Caste Census 2027: केंद्र सरकार ने जनगणना-2027 के Population Enumeration Phase के लिए 40 सवालों की सूची अधिसूचित कर दी है। इसमें पहली बार स्वतंत्र भारत की नियमित जनगणना में सभी समुदायों की जाति की जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके अलावा लोगों से आधार नंबर, वोटर ID, मोबाइल नंबर, बैंक खातों की संख्या, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और कोविड-19 वैक्सीनेशन से जुड़ी जानकारी भी पूछी जाएगी। गृह मंत्रालय की ओर से 14 अगस्त 2026 को इन 40 सवालों को अधिसूचित किया गया है।
जनगणना 2027 में जाति का सवाल नंबर 10 पर
नई प्रश्नावली में SC/ST के साथ Caste यानी जाति को भी शामिल किया गया है। सवाल नंबर 10 में व्यक्ति से अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और जाति से जुड़ी जानकारी ली जाएगी। यह फैसला जनगणना-2027 में जातिगत गणना को शामिल करने के केंद्र के निर्णय के तहत लिया गया है।
40 सवालों में नाम से लेकर राष्ट्रीयता तक की जानकारी
पहले हिस्से में व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्मतिथि और उम्र, वैवाहिक स्थिति, शादी के समय उम्र, पति या पत्नी का नाम, घोषित राष्ट्रीयता और धर्म पूछा जाएगा। इसके साथ पिता और माता से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी।
शिक्षा और भाषा से जुड़े ये सवाल होंगे
जनगणना में दिव्यांगता, मातृभाषा और अन्य ज्ञात भाषाओं, साक्षरता और डिजिटल साक्षरता की स्थिति के बारे में भी पूछा जाएगा। इसके अलावा व्यक्ति किसी शैक्षणिक संस्थान में पढ़ रहा है या नहीं और उसकी सबसे उच्च शैक्षणिक योग्यता तथा स्ट्रीम या विषय की जानकारी भी ली जाएगी।
रोजगार की भी पूरी जानकारी ली जाएगी
रोजगार से जुड़े सवालों में पिछले एक साल में काम किया या नहीं, आर्थिक गतिविधि की श्रेणी, व्यवसाय, उद्योग-व्यापार या सेवा का प्रकार और कामगार की श्रेणी शामिल है। गैर-कामगार या सीमांत/अर्ध-सीमांत कामगारों से गैर-आर्थिक गतिविधि तथा काम की तलाश या काम के लिए उपलब्धता के बारे में भी पूछा जाएगा। काम की जगह तक यात्रा से जुड़ी जानकारी भी दर्ज होगी।
जन्मस्थान और माइग्रेशन पर भी सवाल
व्यक्ति का जन्मस्थान, पिछला निवास स्थान, माइग्रेशन का कारण और पिछली जगह से वर्तमान गांव या शहर में रहने की अवधि पूछी जाएगी। इसके अलावा स्थायी आवासीय पता भी दर्ज किया जाएगा।
महिलाओं से बच्चों से जुड़ी जानकारी भी ली जाएगी
वर्तमान में विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और अलग रह रही महिलाओं से वर्तमान में जीवित बच्चों की संख्या और अब तक जन्मे जीवित बच्चों की संख्या पूछी जाएगी। वर्तमान में विवाहित महिलाओं से पिछले एक साल में जन्मे बच्चों की संख्या भी पूछी जाएगी।
कोविड वैक्सीन कहां लगवाई, यह भी बताना होगा
40 सवालों में कोविड-19 वैक्सीनेशन से जुड़ा सवाल भी शामिल है। लोगों से पूछा जाएगा कि उन्होंने कोविड-19 का टीका कहां लगवाया था। इसके अलावा उनके कुल बैंक खातों की संख्या भी दर्ज की जाएगी।
आधार और मोबाइल नंबर की जानकारी भी मांगी जाएगी
नई जनगणना में मोबाइल नंबर और आधार नंबर का सवाल भी शामिल है। हालांकि दोनों के साथ “if available” यानी उपलब्ध होने पर जानकारी देने का प्रावधान है। इसी तरह वोटर ID नंबर भी पूछा जाएगा।
पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस का भी सवाल
भारतीय पासपोर्ट धारकों से पासपोर्ट नंबर पूछा जाएगा। वहीं ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध है या नहीं, इसकी जानकारी भी प्रश्नावली में शामिल है। यानी जनगणना के 40 सवालों में सामाजिक और आर्थिक जानकारी के साथ कई पहचान और दस्तावेजों से जुड़े विवरण भी शामिल किए गए हैं।
ये हैं जनगणना 2027 के 40 सवाल
पहचान और परिवार
- व्यक्ति का नाम
- परिवार के मुखिया से संबंध
- लिंग
- जन्मतिथि और पूरी हो चुकी उम्र
- वर्तमान वैवाहिक स्थिति
- शादी के समय उम्र
- पति/पत्नी का नाम
- घोषित राष्ट्रीयता
- धर्म
- SC/ST/जाति
- पिता की जानकारी
- माता की जानकारी
शिक्षा और भाषा
- दिव्यांगता
- मातृभाषा और अन्य ज्ञात भाषाएं
