UP Encounter: उत्तर प्रदेश के शामली जिले में बुधवार को पुलिस और कुख्यात बदमाश मोहम्मद फुरकान के बीच दिनदहाड़े हुई मुठभेड़ में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की। 1 लाख रुपये का इनामी बदमाश फुरकान पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। मुठभेड़ के दौरान उसने पुलिस टीम पर कार्बाइन और पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिसमें एक सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गया। जवाबी कार्रवाई में फुरकान को गोली लगी और अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फुरकान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात मुकीम काला गैंग का सक्रिय सदस्य था और उस पर हत्या, लूट, रंगदारी समेत करीब 30 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।
दिनदहाड़े जंगल में हुई मुठभेड़, पुलिस को मिली थी पुख्ता सूचना
पुलिस के अनुसार बुधवार दोपहर करीब 12 बजे थाना झिंझाना के प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र कसाना को सूचना मिली कि एक लाख का इनामी बदमाश फुरकान अपने साथी के साथ रंगाना गांव के पास स्थित पोल्ट्री फार्म पर मौजूद है। सूचना मिलते ही स्वाट टीम प्रभारी राहुल सिसौदिया, बाबरी थाना पुलिस और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से इलाके की घेराबंदी कर दी।
पुलिस को देखते ही कार्बाइन और पिस्टल से बरसाईं गोलियां
जैसे ही पुलिस टीम बदमाशों के करीब पहुंची, फुरकान ने 9 एमएम कार्बाइन और 9 एमएम पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। मुठभेड़ के दौरान करीब 5 से 6 राउंड गोलियां चलीं। फायरिंग में सिपाही हरविंदर के पेट में गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं, स्वाट टीम प्रभारी राहुल सिसौदिया, SHO वीरेंद्र कसाना और बाबरी थाना प्रभारी कुलदीप की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोलियां लगीं, जिससे उनकी जान बच गई।
जवाबी कार्रवाई में ढेर हुआ फुरकान, दूसरा साथी फरार
पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें फुरकान गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। वहीं उसका दूसरा साथी खेतों का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। घायल फुरकान और सिपाही को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने फुरकान को मृत घोषित कर दिया। घायल सिपाही को बेहतर इलाज के लिए मेरठ रेफर किया गया है।
मौके से कार्बाइन, पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद
पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मौके से 9 एमएम की कार्बाइन, 9 एमएम पिस्टल, 20 से अधिक जिंदा कारतूस, कई खोखे और बिना नंबर प्लेट की एक बाइक बरामद की है। पुलिस का मानना है कि फुरकान किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने या उसकी साजिश के लिए इलाके में आया था।
चार साल से था फरार, एक लाख का था इनाम
फुरकान पिछले चार वर्षों से फरार चल रहा था और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। एक मामले में उसे 10 साल की सजा भी हो चुकी थी, लेकिन बाद में वह हाईकोर्ट से जमानत पर बाहर आ गया था। जमानत मिलने के बाद वह फिर फरार हो गया और लगातार पुलिस से बचता रहा।
मुकीम काला गैंग का सक्रिय सदस्य था फुरकान
एसपी एनपी सिंह ने बताया कि फुरकान वर्ष 2014 में मुकीम काला गैंग से जुड़ा था। उस समय गैंग ने कैराना क्षेत्र में व्यापारियों से रंगदारी वसूलने के लिए लगातार वारदातों को अंजाम दिया था। गैंग की गतिविधियों के कारण इलाके में दहशत का माहौल बन गया था और कई व्यापारी परिवारों ने पलायन तक कर दिया था।
व्यापारी नेता विनोद सिंघल की दिनदहाड़े हत्या की थी
अगस्त 2014 में फुरकान ने कैराना के मुख्य बाजार में अपनी दुकान पर बैठे व्यापारी नेता विनोद सिंघल की रंगदारी न देने पर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी।
रंगदारी नहीं देने पर व्यापारी को दी थी जान से मारने की धमकी
करीब छह महीने जेल में रहने के बाद फुरकान जमानत पर बाहर आया। जेल से निकलते ही उसने कोल्ड ड्रिंक एजेंसी संचालक ईश्वरचंद उर्फ बिल्लू से रंगदारी मांगी। पैसे नहीं देने पर उसे भी विनोद सिंघल जैसा अंजाम भुगतने की धमकी दी। इसके बाद भय के कारण ईश्वरचंद का परिवार कैराना छोड़कर पानीपत में जाकर बस गया।
तीन व्यापारियों की हत्या के बाद शुरू हुआ था पलायन
इसी दौरान मुकीम काला गैंग ने व्यापारी राजेंद्र और शिवकुमार की भी रंगदारी न देने पर हत्या कर दी थी। लगातार तीन व्यापारियों की हत्या के बाद कैराना के व्यापारियों ने आंदोलन शुरू कर दिया और बाजार बंद रखकर बदमाशों की गिरफ्तारी की मांग की। यही वह दौर था जब कैराना से व्यापारियों और कई हिंदू परिवारों के पलायन की घटनाएं सामने आईं।
2016 में पलायन का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा
30 मई 2016 को तत्कालीन भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने कैराना से कथित पलायन का मुद्दा उठाते हुए 346 परिवारों की सूची जारी की थी। इसके बाद तत्कालीन डीजीपी ने फुरकान पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। बाद में 8 अप्रैल 2017 को पुलिस ने कांधला थाना क्षेत्र के आल्दी गांव के जंगल में मुठभेड़ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया था।
जेल से छूटने के बाद फिर अपराध की दुनिया में लौटा
गिरफ्तारी के बाद फुरकान फिर जमानत पर बाहर आया और वर्ष 2019 में नशा तस्करी के मामलों में भी उसका नाम सामने आया। दोबारा गिरफ्तार होने के बाद वह जेल गया, लेकिन बाद में फिर बाहर आ गया। 8 नवंबर 2021 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कैराना दौरे के बाद वह गैंगस्टर के एक मामले में कोर्ट में पेश हुआ था। कुछ समय जेल में रहने के बाद दोबारा जमानत लेकर फरार हो गया और तब से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
पुलिस ने बताया बड़ी कामयाबी
एसपी एनपी सिंह ने कहा कि फुरकान पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एक कुख्यात अपराधी था और उसकी गिरफ्तारी के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे थे। पुलिस अब मुठभेड़ के दौरान फरार हुए उसके साथी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।