UP News: लखनऊ में बुधवार को समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान अयोध्या में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण से प्रभावित महिलाओं ने अपनी परेशानी बताई। एक महिला अखिलेश यादव के सामने फूट-फूटकर रोने लगी। उसने दावा किया कि रात करीब डेढ़ बजे उसके घर पर बुलडोजर चला दिया गया, जबकि उसके मुताबिक उसका घर सड़क चौड़ीकरण के दायरे में नहीं आ रहा था। दूसरी महिला ने दुकान और मकान खाली करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलने का आरोप लगाया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अयोध्या के ध्वस्तीकरण अभियान के अलावा अखिलेश यादव ने चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची, निर्वाचन आयोग और 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी कई गंभीर दावे और आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश हो रही है और चुनावी प्रक्रिया को लेकर निष्पक्षता के सवाल उठ रहे हैं। उनके इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की जा रही है।
अखिलेश के सामने रोईं अयोध्या की महिला
प्रीति चौहान ने कहा- नवंबर में बेटी की शादी है
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अयोध्या की रहने वाली प्रीति चौहान ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि नवंबर में उनकी बेटी की शादी होनी है। उनके मुताबिक, रात करीब डेढ़ बजे उनके घर पर बुलडोजर चला दिया गया।
प्रीति ने दावा किया कि घर का सारा सामान और जेवर मलबे में चले गए और अब उनके पास कुछ नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि वह अखिलेश यादव के पास मदद की गुहार लगाने आई हैं और उनके बच्चे बाहर बैठे हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि उनका घर सड़क चौड़ीकरण के दायरे में नहीं आ रहा था, फिर भी उसे गिरा दिया गया।
सपना राजपाल बोलीं- आधे घंटे में सामान हटाने को कहा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपना राजपाल ने भी अपनी परेशानी बताई। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें दुकान और मकान खाली करने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया।
सपना के मुताबिक, उन्हें महज आधे घंटे में सामान हटाने को कहा गया। उनके गोदाम में फ्रीजर और रेफ्रिजरेटर रखे थे, लेकिन इसके बावजूद बुलडोजर चला दिया गया।
उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई के बाद उनके परिवार के सामने खाने और दवाइयों तक के पैसे की परेशानी खड़ी हो गई है। उन्होंने कहा कि उन्होंने इससे पहले ऐसा अत्याचार नहीं देखा।
माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी की प्रेस वार्ता – 23/09/2026 https://t.co/hfZVmUIeZO
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) September 23, 2026
अयोध्या में आखिर क्यों चला बुलडोजर?
14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण का मामला
दरअसल, अयोध्या में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण और विस्तार को लेकर प्रशासन ने ध्वस्तीकरण अभियान चलाया था। जनौरा नाका क्षेत्र में कार्रवाई की गई।
हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, प्रशासन ने चिह्नित नजूल भूमि पर बने भवनों को हटाया। प्रशासन का कहना है कि संबंधित भवनों के मुआवजे की प्रक्रिया पूरी की गई थी और कुछ प्रभावित लोग हाईकोर्ट भी गए थे। प्रशासन ने यह भी कहा कि कार्रवाई न्यायालय के दिशा-निर्देशों के बाद की गई।
बुधवार को इस कार्रवाई को लेकर सियासी विवाद और तेज हो गया। सपा सांसद अवधेश प्रसाद भी प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे और विरोध में अनशन पर बैठ गए।
अखिलेश बोले- राम मंदिर और विकास के खिलाफ नहीं
‘अयोध्या को वर्ल्ड क्लास शहर बनाएंगे’
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रभु श्रीराम और अयोध्या के विकास में कोई भी बाधा नहीं बन सकता। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर अयोध्या को दुनिया के सबसे आधुनिक और ‘वर्ल्ड क्लास’ शहरों में विकसित किया जाएगा।
हालांकि, उन्होंने मौजूदा सरकार पर आरोप लगाया कि विकास के नाम पर गरीबों और दुकानदारों को उजाड़ा जा रहा है।
यह आरोप राजनीतिक बयान के रूप में सामने आया है। दूसरी ओर, प्रशासन ने अयोध्या की कार्रवाई को 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण और चिह्नित नजूल भूमि पर बने निर्माण हटाने की कार्रवाई बताया है।
अखिलेश का चुनावी फर्जीवाड़े का दावा
