Kanwar Yatra 2026: सावन का महीना शुरू होते ही कांवड़ यात्रा अपने चरम पर पहुंच गई है। यूपी की सड़कों पर कांवड़ियों के कई भावुक और अनोखे दृश्य देखने को मिल रहे हैं। कहीं परिवार अपनी 95 साल की दादी की इच्छा पूरी करने के लिए उन्हें कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से वापस ला रहा है, तो कहीं मन्नत पूरी होने के बाद एक परिवार अपनी 9 महीने की बेटी को कांवड़ में बैठाकर गंगा जल लेने पहुंचा। हापुड़ और फर्रुखाबाद से सामने आईं इन दोनों तस्वीरों ने लोगों का ध्यान खींचा है।
95 साल की दादी को 35 पोते कांवड़ में बैठाकर निकले
हापुड़ में कांवड़ यात्रा के दौरान एक बेहद भावुक नजारा देखने को मिला। बुलंदशहर के हसनपुर जागीर गांव की रहने वाली 95 वर्षीय सोनदेवी अपने परिवार के साथ कांवड़ यात्रा का हिस्सा बनीं। उम्र अधिक होने के कारण उनके लिए पैदल चलना संभव नहीं था, इसलिए परिवार के करीब 35 पोतों ने उनकी इच्छा पूरी करने की जिम्मेदारी उठाई।
उत्तर प्रदेश के हापुड़ में कांवड़ यात्रा के दौरान एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक दृश्य सामने आया है। बुलंदशहर के हसनपुर जागीर की 95 वर्षीय सोनदेवी की वर्षों पुरानी इच्छा को पूरा करने के लिए उनके 25 पोतों ने एक अनोखा संकल्प लिया.
– दादी की ढलती उम्र और नाजुक स्वास्थ्य को देखते हुए… pic.twitter.com/N3D5uoW4UH— Nedrick News (@nedricknews) August 7, 2026
दादी की थी हरिद्वार जाकर गंगा स्नान की इच्छा
सोनदेवी के पोते सोनू ने बताया कि उनकी दादी की लंबे समय से इच्छा थी कि वह हरिद्वार जाएं, गंगा में स्नान करें और कांवड़ यात्रा का हिस्सा बनें। लेकिन उम्र ज्यादा होने के कारण उनके लिए पैदल यात्रा करना मुश्किल था।
जब परिवार को दादी की इस इच्छा के बारे में पता चला तो परिवार के युवाओं ने इसे पूरा करने का संकल्प लिया। इसके बाद दादी को पालकी में बैठाकर कांवड़ यात्रा कराने की तैयारी की गई।
35 पोते बारी-बारी से देते रहे पालकी को कंधा
हापुड़ में मेरठ रोड पर कांवड़ यात्रा के दौरान लोगों ने ऐसा दृश्य देखा जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। 95 वर्षीय सोनदेवी पालकी में बैठी थीं और उनके करीब 35 पोते बारी-बारी से पालकी को कंधा दे रहे थे।
परिवार हरिद्वार से अपनी दादी को लेकर गांव की ओर लौट रहा था। सड़क से गुजर रहे राहगीर भी इस भावुक दृश्य को देखकर कुछ देर के लिए रुक गए।
परिवार के लिए दादी की इच्छा सबसे ऊपर
सोनू के मुताबिक, दादी के लिए इतनी उम्र में पैदल चलना संभव नहीं था, लेकिन उनकी इच्छा थी कि वह खुद कांवड़ यात्रा का अनुभव करें। परिवार के युवाओं ने उनकी उम्र और शारीरिक स्थिति को देखते हुए पालकी का इंतजाम किया और बारी-बारी से उन्हें कंधे पर लेकर यात्रा पूरी की।
फर्रुखाबाद में 9 महीने की बेटी वाली कांवड़
इसी बीच फर्रुखाबाद में भी सावन के दौरान एक अलग तरह की कांवड़ यात्रा देखने को मिली। शाहजहांपुर का एक परिवार अपनी नौ महीने की बेटी को कांवड़ में लिटाकर पांचाल घाट पहुंचा।
इस कांवड़ को देखकर लोग हैरान रह गए। कांवड़ के एक तरफ 11 लीटर का जल कलश रखा गया था, जबकि दूसरी तरफ पालने में परिवार की नौ महीने की बेटी थी।
संतान के लिए मांगी थी भगवान शिव से मन्नत
बच्ची के चाचा आशीष कुमार ने बताया कि उनके बड़े भाई शनि की शादी को तीन साल हो चुके थे, लेकिन उनके यहां संतान नहीं हुई थी। परिवार ने भगवान शिव से संतान प्राप्ति की मन्नत मांगी थी।
परिवार ने संकल्प लिया था कि अगर संतान की प्राप्ति हुई तो वे कांवड़ लेकर आएंगे और भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। संतान होने के बाद परिवार ने अपनी मन्नत पूरी करने का फैसला किया और नौ महीने की बच्ची को साथ लेकर कांवड़ यात्रा पर निकल पड़ा।
कांवड़ में एक तरफ जल कलश, दूसरी तरफ बेटी
परिवार की कांवड़ में एक तरफ 11 लीटर का जल कलश रखा गया था। दूसरी तरफ एक पालना बनाया गया था, जिसमें नौ महीने की बच्ची को लिटाया गया था। इस अनोखी कांवड़ को देखने के लिए लोगों की नजरें ठहर गईं।
परिवार के मुताबिक, यह यात्रा उनकी मन्नत पूरी होने की खुशी और भगवान शिव के प्रति आस्था से जुड़ी हुई है।
सावन में यूपी की सड़कों पर दिख रहे अनोखे नजारे
सावन के दौरान यूपी की सड़कों पर कांवड़ यात्रा के दौरान तरह-तरह के दृश्य देखने को मिल रहे हैं। कोई लंबी दूरी पैदल तय कर रहा है तो कोई परिवार के बुजुर्ग की इच्छा पूरी करने के लिए उन्हें पालकी में लेकर चल रहा है। वहीं, फर्रुखाबाद में एक परिवार अपनी नौ महीने की बेटी को कांवड़ का हिस्सा बनाकर यात्रा पर निकला।
इन घटनाओं ने यह दिखाया कि कांवड़ यात्रा सिर्फ गंगा जल लाने तक सीमित नहीं है, बल्कि कई परिवारों के लिए यह उनकी आस्था, संकल्प और परिवार से जुड़ी भावनाओं का भी हिस्सा है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).