Gen Alpha: विदिशा जिले के सिरोंज में किराया बढ़ने के खिलाफ ग्रामीण छात्राओं की आवाज आखिरकार रंग लाई। सिरोंज कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं के प्रदर्शन के बाद बस संचालकों ने बढ़ा हुआ किराया वापस घटा दिया है। अब ग्रामीण इलाकों से स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं से पुराने किराए के हिसाब से ही पैसा लिया जाएगा। प्रशासन की सख्ती और छात्राओं के दबाव के बाद हुए इस फैसले से छात्राओं और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिली है।
12 अगस्त को छात्राओं ने किया था प्रदर्शन
दरअसल, 12 अगस्त को छात्राओं ने सिरोंज बस स्टैंड पर करीब 30 मिनट तक प्रदर्शन किया था। छात्राओं का कहना था कि बस किराया बढ़ने से उनके परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने चिंता जताई थी कि अगर किराया इसी तरह बढ़ता रहा तो कई छात्राओं की पढ़ाई पर भी इसका असर पड़ सकता है।
नारेबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने बढ़े हुए किराए के खिलाफ नारे भी लगाए थे। प्रदर्शन से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए, जिसके बाद यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बन गया। छात्राओं की मांग थी कि स्कूल आने-जाने के लिए उनसे पुराना किराया ही लिया जाए।
अब मध्य प्रदेश के विदिशा में Gen Alpha ने मोर्चा खोल दिया.
छात्राओं ने नारे लगाए विधायक जी, हमारा किराया कम करो. बच्चों को लूटना बंद करो.
यहां के विधायक का नाम उमाकांत शर्मा है, जो BJP से हैं. हाल ही में यहां प्राइवेट बसों का किराया बढ़ाया गया है. pic.twitter.com/0OB9P5vWqk
— Indians (@voicesindians) August 12, 2026
मौके पर पहुंचे SDM ओम नारायण बड़कुल
मामला बढ़ने की जानकारी मिलने पर SDM ओम नारायण बड़कुल मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रही छात्राओं से बातचीत की और उनकी समस्या को समझा। SDM ने बस संचालकों से बातचीत कर मामले का समाधान कराने का भरोसा दिया था।
प्रशासन की बैठक के बाद बदला फैसला
इसके बाद प्रशासन की पहल पर SDOP, तहसीलदार, TI और बस संचालकों के साथ बैठक हुई। बैठक में स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं को पुराने किराए पर ही बस सुविधा देने का फैसला लिया गया। बस संचालकों ने बढ़ा हुआ किराया घटाने पर सहमति जताई।
ग्रामीण छात्राओं को मिलेगी सीधे राहत
इस फैसले से उन छात्राओं को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी, जो रोजाना आसपास के गांवों से सिरोंज आकर पढ़ाई करती हैं। अब उन्हें स्कूल आने-जाने के लिए बढ़ा हुआ किराया नहीं देना होगा। इससे उनके परिवारों पर पड़ रहा अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी कम होगा।
SDM बोले- छात्राओं की सुविधा प्राथमिकता
SDM ओम नारायण बड़कुल ने साफ कहा कि छात्राओं की सुविधा को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारियों और बस संचालकों के साथ चर्चा के बाद यह तय किया गया है कि स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं से पुराना किराया ही लिया जाएगा।
छात्राओं की आवाज बनी बदलाव की वजह
सिरोंज में हुआ यह पूरा मामला इस बात का उदाहरण बन गया कि अपनी समस्या को लेकर छात्राओं ने आवाज उठाई तो प्रशासन ने भी मामले में हस्तक्षेप किया। प्रदर्शन के बाद बस संचालकों का बढ़ा हुआ किराया वापस लेना छात्राओं के आंदोलन की बड़ी सफलता मानी जा रही है।
अब राहत कितने समय तक रहेगी, इस पर नजर
फिलहाल छात्राओं और उनके परिवारों को राहत मिल गई है। अब निगाह इस बात पर है कि पुराना किराया आगे भी कायम रहता है या नहीं। साथ ही यह भी देखना होगा कि दूसरे ग्रामीण रूटों पर स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं को भी इसी तरह स्थायी किराये की राहत मिलती है या नहीं।