UP News: उत्तर प्रदेश के बागपत शहर में धर्म परिवर्तन कर आयशा से पूजा बनी महिला के आरोपों से हड़कंप मच गया है। महिला ने पड़ोसियों पर घर में बने मंदिर को तोड़ने, देवी-देवताओं की मूर्तियां खंडित करने और दोबारा मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। महिला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद और सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसकी शिकायत पर पुलिस ने BNS की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महिला बोली- हिंदू धर्म अपनाने के बाद से परेशान किया जा रहा
मामला बागपत शहर के ईदगाह मोहल्ले का बताया जा रहा है। महिला अपना नाम पूजा बताती है। उसके मुताबिक शादी से पहले उसका नाम आयशा था और वह मूल रूप से गाजियाबाद के लोनी इलाके की रहने वाली है।
पूजा का दावा है कि 2001 में उसने मुरादाबाद में धर्म परिवर्तन किया था और इसके बाद मदनपाल नाम के हिंदू युवक से प्रेम विवाह किया। शादी के बाद वह हिंदू धर्म में रह रही है और उसका कहना है कि वह अपने धर्म को लेकर खुश है तथा आगे भी इसी धर्म में रहना चाहती है।
शादी के बाद तीन बेटियां हुईं, पति की हो चुकी है मौत
पूजा के मुताबिक शादी के बाद उसकी तीन बेटियां हुईं। उसके पति मदनपाल की मौत हो चुकी है और अब वह बागपत में अपनी बेटियों के साथ रह रही है।
महिला ने बताया कि उसने अपनी बड़ी बेटी की शादी हिंदू परिवार में की है। वहीं दूसरी बेटी का रिश्ता भी हिंदू परिवार में तय किया गया है। उसका कहना है कि वह अपनी बेटियों के साथ हिंदू रीति-रिवाजों के मुताबिक जीवन जी रही है।
घर में बनाया था छोटा मंदिर, गाय का चित्र भी बनाया
पूजा का आरोप है कि उसने घर में पूजा-पाठ के लिए एक छोटा सा मंदिर बनाया था। घर की दीवार पर गाय का चित्र भी बनाया गया था।
महिला के मुताबिक, पड़ोस में रहने वाले सुलेमान, उसके बेटे नूर मुहम्मद और कुछ अन्य लोगों ने उसके घर में घुसकर हंगामा किया। आरोप है कि इसी दौरान घर में बने मंदिर को तोड़ दिया गया और वहां रखी देवी-देवताओं की मूर्तियों को खंडित कर दिया गया।
मूर्तियां खंडित करने और गाय का चित्र मिटाने का आरोप
महिला ने आरोप लगाया कि उसके घर की दीवार पर बना गाय का चित्र भी मिटा दिया गया। पूजा का कहना है कि पड़ोसी परिवार उसके हिंदू धर्म अपनाने से नाराज है।
उसने आरोप लगाया कि परिवार का बेटा मुफ़्ती है और इसी वजह से उसके परिवार को लेकर आपत्ति जताई जाती है। महिला का दावा है कि उस पर दोबारा मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाया जा रहा है।
हालांकि, इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है और आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
होली-दीवाली मनाने पर भी आपत्ति का आरोप
पूजा का आरोप है कि उसे और उसके परिवार को होली और दीवाली जैसे त्योहार मनाने पर भी आपत्ति जताई जाती है। महिला का कहना है कि वह किसी दबाव में अपना धर्म बदलने या दोबारा मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए तैयार नहीं है।
उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है।
छोटी बेटी पर उर्दू पढ़ने का दबाव बनाने का आरोप
महिला ने अपनी छोटी बेटी को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पूजा का कहना है कि उसकी सबसे छोटी बेटी की स्कूल की पढ़ाई छूट गई है।
उसका आरोप है कि बेटी पर उर्दू पढ़ने का दबाव बनाया जाता था। हालांकि, इस आरोप की भी पुलिस जांच कर रही है और अभी इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वीडियो में घर के बाहर बड़ी संख्या में लोग दिखे
पीड़ित परिवार की ओर से घटना से जुड़े कुछ वीडियो भी रिकॉर्ड किए गए हैं। महिला का दावा है कि इनमें उसके घर में मुस्लिम समुदाय के बड़ी संख्या में लोग मौजूद दिखाई दे रहे हैं।
एक वीडियो में एक मुस्लिम व्यक्ति महिला के साथ कथित तौर पर झगड़ता हुआ नजर आ रहा है। पुलिस इन वीडियो और महिला की शिकायत में लगाए गए आरोपों की भी जांच कर रही है।
समझौते का दबाव बनाने का भी आरोप
पूजा का आरोप है कि घटना के बाद उस पर मामले में समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है। महिला ने साफ कहा है कि वह किसी भी दबाव में धर्म परिवर्तन नहीं करेगी और न ही दोबारा मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए तैयार है।
महिला ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
BNS की इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में BNS की धारा 115(2), 351(2) और 352 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है।
पुलिस जांच में घटना की वास्तविक वजह और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है।
पुलिस बोली- पालतू बिल्ली को लेकर विवाद की बात भी सामने आई
इस मामले में UP Tak से हुई बातचीत में CO बागपत ने बताया कि शुरुआती तौर पर पड़ोसी से पालतू बिल्ली को लेकर विवाद की बात सामने आई है।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, महिला की ओर से लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच की जाएगी। यानी फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
पुलिस जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
बागपत के इस मामले में महिला ने मंदिर तोड़ने, मूर्तियां खंडित करने, धार्मिक त्योहार मनाने से रोकने और दोबारा धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर, पुलिस के सामने पड़ोसी से पालतू बिल्ली को लेकर विवाद की बात भी सामने आई है।
फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और महिला द्वारा लगाए गए आरोपों, वीडियो और घटनाक्रम से जुड़े अन्य सबूतों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि घटना के पीछे वास्तविक विवाद क्या था और महिला के लगाए गए आरोप कितने सही हैं।