CNG Price Hike: दिल्ली-NCR में CNG इस्तेमाल करने वालों को बड़ा झटका लगा है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने CNG की कीमत में ₹3.89 प्रति किलो की बढ़ोतरी की है। नई कीमत शनिवार सुबह 6 बजे से लागू होगी। इसके बाद दिल्ली में CNG का दाम ₹83.09 से बढ़कर ₹86.98 प्रति किलो हो जाएगा। यह 2026 में CNG की पांचवीं बढ़ोतरी है और साल की शुरुआत से अब तक दिल्ली में CNG ₹9.89 प्रति किलो महंगी हो चुकी है।
दिल्ली में CNG अब ₹86.98 प्रति किलो
IGL के मुताबिक, दिल्ली में CNG की नई कीमत ₹86.98 प्रति किलो होगी। इससे पहले उपभोक्ताओं को ₹83.09 प्रति किलो चुकाने पड़ रहे थे। यानी इस बार एक ही झटके में CNG ₹3.89 प्रति किलो महंगी हुई है।
इस साल पांचवीं बार बढ़े CNG के दाम
2026 में दिल्ली में CNG के दाम अब तक पांच बार बढ़ाए जा चुके हैं। 15 मई से पहले CNG ₹77.09 प्रति किलो थी, जो अलग-अलग बढ़ोतरी के बाद अब ₹86.98 प्रति किलो हो गई है।
दिल्ली में इस साल CNG ₹9.89 महंगी
दिल्ली में 2026 के दौरान CNG की कीमत में कुल ₹9.89 प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। सबसे बड़ी एकमुश्त बढ़ोतरी 29 अगस्त को हुई, जब दाम ₹3.89 प्रति किलो बढ़ाए गए।
कब-कितनी बढ़ी CNG की कीमत?
| तारीख | बढ़ोतरी | नया दाम |
|---|---|---|
| 15 मई | ₹2.00 | ₹79.09/kg |
| 18 मई | ₹1.00 | ₹80.09/kg |
| 23 मई | ₹1.00 | ₹81.09/kg |
| 26 मई | ₹2.00 | ₹83.09/kg |
| 29 अगस्त | ₹3.89 | ₹86.98/kg |
नोट: सभी आंकड़े प्रति किलोग्राम के हिसाब से हैं।
नोएडा और गाजियाबाद में CNG ₹95.59
नई कीमतों के बाद नोएडा और गाजियाबाद में CNG ₹95.59 प्रति किलो हो गई है। वहीं मेरठ में CNG का नया दाम ₹95.47 प्रति किलो और गुरुग्राम में ₹92.01 प्रति किलो है।
अलग-अलग राज्यों में अलग क्यों हैं CNG के दाम?
पेट्रोल और डीजल की तरह CNG की कीमत भी अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में अलग होती है। इसकी एक बड़ी वजह राज्यों में लागू अलग-अलग VAT दरें हैं। इसके अलावा गैस की खरीद और सप्लाई से जुड़ी लागत भी कीमतों को प्रभावित करती है।
IGL ने बताई CNG महंगी करने की वजह
IGL के मुताबिक, CNG के दाम बढ़ाने के पीछे मुख्य वजह LNG की बढ़ती आयात लागत, अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतों में तेजी और CNG की बढ़ती मांग है। कंपनी के अनुसार, इन कारणों से इनपुट गैस की लागत बढ़ी है।
मई में 10 दिनों के अंदर चार बार बढ़े थे दाम
इससे पहले मई में पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कीमतों में तेजी आई थी। इसके बाद IGL ने सिर्फ 10 दिनों के भीतर चार चरणों में CNG की कीमत कुल ₹6 प्रति किलो बढ़ाई थी।
होर्मुज संकट से LNG की सप्लाई पर असर
IGL ने बताया कि पश्चिम एशिया में संकट बढ़ने से होर्मुज स्ट्रेट के जरिए LNG की सप्लाई और माल ढुलाई प्रभावित हुई है। कंपनी के मुताबिक, संकट से पहले की तुलना में वैश्विक LNG कीमतें करीब दोगुनी हो गई हैं।
सर्दियों से पहले यूरोप में गैस की मांग भी बढ़ी
यूरोप में सर्दियों से पहले गैस भंडारण बढ़ाने की जरूरत ने भी अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतों पर दबाव बढ़ाया है। वैश्विक बाजार में कीमतों में तेजी का सीधा असर आयातित LNG की लागत पर पड़ा है।
भारत में CNG की बढ़ती मांग से आयात पर निर्भरता
IGL के मुताबिक, भारत में CNG की मांग लगातार बढ़ रही है। इस मांग को पूरा करने के लिए इनपुट गैस का बड़ा हिस्सा आयातित स्पॉट LNG से पूरा किया जा रहा है। महंगी LNG और घरेलू मांग में बढ़ोतरी के कारण कंपनी की इनपुट गैस लागत बढ़ी है।
महंगी LNG का असर अब CNG पर
कंपनी के मुताबिक, बढ़ी हुई इनपुट गैस लागत के असर को कम करने के लिए CNG की कीमत में ₹3.89 प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है। यानी अंतरराष्ट्रीय गैस बाजार में आई तेजी का असर अब दिल्ली-NCR के CNG ग्राहकों की जेब पर भी दिखाई देगा।
ऑटो और टैक्सी चालकों का खर्च बढ़ेगा
दिल्ली-NCR में बड़ी संख्या में ऑटो, टैक्सी और बसें CNG से चलती हैं। इसके अलावा माल ढुलाई करने वाले कई वाहन भी CNG का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में CNG की कीमत बढ़ने से इन वाहनों का रोजाना संचालन खर्च बढ़ सकता है।
यात्री किराए और माल ढुलाई पर भी असर संभव
ईंधन की लागत बढ़ने का असर आगे चलकर यात्री किराए और माल ढुलाई की लागत पर भी पड़ सकता है। खासकर CNG से चलने वाले वाहनों पर रोजाना निर्भर रहने वाले लोगों और कारोबारों के लिए यह बढ़ोतरी ज्यादा महत्वपूर्ण है।
एशिया में LNG बेंचमार्क कीमत दोगुने से ज्यादा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में LNG की तेजी को एशिया के JKM बेंचमार्क से समझा जा सकता है। इस साल फरवरी में JKM की कीमत करीब 11 डॉलर प्रति MMBTU थी, जो अगस्त में बढ़कर 23.4 डॉलर प्रति MMBTU हो गई।
यूरोप के TTF बेंचमार्क में भी तेज उछाल
यूरोप के TTF गैस बेंचमार्क में भी इसी दौरान बड़ी तेजी देखने को मिली। फरवरी में इसकी कीमत करीब 11.3 डॉलर प्रति MMBTU थी, जो अगस्त में बढ़कर 23.3 डॉलर प्रति MMBTU हो गई। इन वैश्विक कीमतों में तेजी का असर भारत में आयातित गैस की लागत पर भी पड़ा है।
IGL का दावा- CNG अभी भी किफायती विकल्प
CNG की कीमत बढ़ाने के बावजूद IGL का कहना है कि उपभोक्ताओं के लिए CNG दूसरे ईंधनों की तुलना में अभी भी किफायती विकल्प बनी हुई है। हालांकि, दिल्ली-NCR में बड़ी संख्या में CNG वाहन होने के कारण इस बढ़ोतरी का सीधा असर वाहन मालिकों और रोजाना सफर करने वालों के बजट पर पड़ सकता है।