कानपुर: कानपुर बार एसोसिएशन ने अपने सभागार में स्वर्गीय पं. रामकृष्ण शर्मा की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर उनके चित्र का अनावरण कार्यक्रम आयोजित किया। पं. रामकृष्ण शर्मा ने प्रदेश में अधिवक्ता कल्याण की पहली योजना 1974 में लागू करवाई थी, जिसका स्मरण करते हुए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।मुख्य अतिथि जनपद न्यायाधीश प्रदीप कुमार सिंह ने पं. रामकृष्ण शर्मा के चित्र का अनावरण किया और कहा कि पं. शर्मा के आदर्शों और सिद्धांतों पर चलकर बार और बेंच के बीच सामंजस्य को और मजबूत किया जा सकता है।
इस अवसर पर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अजीत शुक्ला ने पं. रामकृष्ण शर्मा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उन्होंने कानपुर के वरिष्ठ अधिवक्ताओं के साथ मिलकर 1971 में जनवादी अधिवक्ता मंच की स्थापना की थी। इस मंच के माध्यम से वे अधिवक्ता कल्याणकारी योजनाओं की मांग को सरकार तक पहुंचाने में सफल रहे। पं. शर्मा की सबसे बड़ी उपलब्धि 1974 में रही जब उन्होंने हेमवती नंदन बहुगुणा के मुख्यमंत्रित्व काल में प्रदेश में अधिवक्ता कल्याण की योजना को लागू करवाया, जिसके तहत ₹5000 की राशि अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए दी गई।
कार्यक्रम के आयोजक और स्वर्गीय पं. रामकृष्ण शर्मा के पुत्र, पं. रविन्द्र शर्मा, पूर्व अध्यक्ष लॉयर्स एसोसिएशन, ने अपने पिता की स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि उनके पिता के अधूरे सपनों को पूरा करना उनका जीवन का लक्ष्य है। उन्होंने अधिवक्ता पेंशन योजना, स्वास्थ्य बीमा योजना और युवा अधिवक्ता प्रोत्साहन योजना को लागू कराने की बात कही।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से सुदामा प्रसाद (विशेष न्यायाधीश, एससी-एसटी), न्यायाधीश आजाद सिंह, कीर्ति कुणाल (सीएमएम), सूरज मिश्रा, अभिषेक तिवारी (महामंत्री, लॉयर्स एसोसिएशन), शिशिर पांडे (मंत्री), अरविंद दीक्षित, विजय सागर, संजीव कपूर, शिवम गंगवार, अंकुर गोयल, इंद्रेश मिश्रा, शबाना फातमी, विनय तिवारी, मानवेंद्र जोशी, शुभम जोशी, और प्रियम जोशी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में पं. रामकृष्ण शर्मा के योगदान को याद करते हुए सभी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।