‘फर्जी दस्तखत से 100-100 वोट काटे गए’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने मतदाता सूची को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सुल्तानपुर में एक ऐसे व्यक्ति के नाम से फर्जी हस्ताक्षर तैयार करके करीब 100 लोगों के वोट कटवाने की अर्जी दी गई, जो खुद हस्ताक्षर करना नहीं जानता था।
उन्होंने दावा किया कि नियमों के मुताबिक एक बार में पांच से ज्यादा वोट हटाने की प्रक्रिया नहीं हो सकती, लेकिन ‘दशरथ’ नाम के कथित फर्जी हस्ताक्षर के जरिए 100-100 वोट काटे जा रहे थे।
यह अखिलेश यादव द्वारा किया गया दावा है; इसे संबंधित चुनावी रिकॉर्ड या निर्वाचन आयोग की जांच के आधार पर ही पुष्ट तथ्य माना जा सकता है।
‘भाजपा जीती तो 2027 के बाद चुनाव नहीं होंगे’
अखिलेश ने लगाया लोकतंत्र खत्म करने की साजिश का आरोप
अखिलेश यादव ने कहा कि देश में लोकतंत्र को खत्म करने का बड़ा षड्यंत्र चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि अगर भाजपा को इस बार नहीं रोका गया तो 2027 के बाद लोगों का वोट देने का अधिकार भी छीना जा सकता है।
उन्होंने यहां तक कहा कि 2027 के बाद शायद चुनाव ही न हों।
यह अखिलेश यादव का राजनीतिक दावा है, न कि कोई स्थापित या सत्यापित तथ्य। मौजूदा संवैधानिक व्यवस्था में चुनावों का आयोजन निर्वाचन आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है।
चुनाव आयोग पर भी अखिलेश ने उठाए सवाल
‘निष्पक्षता की उम्मीद नहीं की जा सकती’
अखिलेश यादव ने निर्वाचन आयोग के भीतर कथित मतभेदों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 10 महीने में दो चुनाव आयुक्तों ने आयोग के फैसलों पर 14 बार आपत्ति दर्ज कराई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब चुनाव आयुक्तों की ही बात नहीं सुनी जा रही तो आम मतदाता की शिकायतों का क्या होगा।
उन्होंने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि भविष्य के चुनाव मौजूदा व्यवस्था के तहत नहीं कराए जाने चाहिए। हालिया मीडिया रिपोर्टों में भी दो चुनाव आयुक्तों द्वारा 10 महीनों में 14 बार आपत्ति दर्ज किए जाने की बात रिपोर्ट की गई है।
2022 के चुनाव का भी जिक्र
‘सपा समर्थकों के वोट चिह्नित करके काटे गए’
अखिलेश यादव ने दावा किया कि 2022 के विधानसभा चुनाव में भी सपा समर्थकों के वोट चिह्नित करके काटे गए थे।
उन्होंने उपचुनावों में अधिकारियों की पोस्टिंग को लेकर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि चुनाव को प्रभावित करने के लिए अधिकारियों की मनमानी पोस्टिंग कराई गई।
अखिलेश ने कहा कि उस समय सपा को विरोध दर्ज कराने के लिए कफन लेकर जाने तक की स्थिति बन गई थी।
‘भाजपा किसी की सगी नहीं, जनता चलाएगी बुलडोजर’
मेरठ की घटना का भी किया जिक्र
अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार किसी की सगी नहीं है। उन्होंने मेरठ में भाजपा नेताओं के खिलाफ हुई कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि जो लोग दूसरों की कार्रवाई पर खुश होते थे, कार्रवाई उनके खिलाफ भी हुई।
उन्होंने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। अखिलेश ने दावा किया कि प्रदेश में रोज हत्याएं और लूट हो रही हैं और राजधानी में डिजिटल फ्रॉड के मामले सामने आ रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का ध्यान अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के जरिए चुनावी रणनीति तैयार करने पर है।
‘चुनाव आयोग और भाजपा पूरी तरह एक्सपोज हो चुके’
वोट के अधिकार से सरकार को हटाने का दावा
अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि चुनाव को लेकर सवाल उठाने वालों के बजाय अब चुनाव आयोग और भाजपा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ‘चोरी आप कर रहे हो, पकड़े आप जा रहे हो और ढूंढ किसी और को रहे हो।’
अखिलेश ने दावा किया कि आने वाले समय में जनता अपने वोट के अधिकार का इस्तेमाल करके सरकार को सत्ता से बाहर करेगी। उन्होंने इसके लिए ‘बुलडोजर चलाकर उखाड़ फेंकने’ जैसी राजनीतिक भाषा का इस्तेमाल किया।
कुल मिलाकर, बुधवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने अयोध्या के ध्वस्तीकरण अभियान को लेकर प्रभावित परिवारों की शिकायतों को उठाने के साथ-साथ मतदाता सूची, चुनाव आयोग और 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कई गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए। अयोध्या मामले में प्रशासन की ओर से कार्रवाई को निर्धारित चौड़ीकरण परियोजना, नजूल भूमि और न्यायालयी दिशा-निर्देशों से जोड़ा गया है, जबकि प्रभावित लोगों और सपा की ओर से कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).