को लोग नहीं छोड़ते। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से सामने आई घटना सिर्फ चोरी का मामला नहीं है, बल्कि यह इंसानियत को झकझोर देने वाली ऐसी तस्वीर है जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। यहां एक बुजुर्ग के अंतिम संस्कार के लिए रखी गई लकड़ियां तक चोरी हो गईं। जिस घर में पहले से मातम पसरा था, वहां यह खबर सुनकर लोगों का दर्द गुस्से में बदल गया।
70 वर्षीय सीताराम की बीमारी के चलते हुई थी मौत
मामला यूपी के पीलीभीत जिले के न्यूरिया थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार करीब 70 वर्षीय सीताराम की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। परिवार पहले से दुख में डूबा हुआ था और घर में अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं।
परिवार के कुछ लोग पहले ही श्मशान पहुंच गए थे और वहां अंतिम संस्कार की व्यवस्था के लिए लकड़ियां इकट्ठा कर रख दी थीं, ताकि शव आने के बाद किसी तरह की देरी न हो।
शव पहुंचा तो सामने आई हैरान करने वाली सच्चाई
कुछ देर बाद बड़ी संख्या में लोग अंतिम यात्रा के साथ श्मशान पहुंचे। सभी लोग अंतिम क्रियाओं की तैयारी में लगे हुए थे। लेकिन जैसे ही चिता सजाने की बारी आई, वहां मौजूद लोग हैरान रह गए।
श्मशान में अंतिम संस्कार के लिए रखी गई लकड़ियां गायब थीं। पहले लोगों को लगा कि शायद कहीं और रखी गई होंगी, लेकिन पूछताछ के बाद पता चला कि कोई उन लकड़ियों को उठाकर ले गया।
मातम वाले घर का दर्द गुस्से में बदल गया
जिस परिवार ने अभी-अभी अपना बुजुर्ग खोया था, उसके सामने अचानक एक और बड़ा दर्द खड़ा हो गया। परिवार और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने पहले डायल 112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी, लेकिन आरोप है कि तुरंत प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण सीधे थाने पहुंच गए और वहां हंगामा शुरू हो गया।
दोबारा लकड़ियां जुटाकर किया गया अंतिम संस्कार
इस घटना के बाद पीड़ित परिवार ने जैसे-तैसे दोबारा लकड़ियों का इंतजाम किया और फिर बुजुर्ग का अंतिम संस्कार कराया गया।
लेकिन सवाल सिर्फ लकड़ियों का नहीं है। सवाल उस संवेदनशीलता का है, जो समाज से धीरे-धीरे गायब होती दिखाई दे रही है।
🚨 पीलीभीत में इंसानियत शर्मसार!
बुजुर्ग के अंतिम संस्कार के लिए श्मशान में रखी गई चिता की लकड़ियां ही चोर उठा ले गए। जब शव पहुंचा तो लकड़ियां गायब मिलीं। गुस्साए ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर जमकर हंगामा किया।@pilibhitpolice @Uppolice @CMOfficeUP #Pilibhit #UPNews #ViralNews… pic.twitter.com/iJIWEU9Ern
— Rocket Post Bharat (@rocketpostindia) June 21, 2026
आखिर समाज किस दिशा में जा रहा है?
चोरी की घटनाएं पहले भी होती रही हैं, लेकिन किसी की अंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार से जुड़ी चीजों को भी न छोड़ना लोगों को अंदर तक झकझोर रहा है। किसी इंसान की अंतिम विदाई उसकी जिंदगी का आखिरी सम्मान मानी जाती है।
यह घटना सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि समाज के सामने खड़ा एक बड़ा सवाल भी है — क्या अब लोगों के भीतर संवेदनाएं इतनी कम हो चुकी हैं कि किसी के आखिरी सफर की तैयारी तक सुरक्षित नहीं बची?
क्या अपराधियों के मन से कानून का डर खत्म होता जा रहा है?
इस घटना ने कानून व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। चोरी की घटनाएं नई नहीं हैं, लेकिन अगर हालात ऐसे हो जाएं कि किसी इंसान के अंतिम संस्कार के लिए रखी गई चिता की लकड़ियां तक सुरक्षित न रहें, तो यह चिंता का विषय जरूर बन जाता है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद कैसे हो रहे हैं? अगर कानून का डर मजबूत होता, तो शायद कोई किसी के आखिरी सफर से जुड़ी चीजों पर हाथ डालने की हिम्मत नहीं करता। हालांकि मामले में जांच और कार्रवाई के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी, लेकिन इस घटना ने लोगों के मन में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर कई सवाल जरूर छोड़ दिए हैं।