Pilibhit News: पीलीभीत में नए जिलाधिकारी आलोक कुमार ने कार्यभार संभालने के बाद ही प्रशासनिक व्यवस्थाओं का मौके पर जाकर जायजा लेना शुरू कर दिया है। देवीपुरा गौशाला में उनके औचक निरीक्षण के दौरान भूसा, हरा चारा, पीने के पानी, साफ-सफाई और बीमार व घायल गोवंशों की देखभाल जैसी व्यवस्थाओं को परखा गया। मौके की स्थिति अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिलने पर डीएम ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और खण्ड विकास अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब कर लिया। खास बात यह है कि पीलीभीत आने से पहले संतकबीरनगर में भी आलोक कुमार के कार्यकाल के दौरान मनरेगा के कामों की जमीनी जांच में रिकॉर्ड और मौके की स्थिति में अंतर सामने आया था। ऐसे में पीलीभीत में उनकी शुरुआत मौके पर जाकर व्यवस्थाओं की पड़ताल और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगने से हुई है।
पीलीभीत में नए DM का पहला बड़ा एक्शन
देवीपुरा गौशाला में जिलाधिकारी आलोक कुमार अचानक व्यवस्थाओं की हकीकत देखने पहुंच गए। उन्होंने गौशाला में मौजूद निराश्रित गोवंशों की स्थिति का जायजा लिया और उनके लिए उपलब्ध भूसा, हरा चारा तथा पीने के पानी की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि गोवंशों को नियमित रूप से हरा चारा उपलब्ध कराया जाए। चारे और पानी की व्यवस्था में किसी भी स्तर पर कमी नहीं रहनी चाहिए। गौशाला में रहने वाले पशुओं की मूलभूत सुविधाओं की लगातार निगरानी करने के भी निर्देश दिए गए।
घायल और बीमार गोवंशों की भी पड़ताल
डीएम ने बीमार और घायल गोवंशों की स्थिति को भी देखा। उन्होंने निर्देश दिए कि दुर्घटना में घायल होकर गौशाला पहुंचने वाले पशुओं की विशेष निगरानी की जाए और उनका नियमित उपचार सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बीमार और घायल पशुओं की देखभाल में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
मृत गोवंशों के रिकॉर्ड भी खंगाले
जिलाधिकारी ने सिर्फ मौके की व्यवस्थाएं ही नहीं देखीं, बल्कि गौशाला में मृत गोवंशों से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की। उन्होंने मृत गोवंशों के पंचनामा रजिस्टर और अन्य अभिलेखों को खंगाला।
इससे साफ है कि निरीक्षण के दौरान प्रशासन का फोकस सिर्फ चारा-पानी और सफाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गौशाला में गोवंशों की संख्या, उनकी स्थिति, उपचार और मृत्यु से संबंधित रिकॉर्ड को भी देखा गया।
टिनशेड और सफाई व्यवस्था में तेजी के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गोवंशों के लिए टिनशेड का निर्माण जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। साथ ही गौशाला की साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी विशेष जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गौशाला में रहने वाले पशुओं के लिए जरूरी मूलभूत सुविधाएं लगातार उपलब्ध रहें। व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी हो और किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने नहीं आनी चाहिए।
अफसरों से मांगा जवाब, जिम्मेदारी तय करने के संकेत
गौशाला में व्यवस्थाएं अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और खण्ड विकास अधिकारी का स्पष्टीकरण तलब किया है।
डीएम की इस कार्रवाई से गौशाला व्यवस्था से जुड़े विभागों में खलबली मच गई। निरीक्षण के दौरान मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी, पशु चिकित्सक समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
पीलीभीत में DM का शुरुआत से ही फील्ड विजिट पर फोकस
संतकबीरनगर से ट्रांसफर होकर पीलीभीत आए आलोक कुमार ने कार्यभार संभालने के बाद जनसुनवाई को प्राथमिकता देने की बात कही थी। साथ ही मीडिया के माध्यम से सामने आने वाली शिकायतों को भी गंभीरता से लेकर उनके निस्तारण की बात कही थी।
अब देवीपुरा गौशाला का औचक निरीक्षण उनकी पीलीभीत में शुरुआती कार्रवाई के तौर पर सामने आया है। यहां उन्होंने मौके की व्यवस्थाएं देखने के साथ रिकॉर्ड की जांच की और कमियां मिलने पर दो जिम्मेदार अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा।
यानी पीलीभीत में नए DM की शुरुआत फिलहाल सिर्फ दफ्तरों तक सीमित नहीं दिख रही है। वे मौके पर जाकर व्यवस्थाओं की हकीकत देखने और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब लेने पर जोर देते नजर आ रहे हैं।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).