Pilibhit Crime: पीलीभीत के अमरिया थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्राम जेठनिया में 65 वर्षीय वृद्ध महिला के छह दिन से लापता होने के बाद भूसे के कूप से जले हुए अस्थि अवशेष मिलने का दावा किया गया है। मृतका के परिजनों ने उसके दामाद पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर नामजद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अब पोस्टमार्टम और DNA जांच से यह स्पष्ट होगा कि बरामद अवशेष लापता महिला के ही हैं और मौत की असली वजह क्या थी।
31 जुलाई से लापता थीं 65 वर्षीय महिला
पुलिस के अनुसार, 65 वर्षीय वृद्ध महिला 31 जुलाई 2026 से लापता थीं। परिजन उनकी लगातार तलाश कर रहे थे, लेकिन छह दिन तक उनका कोई पता नहीं चल सका।
इसके बाद 6 अगस्त को गांव में स्थित भूसे के कूप से जले हुए अस्थि अवशेष मिलने की सूचना सामने आई। सूचना मिलते ही अमरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
भूसे के कूप से मिले जले हुए अस्थि अवशेष
पुलिस ने मौके से मिले जले हुए अस्थि अवशेषों को कब्जे में लिया। इसके बाद पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर अवशेषों को पोस्टमार्टम और DNA परीक्षण के लिए भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, DNA जांच इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे वैज्ञानिक तरीके से यह पता लगाया जा सकेगा कि बरामद अस्थि अवशेष लापता वृद्ध महिला के ही हैं या नहीं।
दामाद पर सास को भूसे के कूप में जलाने का आरोप
मृतका के पुत्र ने पुलिस को दी गई तहरीर में अपनी बहन के पति यानी मृतका के दामाद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तहरीर के मुताबिक, आरोपी को शक था कि उसकी पत्नी के ससुराल छोड़कर चले जाने के पीछे उसकी सास की भूमिका थी।
इसी बात को लेकर आरोपी कथित तौर पर वृद्ध महिला से रंजिश रखता था। परिजनों का आरोप है कि 31 जुलाई को आरोपी शराब के नशे में घर पहुंचा और गाली-गलौज व विवाद के बाद वृद्ध महिला को भूसे के कूप में डालकर आग लगा दी।
हालांकि, यह आरोप फिलहाल पुलिस जांच का हिस्सा हैं और घटना की वास्तविक परिस्थितियां जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगी।
हत्या का मुकदमा दर्ज, आरोपी हिरासत में
परिजनों की तहरीर के आधार पर अमरिया थाना पुलिस ने नामजद आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 236 के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस ने आरोपी दामाद को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच अधिकारी अब घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, संभावित गवाहों के बयान और फॉरेंसिक जांच के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटे हैं।
DNA रिपोर्ट से पता चलेगा जले अवशेष किसके हैं
इस मामले में सबसे अहम कड़ी DNA परीक्षण को माना जा रहा है। आग में अस्थियां जल जाने के कारण मृतका की पहचान को लेकर वैज्ञानिक पुष्टि जरूरी है।
पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम और DNA रिपोर्ट मिलने के बाद उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट से यह भी जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी कि बरामद अवशेष वास्तव में लापता महिला के हैं या नहीं।
पुलिस हर पहलू से कर रही जांच
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, फॉरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयानों को जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।
फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि 31 जुलाई को महिला के लापता होने से लेकर 6 अगस्त को जले हुए अवशेष मिलने के बीच आखिर क्या हुआ।
गांव में सनसनी, हर किसी की नजर जांच पर
जेठनिया गांव में इस घटना की जानकारी सामने आने के बाद सनसनी फैल गई है। भूसे के कूप से जले हुए अस्थि अवशेष मिलने की खबर से ग्रामीणों में डर और आक्रोश का माहौल बताया जा रहा है।
फिलहाल इस मामले का सबसे बड़ा सवाल यही है कि बरामद अस्थि अवशेष किसके हैं और वृद्ध महिला के लापता होने के पीछे क्या वजह थी। अब पुलिस जांच, पोस्टमार्टम और DNA रिपोर्ट से इस पूरे मामले की असली तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।