Reservation Protest: उत्तर प्रदेश में 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन एक बार फिर शुरू हो गया है। लखनऊ में अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास के सामने धरना देकर ‘आरक्षण दो, न्याय दो’ की मांग उठाई। अभ्यर्थियों का कहना है कि 8 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई होनी है, लेकिन सरकार 6,800 ओबीसी और दलित अभ्यर्थियों की नियुक्ति के मुद्दे पर उनका पक्ष मजबूती से नहीं रख रही है।
लखनऊ की सड़कों पर फिर गूंजी ‘आरक्षण दो, न्याय दो’ की मांग
69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण को लेकर पिछले कई वर्षों से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने राजधानी लखनऊ में एक बार फिर संघर्ष शुरू कर दिया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि उनका आंदोलन अब दोबारा शुरू हो चुका है और वे अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं।
बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास के सामने भूख हड़ताल
इस बार अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास के सामने पहुंचकर भूख हड़ताल शुरू की है। उनका कहना है कि 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण से जुड़े विवाद का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
8 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के मुताबिक, 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले की अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 8 सितंबर को तय है। उनका आरोप है कि सरकार अदालत में उन अभ्यर्थियों का पक्ष नहीं रख रही है, जिनकी नियुक्ति के लिए चयन सूची करीब चार साल पहले जारी की जा चुकी है।
6,800 OBC और दलित अभ्यर्थियों की नियुक्ति का मामला
अभ्यर्थियों का कहना है कि करीब चार साल पहले जारी की गई सूची के आधार पर 6,800 OBC और दलित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिलना था, लेकिन अभी तक उन्हें नियुक्ति नहीं मिली है। इसी मुद्दे को लेकर अभ्यर्थी लगातार सरकार से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
‘5 जनवरी 2022 को सूची जारी हुई, नियुक्ति आज तक नहीं’
अयोध्या से प्रदर्शन में शामिल हुईं अर्चना शर्मा ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी बात रखी थी। उनके मुताबिक, इसके बाद नियुक्ति के लिए 5 जनवरी 2022 को 6,800 अभ्यर्थियों की सूची जारी की गई, लेकिन सूची जारी होने के बावजूद आज तक नियुक्ति नहीं मिली।
‘सुप्रीम कोर्ट में हमारी लिस्ट पर पैरवी नहीं’
प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थी आशुतोष पटेल ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान एक बार भी बेसिक शिक्षा विभाग उनकी चार साल पहले जारी हुई सूची को लेकर पैरवी नहीं कर रहा है। उनका कहना है कि इससे हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य खतरे में है।
अभ्यर्थियों ने सरकार पर लगाया पक्ष नहीं रखने का आरोप
अभ्यर्थियों का कहना है कि जब उनकी नियुक्ति से जुड़ी सूची पहले ही जारी की जा चुकी है, तो सरकार को सुप्रीम कोर्ट में उनके पक्ष को मजबूती से रखना चाहिए। उनका आरोप है कि ऐसा नहीं होने की वजह से नियुक्ति का मामला लगातार अटका हुआ है।
‘मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं हुई तो सामूहिक भूख हड़ताल’
आंदोलन में शामिल यशवंत ने कहा कि आज से शुरू हुआ आंदोलन अब अनवरत चलेगा। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात नहीं कराई गई तो सभी अभ्यर्थी सामूहिक भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
कई अभ्यर्थी आंदोलन में हुए शामिल
प्रदर्शन में गंगा शरण, नजमा, अमर मौर्य, चंदन, संजय और संगम निषाद समेत कई अभ्यर्थी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने अपनी नियुक्ति और आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर सरकार से जल्द फैसला लेने की मांग की।
वर्षों से चल रहा है 69 हजार शिक्षक भर्ती का विवाद
69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण को लेकर अभ्यर्थी लंबे समय से आंदोलन करते रहे हैं। अब सुप्रीम कोर्ट में 8 सितंबर को प्रस्तावित सुनवाई से पहले एक बार फिर आंदोलन तेज हो गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक 6,800 अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता साफ नहीं होता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).