UP News: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के छिकहरा गांव में प्रशासनिक लापरवाही का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। अंतिम संस्कार के लिए जमीन नहीं मिलने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने मुख्य सड़क पर ही महिला का शव रखकर चिता सजा दी। करीब 4 घंटे तक चले हंगामे और विरोध के बाद तहसीलदार मौके पर पहुंचे और नई जमीन चिन्हित कराई। इसके बाद महिला का अंतिम संस्कार हो सका।
बीमारी से 50 वर्षीय तारा देवी की हुई मौत
छिकहरा गांव निवासी दीना अहिरवार की पत्नी तारा देवी की शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे बीमारी के चलते मौत हो गई। तारा देवी की उम्र करीब 50 वर्ष थी। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और उनके पति दीना अहिरवार के पास अंतिम संस्कार के लिए अपनी कोई जमीन नहीं थी।
अंतिम संस्कार की जगह के लिए 8 घंटे भटकते रहे पति
पत्नी की मौत के बाद दीना अहिरवार अंतिम संस्कार के लिए जगह की व्यवस्था कराने के लिए गांव के प्रधान से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक गुहार लगाते रहे। बताया गया कि करीब 8 घंटे तक वह अधिकारियों और प्रधान के चक्कर काटते रहे, लेकिन उन्हें कोई समाधान नहीं मिला।
सड़क पर शव रखकर ग्रामीणों ने लगाया जाम
काफी देर तक सुनवाई नहीं होने से परिजन और ग्रामीण नाराज हो गए। इसके बाद उन्होंने गांव की मुख्य सड़क पर महिला का शव रख दिया और सड़क जाम कर दिया। ग्रामीणों ने सड़क पर ही लकड़ी और कंडे लगाकर चिता सजा ली और अंतिम संस्कार की रस्में शुरू कर दीं। इससे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
4 घंटे तक चला हंगामा
सड़क पर शव रखकर चिता सजाए जाने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। सदर तहसीलदार दिवाकर मिश्रा पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया और अंतिम संस्कार के लिए स्थायी जगह उपलब्ध कराने की मांग की। करीब 4 घंटे तक हंगामा चलता रहा।
पुरानी जगह पर बना दिया गया स्टेडियम
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में जिस जगह पहले अंतिम संस्कार किया जाता था, वहां ग्राम सभा की ओर से स्टेडियम बना दिया गया है। इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए लोगों के सामने जमीन की समस्या खड़ी हो गई।
दूसरी जगह पर रहता है जलभराव
ग्रामीणों के अनुसार, प्राइमरी स्कूल के पास अंतिम संस्कार के लिए जो जगह उपलब्ध कराई गई थी, वहां अक्सर पानी भरा रहता है। जलभराव के कारण उस स्थान पर शव का अंतिम संस्कार करना मुश्किल है। इसी समस्या को लेकर ग्रामीण लंबे समय से परेशान बताए जा रहे हैं।
तहसीलदार ने नई जमीन चिन्हित कराई
मौके पर पहुंचे सदर तहसीलदार दिवाकर मिश्रा ने ग्रामीणों की समस्या सुनी। भारी विरोध के बाद प्रशासन ने ग्राम समाज की नई जमीन चिन्हित कराई। तहसीलदार ने गांव में स्थायी मोक्षधाम बनवाने का आश्वासन भी दिया।
नई जमीन मिलने के बाद शांत हुआ विवाद
प्रशासन की ओर से नई जमीन चिन्हित किए जाने के बाद ग्रामीणों का विरोध शांत हुआ। करीब 4 घंटे से चल रहा हंगामा खत्म हुआ और इसके बाद तारा देवी का अंतिम संस्कार किया जा सका। घटना ने गांवों में अंतिम संस्कार के लिए जमीन जैसी बुनियादी व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।