UP News: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां हापुड़ में तैनात महिला PCS अधिकारी और जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) सीमा चौधरी के खिलाफ उनकी ही मां ने FIR दर्ज कराई है। मां मुनेश रानी ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी और परिवार के कुछ अन्य लोगों ने मिलकर उनकी जमीन हड़पने की साजिश रची, फर्जी दस्तावेज तैयार किए और जान से मारने की धमकी तक दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महिला PCS अधिकारी सीमा चौधरी के खिलाफ मां ने दर्ज कराई FIR
सहारनपुर के थाना सरसावा क्षेत्र के गांव मीरपुर-सीतापुर की रहने वाली मुनेश रानी ने 30 जून की शाम करीब 5 बजे अपनी बेटी सीमा चौधरी समेत पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई।
सीमा चौधरी इस समय हापुड़ में जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) के पद पर तैनात हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और जान से मारने की धमकी देने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
मां ने लगाया जमीन कब्जाने की साजिश का आरोप
मुनेश रानी का आरोप है कि उनकी बेटी सीमा चौधरी और उनके देवर संजीव कुमार चौधरी ने मिलकर उनके खिलाफ साजिश रची।
उन्होंने कहा कि दोनों लोग कथित तौर पर भू-माफिया गिरोह की तरह काम कर रहे हैं और उनकी पैतृक जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं।
बैंक खाते में बिना जानकारी के डाले गए 15 लाख रुपए
मुनेश रानी ने आरोप लगाया कि उनकी जानकारी के बिना उनके खाते में 15 लाख रुपए जमा किए गए।
उनका कहना है कि गाजियाबाद में ICICI बैंक का खाता सीमा चौधरी ने खुलवाया था और उसमें अपनी ईमेल आईडी रजिस्टर्ड करवाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बेटी अपनी कथित काली कमाई छिपाने के लिए उस खाते का इस्तेमाल कर रही थी।
मुनेश रानी ने कहा कि वह खुद अपने खाते से न तो पैसे जमा करती थीं और न ही निकालती थीं।
पैतृक जमीन के फर्जी कागज बनाने का आरोप
शिकायत के अनुसार 16 सितंबर 2023 को सीमा चौधरी, संजीव, राजेंद्र, गंभीर और नरेश ने मिलकर पैतृक जमीन के कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए।
मुनेश रानी ने आरोप लगाया कि उन दस्तावेजों पर उनके फर्जी हस्ताक्षर भी किए गए। शक होने पर उन्होंने मुजफ्फरनगर के हैंडराइटिंग एक्सपर्ट संजय मलिक से जांच कराई, जिसमें कथित रूप से मामले का खुलासा हुआ।
पहले रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई, फिर SSP को लिखा पत्र
मुनेश रानी के मुताबिक जब उन्हें मामले की जानकारी मिली तो वह पहले सरसावा थाने पहुंचीं, लेकिन उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
इसके बाद उन्होंने सहारनपुर SSP को पत्र लिखा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान आरोपी लगातार उन्हें डराते और धमकाते रहे।
उन्होंने यह भी कहा कि मजबूरी में उन्हें अपनी संपत्ति देहरादून निवासी नैंसी जोशी पत्नी अनुपम जोशी को बेचनी पड़ी।
जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप
मुनेश रानी ने आरोप लगाया कि आरोपी उन्हें लगातार धमका रहे हैं और कह रहे हैं कि उनकी हत्या कर शव ऐसी जगह फेंक देंगे कि किसी को पता नहीं चलेगा।
इसके बाद पुलिस ने IPC की धारा 420, 467, 468, 471 और 506 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानिए किन पांच लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR
पुलिस के अनुसार जिन पांच लोगों पर केस दर्ज किया गया है उनमें:
- सीमा चौधरी पुत्री महीपाल, निवासी मीरपुर-सीतापुर, सहारनपुर
- संजीव कुमार चौधरी पुत्र हरीप्रकाश चौधरी, निवासी मीरपुर-सीतापुर, सहारनपुर
- राजेंद्र राणा पुत्र लक्ष्मण सिंह, निवासी मीरपुरा, बागपत
- गंभीर पुत्र ऋषिपाल चौधरी, निवासी मीरपुर-सीतापुर, सहारनपुर
- नरेश कुमार पुत्र जयराम, निवासी पहलवानपुर, सहारनपुर
सीमा चौधरी पहले भी विवादों में रह चुकी हैं
सीमा चौधरी का नाम पहले भी विवादों से जुड़ चुका है। वर्ष 2020 से 2022 के दौरान जब वह गाजियाबाद में जिला पूर्ति अधिकारी के पद पर तैनात थीं, तब स्थानीय राशन डीलरों ने राशन आवंटन में अनियमितता और तानाशाही रवैये के आरोप लगाए थे।
स्थानीय स्तर पर उस समय कई शिकायतें भी दर्ज कराई गई थीं।
परिवार में कौन-कौन हैं?
सीमा चौधरी पांच भाई-बहन हैं। बड़ी बहन सोनिया और तीसरे नंबर की बहन शालू की शादी हो चुकी है।
छोटी बहन पूजा दिल्ली में अपनी मां मुनेश रानी के साथ रहती हैं। वहीं छोटे भाई अनिकेत इंग्लैंड में पढ़ाई कर रहे हैं।
देवर का पक्ष भी सामने आया
मुनेश रानी के देवर संजीव कुमार चौधरी ने आरोपों को गलत बताया है।
उन्होंने कहा कि पूरा विवाद करीब 10 बीघा जमीन को लेकर है। उनका कहना है कि उन्होंने परिवार के बच्चों की पढ़ाई और शादी में मदद की थी और अनिकेत को इंग्लैंड भेजने में भी आर्थिक सहयोग किया था।
संजीव के अनुसार मुनेश रानी ने उनसे 15 लाख रुपए मांगे थे, जिसमें 10 लाख रुपए उनके ससुर राजेंद्र राणा से लिए गए और 5 लाख उन्होंने खुद दिए थे।
उन्होंने कहा कि बाद में जमीन किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी गई, जिसका परिवार ने विरोध किया और इसी कारण उनके खिलाफ केस कराया गया।
पुलिस ने शुरू की जांच
डीआईजी अभिषेक सिंह ने बताया कि उनके पास शिकायत आई थी, जिसके बाद मामले को एसएसपी के पास भेजा गया।
प्राथमिक जांच के बाद केस दर्ज किया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).