Pilibhit Crime News: ऑपरेशन कन्विक्शन की बड़ी सफलता, दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सजा, पीलीभीत पुलिस की प्रभावी पैरवी लाई रंग
दो साल पुराने दुष्कर्म मामले में आया बड़ा फैसला, पीलीभीत पुलिस और अभियोजन की मजबूत पैरवी से दोषी को मिली कठोर सजा
पीलीभीत। अपराधियों को कानून के शिकंजे तक पहुंचाने के साथ-साथ उन्हें अदालत से सजा दिलाना भी पीलीभीत पुलिस की प्राथमिकता बन चुका है। पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत एक और बड़ी सफलता मिली है। प्रभावी विवेचना, मजबूत साक्ष्य और अभियोजन की सशक्त पैरवी के चलते न्यायालय ने दुष्कर्म के एक दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 17 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
यह कार्रवाई दर्शाती है कि पीलीभीत पुलिस केवल मुकदमा दर्ज करने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराधियों को कानून के मुताबिक दंडित कराने तक पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है।
Pilibhit Crime News: क्या था पूरा मामला?
पुलिस अभिलेखों के अनुसार, 22 जून 2023 को प्राप्त सूचना के आधार पर थाना सुनगढ़ी में मु0अ0सं0 201/2023 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (दुष्कर्म) एवं 506 (आपराधिक धमकी) में मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल, पीड़िता के बयान, मेडिकल एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया। जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर 22 जुलाई 2023 को आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल कर दी गई।
मजबूत साक्ष्य और प्रभावी पैरवी बनी सजा की वजह
मामले की सुनवाई एडीजे-1/विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट), पीलीभीत की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान थाना सुनगढ़ी पुलिस, मॉनिटरिंग सेल तथा अभियोजन पक्ष ने प्रभावी पैरवी करते हुए सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए।
अदालत ने उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 एवं 506 का दोषी माना और आज 1 अगस्त 2026 को उसे 10 वर्ष के कठोर कारावास तथा 17,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
कौन है दोषी युवक?
सजा पाने वाला दोषी दीपक पुत्र पुत्तूलाल, निवासी फीनिक्स मॉल के पीछे, मोहल्ला छोटी बिहार कॉलोनी, थाना इज्जतनगर, जनपद बरेली है।
ऑपरेशन कन्विक्शन से अपराधियों में बढ़ रहा कानून का भय
पीलीभीत पुलिस द्वारा चलाया जा रहा ऑपरेशन कन्विक्शन केवल अपराध दर्ज कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि हर मुकदमे में समयबद्ध विवेचना, साक्ष्यों का वैज्ञानिक संकलन, अभियोजन से समन्वय और न्यायालय में प्रभावी पैरवी के माध्यम से दोषियों को सजा दिलाने पर केंद्रित है।
पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव के नेतृत्व में जनपद में गंभीर अपराधों से जुड़े मुकदमों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके और अपराधियों में कानून का प्रभावी संदेश जाए।
पीलीभीत पुलिस का स्पष्ट संदेश
पीलीभीत पुलिस ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि महिलाओं के विरुद्ध अपराध, दुष्कर्म, छेड़छाड़ और अन्य गंभीर अपराधों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। वैज्ञानिक विवेचना, ठोस साक्ष्य और प्रभावी पैरवी के माध्यम से दोषियों को न्यायालय से कठोर सजा दिलाने की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
यह फैसला न केवल पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज में यह संदेश भी देता है कि गंभीर अपराध करने वालों के लिए कानून का शिकंजा लगातार मजबूत हो रहा है।
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