रिपोर्ट : संदीप शर्मा
कन्नौज। सुनसान रास्तों पर लिफ्ट मांगने और उसके बाद अपने साथियों के साथ मौका पाकर लूटपाट की घटना को अंजाम देने वाले तीन बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बीते मंगलवार को सुबह इंदरगढ़ थाना पुलिस कटैया नहर पुल के करीब वाहन चेकिंग अभियान चल रही थी। इसी दौरान बाइक सवार तीन बदमाश पुलिस के हत्थे चढ़े। बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बताया कि, फतेहपुर जिले के थाना बिंदकी के कंचनपुर डेरा गांव निवासी 26 वर्षीय अंशू पुत्र नरेश गिहार सहित उसके दो अन्य साथियों जो बाल अपराधी हैं, गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक पकड़े गये बदमाशों ने बताया कि वह सुनसान रास्तों पर पहले आने जानें वाले राहगीरों से मदद मांगते थे, और उसके बाद लूटपाट की घटना को अंजाम देते थे। उपरोक्त बदमाश अंशू ने बीती 14 अगस्त को जिले के मलिकपुर तेराजाकेट रोड ईदगाह के पास अपने साथी 24 वर्ष अभिषेक पुत्र छोटेलाल गिहार निवासी शास्त्रीनगर थाना जैथरा जिला एटा के साथ ई रिक्शा से बैग चोरी किया था, और इसके बाद रिश्तेदारी में चले गये थे। आगे बताया कि,थाना इंदरगढ़ के जगतापुर में मेरे चाचा रहते हैं। इसके अलावा गुरसहायगंज के सरायप्रयाग में मेरी चाची इंद्रा पत्नी धर्मेंद्र रहते हैं। यहां हमारा आना जाना है। उपरोक्त बैग चोरी की घटना के बाद खोलने पर उसमें चांदी के जेवरात मिले थे, जिसको आपस में बांट लिया गया था। आज बाइक से जेवरात बेचने जा रहे थे, तभी पुलिस ने पकड़ लिया, जबकि अभिषेक बाइक सहित फरार होने में सफल हो गया।
बदमाश के साथी संचित यादव पुत्र धीरेंद्र उर्फ धीरी यादव निवासी मिर्जापुर थाना सौंरिख कन्नौज के पास से पुलिस ने एक देसी तमंचा 315 वोर, दो कारतूस, एक लूटा गया मोबाइल, नकदी 450/350 (बाल अपराधियों के पास से) भी बरामद की है। संचित से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने औरैया जिले के थाना बेला के गांव पिपरौली शिव से चोरी गई एक बाइक को भी बरामद किया है। अंशू के साथी जीशान और सचिन की दुकान से बाइक की बरामदगी के बाद पुलिस ने पकड़े गये बदमाशों को जेल भेज दिया है। फरार अभिषेक की तलाश जारी है।

गोरखपुर में हाल ही में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे जिले को हिला दिया। पति-पत्नी के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद और तलाक की कचहरी में खिंचते मामले का नतीजा सरेआम खून-खराबे के रूप में सामने आया। पति ने दिनदहाड़े अपनी पत्नी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने न केवल पारिवारिक कलह की भयावहता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि सामाजिक और मानसिक तनाव किस तरह एक परिवार को तबाह कर सकता है