Pilibhit Crime News: रहस्यमयी इलाज के नाम पर ठगी का खेल, अंधविश्वास को बनाया हथियार, पुलिस ने किया पर्दाफाश
पीलीभीत। बीमारी जब लंबे समय तक ठीक नहीं होती तो कई परिवार परेशान होकर आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ तंत्र-मंत्र, झाड़फूंक और देशी जड़ी-बूटियों जैसे दावों पर भी भरोसा करने लगते हैं। इसी अंधविश्वास और मजबूरी को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाकर एक शातिर आरोपी गांव-गांव घूमता था। वह खुद को देशी जड़ी-बूटियों से इलाज करने वाला बताता, बीमार व्यक्ति और उसके परिजनों का विश्वास जीतता, फिर इलाज के नाम पर घर की महिलाओं से सोने-चांदी के गहने मंगवाता और कुछ ही देर में रहस्यमयी अनुष्ठान का नाटक रचकर लाखों के आभूषण लेकर फरार हो जाता।
लेकिन इस बार उसका खेल ज्यादा दिन तक नहीं चला पाया थाना बिलसण्डा पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी तांत्रिक को चोरी के गहनों सहित गिरफ्तार कर लिया और पूरे गिरोह के काम करने के तरीके का खुलासा किया है।
शातिर तांत्रिक ने बीमारी को बनाया धंधा, अंधविश्वास को बनाया हथियार
दरअसल पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी तांत्रिक अकीलूर्रहमान और उसके साथी पहले ऐसे परिवारों की तलाश करते थे, जहां कोई व्यक्ति लंबे समय से बीमार हो। इसके बाद वे खुद को तंत्र-मंत्र, झाड़फूंक और देशी जड़ी-बूटियों से इलाज करने वाला बताकर घर में प्रवेश करते थे। और धीरे-धीरे परिवार का विश्वास जीतने के बाद दावा किया जाता कि बीमार व्यक्ति के ऊपर किसी प्रकार की नकारात्मक शक्ति यानि ऊपरी बाधा है, जिसे दूर करने के लिए सोने-चांदी के आभूषणों से विशेष प्रक्रिया करनी होगी। परिवार, खासकर महिलाएं, इलाज की उम्मीद में अपने गहने उनके हवाले कर देती थीं।
रहस्यमयी अनुष्ठान… और फिर गायब हो जाते थे गहने
पुलिस की माने तो आरोपी पहले जड़ी-बूटियों, पानी और अन्य वस्तुओं के साथ कथित धार्मिक या रहस्यमयी प्रक्रिया का नाटक करता था। इसके बाद गहनों को एक कमरे में रखवा देता और परिवार के लोगों को किसी न किसी बहाने दूसरे काम में उलझा देता।
जैसे ही मौका मिलता, आरोपी और उसके साथी गहने समेटकर चुपचाप फरार हो जाते। जब तक परिवार को चोरी का एहसास होता, तब तक आरोपी काफी दूर निकल चुके होते।
ऐसे खुला पूरा राज
06 जुलाई 2026 को ग्राम शीतलपुर मरौरी निवासी सुखविन्दर सिंह के घर पर तांत्रिक अपने दो साथियों के साथ पहुंचा। वहां उसने पहले से बीमार चल रहे सुरता सिंह के इलाज का बहाना बनाया। और महिलाओं से सोने-चांदी के आभूषण मंगवाए और दावा किया कि जड़ी-बूटियों से विशेष उपचार करने के बाद बीमारी दूर हो जाएगी। कुछ देर तक कथित प्रक्रिया का दिखावा करने के बाद गहने कमरे में रखवा दिए। इसी बीच परिवार के लोग भोजन में व्यस्त हो गए और आरोपी मौके का फायदा उठाकर आभूषण लेकर फरार हो गया।घटना के बाद पीड़ित की तहरीर पर थाना बिलसण्डा में मु0अ0सं0 164/2026 धारा 305 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने बिछाया जाल, चोरी के गहनों सहित गिरफ्तार
लगातार तलाश के बाद पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी थाना पूरनपुर क्षेत्र के कढ़ेर चौराहा से पड़रिया जाने वाले मंदिर के पास मौजूद है।
सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने आरोपी अकीलूर्रहमान पुत्र बाबूखान निवासी ग्राम रायपुर बिचपुरी, थाना से0म0उ0, जनपद पीलीभीत को गिरफ्तार कर लिया।
उसके कब्जे से चोरी किए गए आभूषण भी बरामद हुए। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस भी बढ़ाई गई।
तांत्रिक के पास से क्या-क्या हुआ बरामद जान लीजिये
पुलिस ने आरोपी तांत्रिक के कब्जे से—
- 03 अंगूठियां (पीली धातु), यानि सोने की
- 02 जोड़ी बालियां (पीली धातु) यानि सोने की
- एक लॉकेट/मंगलसूत्र (पीली धातु) यानि सोने की
- एक ब्रोच पिन (पीली धातु) यानि सोने की
- एक जोड़ी पायल (सफेद धातु) यानि चांदी की
बरामद की हैं।
पहले भी दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले भी आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वर्तमान मामले में विधिक कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया।
पुलिस की अपील, अंधविश्वास से बचें, चिकित्सक से ही कराएं इलाज
यह मामला केवल चोरी का नहीं, बल्कि अंधविश्वास का फायदा उठाकर लोगों को निशाना बनाने का भी उदाहरण है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के झाड़फूंक, तंत्र-मंत्र, चमत्कारी इलाज या देशी जड़ी-बूटियों से तत्काल बीमारी ठीक करने जैसे दावों पर बिना जांच-परख के विश्वास न करें। यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार के बहाने से घर में प्रवेश कर कीमती सामान या आभूषण मांगता है, तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दें।