NEET Protest: पश्चिम बंगाल STF ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा करने का दावा किया है। एजेंसी के मुताबिक, बर्धमान जिले से गिरफ्तार संदिग्ध जैश-ए-मोहम्मद ऑपरेटिव हमीम मंडल को पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स ने दिल्ली के जंतर-मंतर में हुए CJP छात्र प्रदर्शन में पुलिस की वर्दी पहनकर घुसने और वहां तोड़फोड़ व अशांति फैलाने का निर्देश दिया था। STF का कहना है कि आरोपी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की गतिविधियों पर नजर रखने और संवेदनशील जानकारियां जुटाने का काम भी कर रहा था। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अदालत ने आरोपी को 14 दिन की STF हिरासत में भेज दिया है।
हमीम मंडल को बर्धमान से गिरफ्तार, 14 दिन की STF हिरासत
STF के अनुसार, संदिग्ध जैश-ए-मोहम्मद ऑपरेटिव हमीम मंडल को दो दिन पहले पूर्व बर्धमान से गिरफ्तार किया गया। एजेंसी ने अदालत में पेश करने के बाद उसकी 14 दिन की हिरासत मांगी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया। जांच एजेंसियां अब उससे पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क, संपर्कों और अन्य सहयोगियों के बारे में पूछताछ कर रही हैं।
STF का दावा- जंतर-मंतर CJP प्रदर्शन में हिंसा फैलाने की थी योजना
STF के IG गौरव शर्मा ने दावा किया कि पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स ने हमीम को दिल्ली के जंतर-मंतर में CJP के छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस की वर्दी पहनकर घुसने का निर्देश दिया था। एजेंसी का आरोप है कि उसका मकसद प्रदर्शन के बीच हिंसा, तोड़फोड़ और अशांति फैलाना था ताकि माहौल खराब किया जा सके।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी जुटाने का भी आरोप
STF के मुताबिक, हमीम को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की गतिविधियों पर नजर रखने का काम भी दिया गया था। जांच में सामने आया है कि उसे उन जगहों की जानकारी जुटाने के निर्देश थे जहां मुख्यमंत्री बिना सुरक्षा के मौजूद हो सकते हैं। एजेंसी इस एंगल से भी जांच कर रही है कि इस जानकारी का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।
गर्लफ्रेंड अर्पिता सरकार भी गिरफ्तार, पाकिस्तान लिंक का दावा
STF ने हमीम की गर्लफ्रेंड अर्पिता सरकार को भी झारखंड से गिरफ्तार किया है। एजेंसी का दावा है कि दोनों पाकिस्तान से जुड़े शाहजाद भट्टी गैंग के इशारे पर काम कर रहे थे। जांच में दोनों की गतिविधियों और विदेशी संपर्कों की पड़ताल की जा रही है।
राज्य मंत्री के बेटे को हनी ट्रैप में फंसाने और किडनैपिंग की साजिश
जांच एजेंसी के मुताबिक, हमीम और अर्पिता पर पश्चिम बंगाल सरकार के राज्य मंत्री उमेश राय के बेटे को हनी ट्रैप में फंसाकर अगवा करने और परिवार से वसूली करने की साजिश रचने का भी आरोप है।
STF का कहना है कि अर्पिता कई नेताओं और चर्चित लोगों से नजदीकियां बढ़ाकर संवेदनशील जानकारियां जुटाती थी और फिर उन्हें हमीम तक पहुंचाती थी।
WhatsApp चैट से मिले पाकिस्तान कनेक्शन के संकेत
STF के अधिकारियों का कहना है कि अर्पिता के व्हाट्सऐप चैट की जांच में पाकिस्तान से जुड़े संपर्कों के संकेत मिले हैं। एजेंसी के अनुसार शुरुआती जांच से पता चला है कि पूरी साजिश पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स द्वारा तैयार की गई थी। फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं।
सोशल मीडिया से कट्टरपंथ की ओर बढ़ा हमीम
STF के अनुसार, हमीम सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित हुआ। बाद में वह पाकिस्तान स्थित ऑपरेटिव्स के संपर्क में आया और कथित तौर पर आतंकी मॉड्यूल से जुड़ गया।
एजेंसी का दावा है कि करीब एक साल पहले उसकी पहचान गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उसके सहयोगी अजमल गुज्जर द्वारा संचालित मॉड्यूल से हुई थी।
ब्रिटेन और मैक्सिको के इंटरनेशनल SIM कार्ड बरामद
जांच के दौरान हमीम और अर्पिता के पास से ब्रिटेन और मैक्सिको के इंटरनेशनल SIM कार्ड भी बरामद किए गए हैं। STF को शक है कि इनका इस्तेमाल पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स और स्लीपर सेल के साथ एन्क्रिप्टेड बातचीत के लिए किया जाता था।
इंस्टाग्राम पर हुई थी दोनों की मुलाकात
STF के मुताबिक, हमीम और अर्पिता की पहली मुलाकात इंस्टाग्राम पर हुई थी। दोनों पिछले चार साल से एक-दूसरे के संपर्क में थे और बाद में व्यक्तिगत रूप से भी मिले।
जांच एजेंसी का दावा है कि पाकिस्तानी हैंडलर्स के निर्देश पर दोनों प्रभावशाली लोगों के साथ निजी संबंध बनाकर संवेदनशील जानकारियां हासिल करने की योजना पर काम कर रहे थे।
चुनाव से पहले बर्धमान में किराए पर लिया था फ्लैट
STF के अनुसार 23 वर्षीय हमीम पहले हावड़ा में काम करता था। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले वह बर्धमान चला गया और वहां एक अपार्टमेंट किराए पर लेकर रहने लगा। एजेंसी का कहना है कि पिछले दो-तीन महीनों से वह जांच एजेंसियों की नजर से बचने के लिए छिपकर रह रहा था।
मंत्री की शिकायत से खुला पूरा नेटवर्क
STF अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच तब शुरू हुई जब राज्य सरकार के एक मंत्री से पैसे ऐंठने और उनके बेटे को हनी ट्रैप के जरिए किडनैप करने की साजिश की जानकारी मिली।
जांच के दौरान एजेंसी को साहिबगंज से संचालित एक सोशल मीडिया अकाउंट का पता चला, जिसे अर्पिता सरकार ऑपरेट कर रही थी। इसी सोशल मीडिया अकाउंट की जांच करते हुए अधिकारियों की पहुंच हमीम मंडल तक हुई और इसके बाद पूरे कथित नेटवर्क का खुलासा हुआ।
STF की जांच अभी जारी
STF का कहना है कि फिलहाल जांच जारी है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पाकिस्तान से जुड़े इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, किन-किन लोगों को निशाना बनाया गया और भारत में इसका नेटवर्क कितना बड़ा है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। फिलहाल एजेंसी के सभी दावे जांच के दायरे में हैं और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).