Iran President India Visit: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान सितंबर में भारत दौरे पर आएंगे। वह 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। ईरानी सूत्रों ने शुक्रवार को उनकी भारत यात्रा की पुष्टि की है। भारत 2026 में BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और इसी के तहत नई दिल्ली में शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच होगा पेजेश्कियान का भारत दौरा
पेजेश्कियान का भारत दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बना हुआ है। ऐसे में उनकी यात्रा के दौरान भारत और ईरान के बीच द्विपक्षीय रिश्तों के साथ-साथ पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर भी बातचीत होने की उम्मीद है। भारत लंबे समय से क्षेत्र में तनाव कम करने और विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए करने की वकालत करता रहा है।
ईरान को भारत से रचनात्मक भूमिका की उम्मीद
ईरान पहले भी भारत से पश्चिम एशिया में तनाव कम करने में रचनात्मक भूमिका निभाने की उम्मीद जता चुका है। जून में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने भारत आए थे। उस दौरान उन्होंने कहा था कि भारत पश्चिम एशिया में तनाव कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है और ईरान भारत की किसी भी रचनात्मक भूमिका का स्वागत करेगा।
BRICS में 2024 में शामिल हुआ था ईरान
ईरान 2024 में BRICS का पूर्ण सदस्य बना था। इसके बाद से तेहरान इस मंच के जरिए आर्थिक और राजनीतिक सहयोग को मजबूत करने पर जोर देता रहा है। ईरान की BRICS में भागीदारी ऐसे समय में और अहम हो गई है, जब संगठन के विस्तार के साथ वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में उसकी भूमिका लगातार बढ़ रही है।
कजान में मोदी और पेजेश्कियान की हुई थी मुलाकात
राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अक्टूबर 2024 में रूस के कजान में हुए BRICS सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। यह पेजेश्कियान के राष्ट्रपति बनने के बाद दोनों नेताओं की पहली मुलाकात थी। दोनों नेताओं ने भारत-ईरान द्विपक्षीय संबंधों और पश्चिम एशिया समेत कई क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की थी।
चाबहार बंदरगाह पर भी हुई थी चर्चा
कजान में मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने चाबहार बंदरगाह और भारत-ईरान सहयोग के महत्व पर भी जोर दिया था। चाबहार बंदरगाह भारत के लिए मध्य एशिया और अफगानिस्तान तक संपर्क बढ़ाने के लिहाज से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
मोदी-पेजेश्कियान के बीच फोन पर भी हुई बातचीत
हाल के महीनों में भारत और ईरान के बीच कूटनीतिक संपर्क भी बढ़ा है। जुलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। इस दौरान पश्चिम एशिया के हालात और क्षेत्रीय शांति पर चर्चा हुई थी।
होर्मुज स्ट्रेट की आवाजाही पर भारत का जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत और कूटनीति के जरिए क्षेत्रीय विवादों का समाधान निकालने की जरूरत बताई थी। इसके साथ ही उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही और व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के महत्व पर भी जोर दिया था। पश्चिम एशिया में तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा और व्यापार के लिहाज से बेहद अहम मार्ग बना हुआ है।
BRICS सम्मेलन में कई बड़े मुद्दों पर नजर
नई दिल्ली में होने वाला BRICS शिखर सम्मेलन भारत की अध्यक्षता में आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। पेजेश्कियान की मौजूदगी से पश्चिम एशिया और भारत-ईरान संबंध भी सम्मेलन के महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल हो सकते हैं।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).