- साक्षरता और डिजिटल साक्षरता
- शैक्षणिक संस्थान में पढ़ाई की स्थिति
- उच्चतम शैक्षणिक स्तर और स्ट्रीम/विषय
रोजगार
- पिछले एक साल में कभी काम किया या नहीं
- आर्थिक गतिविधि की श्रेणी
- व्यवसाय
- उद्योग, व्यापार या सेवा का प्रकार
- कामगार की श्रेणी
- गैर-आर्थिक गतिविधि
- काम की तलाश या काम के लिए उपलब्धता
- काम की जगह तक यात्रा
जन्म और माइग्रेशन
- जन्म स्थान
- पिछला निवास स्थान
- माइग्रेशन का कारण
- पिछली जगह से वर्तमान गांव/शहर में रहने की अवधि
- स्थायी आवासीय पता
- वर्तमान में जीवित बच्चों की संख्या
- अब तक जन्मे जीवित बच्चों की संख्या
- पिछले एक साल में जन्मे बच्चों की संख्या
अन्य जानकारी
- कोविड-19 वैक्सीनेशन का स्थान
- कुल बैंक खातों की संख्या
- मोबाइल नंबर, यदि उपलब्ध हो
- आधार नंबर, यदि उपलब्ध हो
- वोटर ID नंबर, यदि उपलब्ध हो
- भारतीय पासपोर्ट धारक होने पर पासपोर्ट नंबर
- ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध है या नहीं।
2011 की जनगणना से क्या बदला?
2011 की जनगणना में 29 सवाल थे, जबकि 2027 की Population Enumeration के लिए 40 सवाल अधिसूचित किए गए हैं। सबसे बड़ा बदलाव जाति की गणना है। 2027 में SC/ST के साथ व्यक्ति की जाति की जानकारी भी ली जाएगी। इसके अलावा डिजिटल साक्षरता, माइग्रेशन, कोविड वैक्सीनेशन, बैंक खातों, मोबाइल, आधार, वोटर ID, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस जैसी जानकारियों को भी प्रश्नावली में जगह मिली है।
स्वतंत्र भारत में पहली बार होगी सभी जातियों की गणना
केंद्र ने 2025 में ही जनगणना-2027 में जातियों की गणना शामिल करने का फैसला किया था। अब 14 अगस्त 2026 को जारी 40 सवालों की सूची में इसे औपचारिक रूप से शामिल कर दिया गया है। जाति से जुड़ी जानकारी Population Enumeration के दूसरे चरण में दर्ज की जाएगी।
भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी
जनगणना 2027 देश की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी। गणनाकर्मी मोबाइल ऐप के जरिए डेटा दर्ज करेंगे। लोगों को Self-Enumeration यानी खुद ऑनलाइन जानकारी दर्ज करने की सुविधा भी दी गई है। सरकार के अनुसार डिजिटल प्रक्रिया से डेटा संग्रह और निगरानी को अधिक तेज और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
जनगणना दो चरणों में होगी
जनगणना-2027 को दो चरणों में कराया जा रहा है। पहला चरण House Listing and Housing Census अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सुविधा के अनुसार कराया जा रहा है। इसमें मकान, आवासीय स्थिति, सुविधाओं और परिवार से जुड़ी जानकारी ली जाती है।
दूसरा चरण Population Enumeration फरवरी 2027 में होगा। लद्दाख और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के बर्फबारी प्रभावित गैर-समान क्षेत्रों में यह चरण सितंबर 2026 में कराया जाएगा। इसी Population Enumeration चरण में जाति की गणना भी की जाएगी।
जनगणना पर खर्च होंगे ₹11,718.24 करोड़
केंद्र सरकार ने जनगणना-2027 के लिए ₹11,718.24 करोड़ के बजट को मंजूरी दी है। इस बड़े अभियान में करीब 30 लाख फील्ड फंक्शनरी शामिल होंगे। डिजिटल डेटा संग्रह, प्रशिक्षण, IT इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य व्यवस्थाओं पर इस राशि का इस्तेमाल किया जाएगा।
जनगणना का डेटा रहेगा गोपनीय
सरकार के अनुसार जनगणना में लोगों से ली गई व्यक्तिगत जानकारी को गोपनीय रखा जाएगा। Census Act की धारा 15 के तहत व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती, RTI के जरिए उपलब्ध नहीं कराई जा सकती और इसे किसी अदालत में सबूत के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
2021 की जनगणना क्यों नहीं हो सकी?
भारत में पिछली जनगणना 2011 में हुई थी। 2021 में होने वाली अगली जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण निर्धारित समय पर नहीं हो सकी। अब Census 2027 देश की 16वीं जनगणना और आजादी के बाद 8वीं जनगणना होगी। इसकी संदर्भ तिथि सामान्य क्षेत्रों के लिए 1 मार्च 2027 तय की गई है।